AIN NEWS 1: भारत में अगली जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इस बार प्रक्रिया पहले से काफी अलग और आधुनिक रहने वाली है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में भी प्रशासन ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जिला अधिकारियों की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें और ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें।
हाल ही में गाजियाबाद प्रशासन की ओर से डिजिटल जनगणना और सेल्फ एन्यूमरेशन को लेकर जानकारी साझा की गई। इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर “जनगणना 2027” क्यों कहा जा रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार की योजना के अनुसार देश में अगली बड़ी जनगणना प्रक्रिया 2027 के आसपास पूरी तरह लागू होने की संभावना बताई जा रही है, जबकि अभी कई राज्यों और जिलों में इसकी प्रारंभिक डिजिटल तैयारियां और जागरूकता अभियान शुरू हो चुके हैं।
क्या है डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन
पहले जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी दर्ज करते थे, लेकिन अब सरकार डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दे रही है। नई प्रक्रिया के तहत लोग खुद भी ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकेंगे। इस व्यवस्था को “सेल्फ एन्यूमरेशन” कहा जा रहा है।
ऑनलाइन फॉर्म में परिवार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी जाएंगी, जैसे:
परिवार के सदस्यों की संख्या
शिक्षा और रोजगार
घर की स्थिति
वैवाहिक स्थिति
भाषा और अन्य सामाजिक जानकारी
फॉर्म पूरा करने के बाद नागरिकों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसका उपयोग बाद में सत्यापन के लिए किया जाएगा।
गाजियाबाद प्रशासन ने क्या कहा
गाजियाबाद प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिक समय रहते अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकें। अधिकारियों के अनुसार सही डेटा मिलने से सरकार को विकास योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने आरडब्ल्यूए, सोसायटी, स्थानीय संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों से भी सहयोग मांगा है। कई इलाकों में पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जानकारी दी जा रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना
जनगणना किसी भी देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया मानी जाती है। इसके जरिए सरकार को यह पता चलता है कि किसी क्षेत्र में कितनी आबादी है और लोगों की जरूरतें क्या हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर:
नए स्कूल बनाए जाते हैं
अस्पतालों का विस्तार होता है
सड़क और परिवहन योजनाएं तैयार होती हैं
सरकारी योजनाओं का बजट तय किया जाता है
गाजियाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए सही जनसंख्या डेटा बेहद जरूरी माना जा रहा है।
सोशल मीडिया अफवाहों से बचने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी लिंक या अफवाह पर भरोसा न करें। केवल सरकारी पोर्टल और आधिकारिक जानकारी का ही उपयोग करें। अगर कोई संदेह हो तो संबंधित विभाग से संपर्क करें।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा अधिक सटीक मिलेगा। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं को लागू करना आसान होगा। यह कदम “डिजिटल इंडिया” अभियान को भी मजबूत करेगा।
आधिकारिक लिंक
Self Enumeration Portal (जनगणना ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए):
https://se.census.gov.in
गाजियाबाद जिला प्रशासन की आधिकारिक Census 2027 वेबसाइट:
https://ghaziabad.nic.in/en/census-2027-2/
भारत सरकार PIB अपडेट:
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2255461


















