AIN NEWS 1: 14 अप्रैल 2026 को देशभर में संविधान निर्माता भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इसी क्रम में पश्चिम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शास्त्री नगर स्थित हिन्दू जागरण मंच के कार्यालय पर भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बाबा साहेब को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और प्रेरणा से भरा हुआ था। उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके जीवन तथा विचारों को याद किया। इस अवसर पर संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अंबेडकर के विचारों को बताया मार्गदर्शक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिन्दू जागरण मंच पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और दूरदर्शी विचारक भी थे। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव प्रदान की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अंबेडकर का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति समाज में ऊंचा स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था।
“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध मूल मंत्र—“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संदेश आज के युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी और आपसी एकता बनाए रखनी होगी।
वक्ताओं ने यह भी बताया कि अंबेडकर ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने संविधान के माध्यम से हर नागरिक को समान अधिकार दिलाने का काम किया।
संविधान निर्माण में योगदान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंबेडकर के संविधान निर्माण में दिए गए योगदान को भी विस्तार से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा है, जो हर नागरिक को समान अवसर और अधिकार देता है।
उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार और कर्तव्य समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। बाबा साहेब ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहां हर व्यक्ति को सम्मान और न्याय मिले।
विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा
कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर के साहित्य और उनके विचारों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनकी रचनाएं समाज को सोचने और आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे और लोगों को जागरूक करने का काम किया।
हालांकि, वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी ऐतिहासिक या वैचारिक सामग्री को संदर्भ के साथ समझना जरूरी है, ताकि समाज में सकारात्मक सोच और सामंजस्य बना रहे।
कार्यक्रम में शामिल रहे ये लोग
इस अवसर पर हिन्दू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष मांगेराम त्यागी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुंदरदास, रजत गोयल, गौरव चौधरी, ऋषभ सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, राजवंश, राकेश कुमार, शिवम, कुलदीप राणा, प्रताप सिंह और सन्नी समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
सभी ने एक स्वर में बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उनका जीवन और संघर्ष हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, समानता और न्याय के रास्ते पर चलकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
आज के समय में जब समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब बाबा साहेब के विचार हमें सही दिशा दिखाते हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम एक बेहतर और समरस भारत का निर्माण कर सकते हैं।
Ambedkar Jayanti 2026 was observed with great respect in Saharanpur, where members of Hindu Jagran Manch paid tribute to Dr. B.R. Ambedkar, the architect of the Indian Constitution. Leaders highlighted the importance of education, unity, and social equality, emphasizing Ambedkar’s vision for an inclusive and progressive India. The event focused on his timeless message of “Educate, Organize, Agitate,” inspiring people to work towards social justice and national development.


















