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मिर्जापुर में लग्जरी गाड़ियों से 2 करोड़ रुपये बरामद, आयकर विभाग ने व्यापारियों को भेजा नोटिस, हवाला कनेक्शन की भी जांच!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के चिल्ह थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान दो लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ियों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इस बड़ी बरामदगी के बाद आयकर विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है और संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी कर पैसों का पूरा हिसाब मांगा है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार रात उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि बड़ी मात्रा में नकदी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने चिल्ह क्षेत्र में वाहन जांच अभियान चलाया और संदिग्ध लगने वाली दो फॉर्च्यूनर गाड़ियों को रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक गाड़ी से भारी मात्रा में नकदी मिली। दूसरी गाड़ी में वे व्यापारी सवार थे जो कथित रूप से इस रकम को अपने साथ लेकर जा रहे थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। मौके पर नगर मजिस्ट्रेट भी पहुंचे और पूरी कार्रवाई उनकी निगरानी में की गई।

इसके बाद बरामद नकदी को सुरक्षा के साथ थाने लाया गया। रकम की सटीक गिनती के लिए नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद राशि लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह नकदी वाराणसी से मिर्जापुर लाई जा रही थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम को लेकर यात्रा करने के पीछे क्या कारण था और इसके लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

मामले में जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनमें मध्य प्रदेश के सीधी जिले के निवासी अभिनीत बंसल और भारत सिंह शामिल हैं। दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई, जिसके बाद आयकर विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद आयकर विभाग ने औपचारिक जांच शुरू करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया।

आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस में व्यापारियों से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे गए हैं। विभाग ने पूछा है कि बरामद की गई नकदी का वास्तविक मालिक कौन है, यह पैसा कहां से आया था और इसे किस उद्देश्य से तथा किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। साथ ही व्यापारियों से कहा गया है कि वे नकदी से जुड़े सभी वैध दस्तावेज, खातों का विवरण और कारोबारी रिकॉर्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें।

सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों को नोटिस का जवाब देने के लिए चार दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें आयकर विभाग के समक्ष सभी आवश्यक कागजात जमा करने होंगे। यदि दस्तावेज संतोषजनक पाए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी आधार पर तय की जाएगी।

पूछताछ के दौरान अभिनीत बंसल और भारत सिंह ने दावा किया है कि बरामद की गई राशि उनके ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से संबंधित है। उनका कहना है कि यह नकदी वैध कारोबारी लेन-देन का हिस्सा थी और इसे व्यापारिक जरूरतों के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि, केवल दावा करने भर से मामला समाप्त नहीं होगा। आयकर विभाग अब उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच करेगा ताकि धनराशि के स्रोत और उपयोग की पुष्टि की जा सके।

इस बीच जांच एजेंसियां हवाला नेटवर्क की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। इसी कारण आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और कारोबारी दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।

फिलहाल बरामद की गई नकदी को सुरक्षित रूप से सरकारी अभिरक्षा में रखा गया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और धनराशि के संबंध में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक रकम को जारी नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि व्यापारी नकदी के संबंध में वैध और संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत कर देते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और रकम लौटाने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन यदि धनराशि के स्रोत को लेकर कोई अनियमितता या अवैध लेन-देन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आयकर कानून और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

मिर्जापुर में हुई यह बरामदगी प्रदेश के हालिया बड़े नकदी मामलों में शामिल मानी जा रही है। अब सभी की नजर आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट और व्यापारियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने ला सकते हैं।

A major cash recovery case has surfaced in Mirzapur, Uttar Pradesh, where nearly ₹2 crore was seized from two Toyota Fortuner SUVs during a police checking operation. The Income Tax Department has issued notices to traders linked to the cash and sought detailed explanations regarding the ownership, source, and destination of the money. Officials are also investigating possible hawala connections while verifying documents related to the transport business claimed by the traders. The Mirzapur cash seizure has attracted significant attention due to the large amount involved and the ongoing tax investigation.

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