लखनऊ में डिप्टी सीएम आवास पर BJP कोर कमेटी की अहम बैठक, नई प्रदेश टीम और मोर्चा अध्यक्षों पर मंथन
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन काफी अहम रहा, जब लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कई मायनों में खास रही, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान नोएडा दौरे पर थे और समय पर लखनऊ नहीं पहुंच पाए। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में ही बैठक संपन्न हुई।
क्यों खास रही यह बैठक?
योगी सरकार के करीब 9 साल के कार्यकाल में यह पहला मौका था जब कोर कमेटी की बैठक मुख्यमंत्री आवास के बजाय किसी डिप्टी सीएम के घर पर हुई। आमतौर पर ऐसी बैठकें 5 कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास या भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में ही आयोजित होती रही हैं। इस बार स्थान और परिस्थितियों ने इस बैठक को और भी ज्यादा चर्चा में ला दिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा
बैठक का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करने पर रहा। खासतौर पर नई प्रदेश टीम के गठन और विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद नेताओं ने यह तय किया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मिलकर एक संभावित टीम का पैनल तैयार करेंगे। इस पैनल को बाद में कोर कमेटी के सामने रखा जाएगा, जहां विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
किन-किन मोर्चों में होंगे बदलाव?
भाजपा संगठन को और सक्रिय बनाने के लिए पार्टी ने अपने विभिन्न मोर्चों में बदलाव की तैयारी कर ली है। जिन मोर्चों के अध्यक्ष बदले जाएंगे, उनमें शामिल हैं—
युवा मोर्चा
महिला मोर्चा
किसान मोर्चा
ओबीसी मोर्चा
अनुसूचित जाति मोर्चा
अनुसूचित जनजाति मोर्चा
अल्पसंख्यक मोर्चा
इन मोर्चों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति जल्द की जाएगी। हालांकि, जिन नेताओं को इन पदों से हटाया जाएगा, उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पार्टी उन्हें प्रदेश टीम या अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में समायोजित करने की योजना बना रही है।
तय समयसीमा
बैठक में संगठनात्मक बदलावों के लिए स्पष्ट समयसीमा भी तय की गई—
30 मार्च तक सभी जिलों की जिला कार्यकारिणी का गठन पूरा किया जाएगा।
15 अप्रैल तक नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी जाएगी।
15 मई तक विभिन्न निगम, आयोग और बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।
इस टाइमलाइन से साफ है कि भाजपा आने वाले समय में संगठनात्मक रूप से खुद को तेजी से मजबूत करना चाहती है।
संघ और सरकार के साथ समन्वय
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), सरकार और पार्टी संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया। हाल ही में हुई समन्वय बैठक में लिए गए फैसलों को जमीन पर उतारने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया।
पार्टी नेताओं ने भरोसा दिलाया कि संगठन और सरकार मिलकर काम करेंगे, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके और चुनावी स्तर पर भी पार्टी की स्थिति मजबूत बनी रहे।
पंचायत चुनाव और OBC आयोग पर चर्चा
बैठक में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी मंथन हुआ। खासतौर पर OBC आयोग के गठन को लेकर चर्चा हुई, क्योंकि यह मुद्दा चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन विस्तार को भी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य से जुड़ा संदर्भ
दिलचस्प बात यह भी रही कि अब तक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर कभी कोर कमेटी की बैठक आयोजित नहीं हुई। हालांकि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों जैसे दत्तात्रेय होसबोले और कृष्ण गोपाल के साथ बैठक के बाद उनके आवास पर सामूहिक भोज जरूर हुआ था।
क्या संकेत देती है यह बैठक?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बैठक भाजपा के अंदर बड़े संगठनात्मक बदलावों का संकेत दे रही है। पार्टी अब नए चेहरों को मौका देने और पुराने नेताओं को नई भूमिकाओं में लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसके साथ ही, पंचायत चुनाव और भविष्य के बड़े चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना चाहती है।
लखनऊ में हुई यह कोर कमेटी की बैठक सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह भाजपा की आगामी रणनीति की झलक भी थी। संगठन में बदलाव, नई नियुक्तियां और स्पष्ट समयसीमा इस बात का संकेत हैं कि पार्टी आने वाले चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार होने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
The BJP core committee meeting held at Brajesh Pathak’s residence in Lucknow marks a significant development in Uttar Pradesh politics. Key discussions focused on the formation of the new UP BJP team, appointment of front organization presidents, and strategic planning for upcoming elections. In the absence of Chief Minister Yogi Adityanath, senior leaders emphasized strengthening party structure, coordination with RSS, and completing district-level and state-level appointments within deadlines, making it a crucial step in BJP’s political roadmap in Uttar Pradesh.


















