नमस्कार,
कल की बड़ी खबर ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमले को लेकर रही। दूसरी बड़ी खबर में MP के इंदौर में EV चार्जिंग के दौरान घर जलने को लेकर रही। इसमें 8 लोग जिंदा जल गए।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूपी के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह अयोध्या और मथुरा जाएंगी।
- यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर एयरस्ट्राइक, खाड़ी देशों को दी धमकी; भारत ने भेजी मेडिकल मदद

अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच ईरान पर हमलों का आज 19वां दिन है। इस दौरान अमेरिका और इजराइल ने ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड साउथ पार्स पर बड़ा एयरस्ट्राइक किया। इस हमले में दक्षिणी ईरान के असालुयेह शहर को भी निशाना बनाया गया।
इजराइल ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब को मार गिराया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी देशों में बड़े हमले करने की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
इस बीच भारत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर भी सामने आई है। भारतीय तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट होते हुए UAE के फुजैराह पोर्ट से गुजरात पहुंच गया है। इस टैंकर में करीब 5.8 से 6 लाख बैरल कच्चा तेल लाया गया है।
इसके साथ ही भारत ने मानवीय आधार पर ईरान को मेडिकल सहायता भी भेजी है, जिसमें जरूरी दवाइयां शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
• साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह पर अमेरिका-इजराइल की एयरस्ट्राइक
• इजराइल का दावा, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब मारे गए
• भारत ने ईरान को दवाइयां भेजीं, भारतीय टैंकर सुरक्षित गुजरात पहुंचा
गंगा में इफ्तार पर सियासत तेज: अखिलेश का तंज, कांग्रेस का आरोप; भाजपा बोली—पवित्रता से खिलवाड़ नहीं

वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर रोजा इफ्तार करने वाले मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गंगा में इफ्तार नहीं किया जा सकता।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि डीएम, एसपी और एसओ को इफ्तारी देनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि “हथेली गरम होती तो पुलिस नरम रहती”, उनका इशारा कथित रूप से रिश्वत की ओर था। उनका कहना है कि युवकों ने ऐसा नहीं किया, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जल्दबाजी में कार्रवाई कर रही है और कानून के दुरुपयोग का रिकॉर्ड बनाना चाहती है।
वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गंगा की पवित्रता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
• गंगा में नाव पर इफ्तार करने वाले युवकों की गिरफ्तारी से विवाद
• अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, लगाया तंज
• कांग्रेस ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया, भाजपा ने पवित्रता का मुद्दा उठाया
स्टेज पर नाम भूलने पर ब्रजेश पाठक ने मांगी माफी, बोले—बहुमत की ओर देखने लगे थे

उत्तर प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प वाकया सामने आया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मंच पर बैठे रालोद मंत्री अनिल कुमार का नाम भूल गए।
जब उनके पास खड़े सहयोगी ने उन्हें नाम याद दिलाया, तो ब्रजेश पाठक ने तुरंत हाथ जोड़कर मंत्री से माफी मांगी। इतना ही नहीं, वे उनके पास गए और उन्हें गले लगाकर अपनी गलती सुधारने की कोशिश की।
इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “गलती हो गई… मंत्रीजी, क्षमा करना। हम आपको देख नहीं पाए। हम सामने वालों की तरफ देखने लगे। लोकतंत्र में बहुमत की तरफ देखा जाता है।”
डिप्टी सीएम की इस बात को सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत मंच पर मौजूद सभी मंत्री मुस्कराने लगे और माहौल हल्का हो गया।
यह कार्यक्रम योगी सरकार के 9 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें सरकार की वार्षिक किताब ‘नवनिर्माण’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्य बिंदु:
• ब्रजेश पाठक स्टेज पर मंत्री अनिल कुमार का नाम भूल गए
• माफी मांगते हुए गले लगाया, हल्के अंदाज में दिया बयान
• योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित
यूपी पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक संभव, OBC आयोग जल्द बनेगा: ओपी राजभर

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि राज्य में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक कराए जा सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
राजभर ने बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अगली कैबिनेट बैठक तक OBC आयोग का गठन भी कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
वहीं, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने बड़ा दावा किया। राजभर ने कहा कि अगली बार भी NDA ही सरकार बनाएगा और नाराजगी कोई बड़ा फैक्टर नहीं बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा, जबकि सहयोगी दलों के नेताओं को विधायक और मंत्री बनने का अवसर मिलेगा।
सीटों के बंटवारे को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि गठबंधन में किसी तरह का विवाद नहीं है और सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
मुख्य बिंदु:
• यूपी में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक कराए जाने की संभावना
• अगली कैबिनेट बैठक तक OBC आयोग गठन की तैयारी
• 2027 में NDA की जीत का दावा, सीट बंटवारे पर विवाद से इनकार
इंदौर में EV चार्जिंग के दौरान भीषण आग, 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत
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मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के दौरान लगी आग ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। रबर कारोबारी के तीन मंजिला मकान में टाटा पंच इलेक्ट्रिक कार चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क गई।
आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में गर्भवती महिला समेत 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि एक बच्चे के शव को बॉक्स में रखना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, आग के दौरान घर में रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे मकान का एक हिस्सा ढह गया। वहीं, घर में लगे डिजिटल लॉक के नहीं खुल पाने के कारण लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बावजूद गाड़ियां करीब एक घंटे की देरी से पहुंचीं, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
हादसे के बाद परिवार ने तिलकनगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया, जहां एक साथ 7 चिताएं जलने का मार्मिक दृश्य सामने आया।
मुख्य बिंदु:
• EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से तीन मंजिला घर में लगी आग
• गर्भवती महिला समेत 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत
• फायर ब्रिगेड की देरी और डिजिटल लॉक न खुलने से बढ़ी त्रासदी
रूस ने पाकिस्तान को सस्ता तेल देने की पेशकश की, कहा—पहले इस्लामाबाद करे आधिकारिक पहल

रूस ने पाकिस्तान को रियायती दरों पर कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) सप्लाई करने की पेशकश की है। पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा कि रूस तैयार है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को खुद आधिकारिक तौर पर पहल करनी होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान को रोजाना लगभग 5 से 6 लाख बैरल कच्चे तेल की जरूरत होती है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान सरकार की ओर से रूस को कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।
इस बीच, पाकिस्तान की ऊर्जा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। पेट्रोलियम सचिव ने संसद की एक समिति को बताया कि देश के पास फिलहाल सिर्फ 11 दिन का कच्चा तेल बचा है, जिससे संकट और गहरा सकता है।
कीमतों की बात करें तो रूसी कच्चा तेल 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल के बीच उपलब्ध है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार के 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले काफी सस्ता है। ऐसे में अगर पाकिस्तान रूस से तेल आयात करता है, तो उसे आर्थिक राहत मिल सकती है।
मुख्य बिंदु:
• रूस ने पाकिस्तान को सस्ता तेल देने की पेशकश की, आधिकारिक पहल का इंतजार
• पाकिस्तान के पास सिर्फ 11 दिन का कच्चा तेल भंडार बचा
• रूसी तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार से काफी सस्ता, आर्थिक राहत की संभावना
हवाई यात्रियों को बड़ी राहत: अब 60% सीटों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

सिविल एविएशन मंत्रालय ने घरेलू हवाई यात्रा को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से नए नियम लागू किए हैं। इन नए निर्देशों के तहत अब एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी।
अब तक यात्रियों को सीट चुनने और अन्य सेवाओं के लिए 3000 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था, जिससे यात्रा महंगी हो जाती थी। नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों को इस अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एक ही PNR (बुकिंग रेफरेंस) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ में बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे परिवार और समूह के यात्रियों को सुविधा होगी।
यह नियम सभी घरेलू उड़ानों पर लागू होंगे और इससे हवाई यात्रा का अनुभव अधिक सरल और किफायती बनने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु:
• हर फ्लाइट में 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के देनी होंगी
• पहले सीट चयन पर 3000 रुपए तक अतिरिक्त चार्ज लगता था
• एक ही PNR वाले यात्रियों को साथ बैठाने का नियम लागू
क्यूबा को लेकर ट्रम्प का बड़ा बयान, बोले—किसी भी तरह हासिल करूंगा; अमेरिका-क्यूबा तनाव फिर चर्चा में

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने क्यूबा को लेकर एक बेहद कड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह किसी न किसी रूप में क्यूबा को अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। ट्रम्प ने कहा, “मैं क्यूबा को हासिल करके रहूंगा, चाहे उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं।”
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प का यह रुख अमेरिका की अब तक की क्यूबा नीति से काफी अलग और आक्रामक माना जा रहा है। अमेरिका के इतिहास में कई राष्ट्रपति क्यूबा के साथ तनावपूर्ण संबंधों में रहे हैं, लेकिन इस तरह खुले तौर पर कब्जे की बात पहले नहीं कही गई थी।
अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव का इतिहास काफी पुराना है। दोनों देशों के रिश्तों में खटास 1959 की क्यूबा क्रांति के बाद आई, जब फिदेल कास्त्रो ने सत्ता संभाली और अमेरिकी कंपनियों की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया। इसके जवाब में अमेरिका ने क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए, जो लंबे समय तक जारी रहे।
ट्रम्प के इस ताजा बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को एक बार फिर वैश्विक बहस का मुद्दा बना दिया है।
मुख्य बिंदु:
• ट्रम्प ने क्यूबा को किसी भी रूप में हासिल करने की कही बात
• बयान को अमेरिका की आक्रामक नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा
• 1959 की क्यूबा क्रांति के बाद से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण रहे


















