AIN NEWS 1: गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके से एक गंभीर पारिवारिक विवाद और घरेलू हिंसा का मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने पति की कथित दूसरी शादी को रोकने पहुंची, तो उसके साथ और उसके परिवार के सदस्यों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामला कहां का है?
यह घटना गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित वेव सिटी की बताई जा रही है। यहां स्थित एक मैरिज गार्डन में यह पूरा विवाद हुआ, जहां कथित तौर पर दूसरी शादी की तैयारी चल रही थी।
पीड़िता कौन है?
पीड़िता की पहचान इशरत के रूप में हुई है, जो दिल्ली के खजूरी खास इलाके की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका निकाह 18 दिसंबर 2022 को नूर आलम नामक युवक के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे और घरेलू विवाद बढ़ते चले गए।
इशरत ने यह भी बताया कि उनका एक 5 महीने का बेटा है, और वर्तमान में वह अपने मायके में रह रही हैं।
पहले से चल रहा है केस
पीड़िता के अनुसार, पति और ससुराल पक्ष के साथ विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में भरण-पोषण (Maintenance) और घरेलू हिंसा का केस पहले ही दायर कर रखा है। यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है।
इस पूरे घटनाक्रम में पीड़िता की ओर से अधिवक्ता रेश्मा उनका केस देख रही हैं और कानूनी प्रक्रिया में उनका प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
घटना कैसे हुई?
पीड़िता के मुताबिक, 15 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली कि उनके पति नूर आलम अपने परिवार के साथ मिलकर दूसरी शादी कर रहे हैं। यह शादी वेव सिटी के एक गार्डन में हो रही थी।
इस सूचना के बाद इशरत अपने भाइयों और अन्य परिजनों के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां जाकर उन्होंने इस शादी का विरोध किया और बताया कि जब तक उनका पहला निकाह कानूनी रूप से खत्म नहीं होता, तब तक दूसरी शादी करना गैर-कानूनी है।
आरोप: मारपीट और धमकी
पीड़िता का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने शादी का विरोध किया, उनके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने आक्रामक रुख अपना लिया। उनके भाइयों के साथ जमकर मारपीट की गई।
इशरत का कहना है कि:
उन्हें और उनके परिवार को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं
मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें धक्का दिया और मारने की कोशिश की
जान से मारने की धमकी दी गई
यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद कई लोगों के सामने हुआ, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
किन-किन पर लगे आरोप?
पीड़िता ने अपने पति नूर आलम के अलावा उसके परिवार के कई सदस्यों पर आरोप लगाए हैं। इनमें शामिल हैं:
पिता: हाजी महरोज
मां: सितारा
ननद: साइमा
ननदोई: जान मोहम्मद
अन्य रिश्तेदार
इन सभी पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस क्या कह रही है?
इस मामले में पीड़िता ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की है। वेव सिटी के एसीपी प्रियाश्री पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि:
“हमें शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी नजरिए से मामला
कानून के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की पहली शादी कानूनी रूप से खत्म नहीं हुई है और वह दूसरी शादी करता है, तो यह दंडनीय अपराध माना जाता है। खासकर मुस्लिम पर्सनल लॉ में कुछ परिस्थितियों में बहुविवाह की अनुमति है, लेकिन इसके लिए भी नियम और शर्तें होती हैं।
यदि पहली पत्नी की सहमति या उचित कारण के बिना दूसरी शादी की जाती है, तो यह विवाद का विषय बन सकता है और अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
सामाजिक सवाल
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल भी है।
क्या महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति पर्याप्त जागरूक किया जा रहा है?
क्या घरेलू हिंसा के मामलों में समय पर न्याय मिल रहा है?
क्या समाज में ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है?
ये सवाल इस घटना के बाद और भी अहम हो जाते हैं।
पीड़िता की मांग
इशरत ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और वह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।
A disturbing case from Ghaziabad’s Wave City highlights serious concerns over domestic violence and illegal second marriage practices in India. A woman alleged that she was physically assaulted by her husband and in-laws while attempting to stop his second marriage, despite their existing marriage and an ongoing case in Karkardooma Court. The incident raises questions about women’s safety, legal rights in Muslim marriage law, and the effectiveness of law enforcement in handling domestic disputes and threats in Uttar Pradesh.


















