AIN NEWS 1 | जौनपुर शहर के सिटी स्टेशन क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध दक्षिणा काली मंदिर में 42वां वार्षिक स्थापना दिवस एवं भव्य श्रृंगार उत्सव कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। धार्मिक आस्था से जुड़े इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों ने सहभागिता कर मां काली का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया, जिसमें माता रानी का विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भक्तिमय कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मंदिर परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं की उपस्थिति से गुलजार रहा और दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा।
इस अवसर पर मुंबई से जनपद आगमन पर पहुंचे शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, मुंबई के उपाध्यक्ष संतोष सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मां काली के दरबार में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजन में उनकी उपस्थिति को श्रद्धालुओं और आयोजकों द्वारा विशेष महत्व दिया गया।
मंच पर हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जौनपुर नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्री दिनेश टंडन द्वारा संतोष सिंह को मंच पर सम्मानित किया गया। मंदिर परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद संतोष सिंह ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि मां काली के दरबार में सम्मानित होना उनके लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने विशेष रूप से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन के लंबे सार्वजनिक जीवन और जनपद के विकास में उनके योगदान की सराहना की। संतोष सिंह ने कहा कि लगभग दो दशकों तक नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए दिनेश टंडन ने जौनपुर के विकास को नई दिशा देने का कार्य किया, जिसके लिए जनपद की जनता सदैव उन्हें याद रखेगी।
आयोजकों का जताया आभार
संतोष सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य आयोजक श्री बंदेश जी एवं पूरी आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जौनपुर की धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत हमेशा से लोगों को जोड़ने का माध्यम रही हैं। दक्षिणा काली मंदिर का स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
मां काली से की मंगलकामना
अपने संबोधन में संतोष सिंह ने माता रानी से प्रार्थना करते हुए कहा कि जौनपुर जनपद के सभी नागरिकों, देश-विदेश में रहने वाले उत्तर भारतीय परिवारों तथा विशेष रूप से मुंबई में निवास कर रहे उत्तर भारतीय समाज पर मां काली की कृपा बनी रहे। उन्होंने सभी के सुख, शांति और समृद्ध जीवन की कामना की।
उन्होंने कहा कि “मां के दरबार में सभी समान हैं और यहां आने वाला हर व्यक्ति एक सेवक के रूप में माता का आशीर्वाद प्राप्त करता है।” उनके इस भावपूर्ण संदेश को उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहा।
भक्ति और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। मंदिर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दक्षिणा काली मंदिर का स्थापना दिवस हर वर्ष क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल रहता है और इसमें दूर-दराज से भी भक्त शामिल होने पहुंचते हैं। यह आयोजन वर्षों से जनपद की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
समाज को जोड़ने का माध्यम बने धार्मिक आयोजन
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं। धार्मिक मंचों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हैं।
मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीय समाज के प्रतिनिधि के रूप में संतोष सिंह की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। इससे यह संदेश भी गया कि अपने मूल जनपद से जुड़ाव और सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखना आज भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
अंत में सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां उपस्थित सभी भक्तों ने मां काली के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।



















