इज़राइल-ईरान टकराव: क्या जंग की शुरुआत हो चुकी है?
AIN NEWS 1: मध्य-पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। खबरें सामने आ रही हैं कि इज़राइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक इस कार्रवाई में संयुक्त राज्य अमेरिका की भी भूमिका बताई जा रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि इसे संभावित जंग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
तेहरान में हमले की खबरें
राजधानी तेहरान से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि हमलों का असर तेहरान यूनिवर्सिटी के आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किया गया। स्थानीय मीडिया के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि कुछ रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों के पास धमाकों की आवाज़ सुनी गई।
हालांकि ईरानी अधिकारियों ने शुरुआती बयान में कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और जांच की जा रही है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस कार्रवाई को बेहद गंभीर बताया जा रहा है।
क्या यह संयुक्त हमला था?
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह हमला इज़राइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा था। इन दावों में कहा गया कि ईरान के कुछ सामरिक और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि न तो वॉशिंगटन और न ही तेल अवीव की ओर से औपचारिक रूप से विस्तृत जानकारी दी गई है।
ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सीमित सैन्य कार्रवाई थी या फिर बड़े टकराव की भूमिका तैयार हो चुकी है?
शीर्ष नेतृत्व पर हमले की अफवाह
सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर यह भी दावा किया गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन पर कथित तौर पर हत्या की कोशिश की गई। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अपुष्ट खबरें तनाव को और भड़का सकती हैं। जब तक किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि न हो, ऐसे दावों को सावधानी से देखना चाहिए।
ईरान का संभावित पलटवार
ईरान ने पहले भी स्पष्ट किया है कि अगर उसकी संप्रभुता या नागरिकों पर हमला हुआ तो वह कड़ा जवाब देगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमले की पुष्टि होती है तो ईरान की ओर से मिसाइल या ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ईरान के पास क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावशाली सहयोगी और समर्थक समूह भी हैं, जो हालात को और जटिल बना सकते हैं। इस वजह से पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हवाई यातायात पर असर
तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी दिखाई दिया। दुबई से तेहरान और मॉस्को जा रही कई फ्लाइट्स को एहतियातन वापस दुबई की ओर मोड़ दिया गया। हालांकि आधिकारिक तौर पर ईरान का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन एयरलाइंस कंपनियां जोखिम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रही हैं।
हवाई मार्ग में यह अनिश्चितता दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति को बेहद संवेदनशील मान रहा है।
क्या व्यापक युद्ध का खतरा?
विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह टकराव आगे बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ इज़राइल और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी देशों, लेबनान, सीरिया और इराक जैसे क्षेत्रों में भी तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका की संभावित भागीदारी इस संघर्ष को वैश्विक आयाम दे सकती है।
वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका है, क्योंकि मध्य-पूर्व वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज है। कई देशों ने संयम बरतने और हालात को और बिगड़ने से रोकने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय कूटनीति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अगर संवाद के रास्ते खुले रहते हैं, तो बड़े युद्ध को टाला जा सकता है।
इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव फिलहाल पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन चुका है। तेहरान में कथित हमलों, शीर्ष नेतृत्व पर हमले की अफवाहों और संभावित पलटवार की आशंका ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
हालांकि कई खबरें अभी अपुष्ट हैं, लेकिन क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह टकराव सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहता है या फिर व्यापक युद्ध का रूप लेता है।
फिलहाल दुनिया की नजर मध्य-पूर्व पर टिकी हुई है, और सभी पक्षों से संयम की उम्मीद की जा रही है।
The Israel Iran conflict has escalated dramatically following reports of joint US and Israeli airstrikes on Tehran, including areas near Tehran University and densely populated streets. Concerns are rising over a possible Iran retaliation, especially after unconfirmed reports of an assassination attempt on Ayatollah Khamenei and President Pezeshkian. Several international flights from Dubai to Tehran and Moscow were diverted amid airspace uncertainty, signaling growing tensions and fears of a wider Middle East war.


















