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आरबीआई के नए ऑटो पेमेंट नियम लागू: अब किस्त कटने से 24 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट, ग्राहकों को ज्यादा नियंत्रण!

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आरबीआई के नए ऑटो पेमेंट नियम लागू: अब किस्त कटने से 24 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट, ग्राहकों को ज्यादा नियंत्रण

AIN NEWS 1: भारत में डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑटो पेमेंट यानी ई-मैंडेट से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। ये बदलाव उन करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए राहत लेकर आए हैं, जिनके खाते से हर महीने किसी न किसी सेवा के लिए पैसे अपने आप कट जाते हैं—जैसे OTT सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम, बिजली-पानी के बिल या लोन की EMI।

इन नए नियमों का मकसद ग्राहकों को उनके पैसों पर ज्यादा नियंत्रण देना और अनचाहे ट्रांजैक्शन से बचाना है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि क्या बदला है और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा।

ऑटो पेमेंट से पहले अब जरूरी होगा रजिस्ट्रेशन और सत्यापन

नए नियमों के तहत अब किसी भी ऑटो डेबिट सुविधा को शुरू करने से पहले ग्राहक को एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा। इस प्रक्रिया में अतिरिक्त सत्यापन (Authentication) भी जरूरी होगा।

इसका मतलब यह है कि अब कोई भी कंपनी या सेवा प्रदाता आपकी अनुमति के बिना आपके खाते से पैसे नहीं काट पाएगा। पहले कई बार ऐसा होता था कि लोग अनजाने में किसी सेवा के लिए सब्सक्रिप्शन ले लेते थे और पैसे अपने आप कटते रहते थे। अब इस पर काफी हद तक रोक लगेगी।

24 घंटे पहले मिलेगा पेमेंट का अलर्ट

आरबीआई का सबसे अहम बदलाव यह है कि अब हर ऑटो पेमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को सूचना देना अनिवार्य होगा।

इस नोटिफिकेशन में ये सभी जानकारी शामिल होगी:

कंपनी या मर्चेंट का नाम

कटने वाली राशि

भुगतान की तारीख

ट्रांजैक्शन का रेफरेंस नंबर

इससे ग्राहकों को यह पता रहेगा कि कब और कितना पैसा उनके खाते से कटने वाला है। अगर कोई गलती या अनचाहा भुगतान दिखे, तो वे समय रहते उसे रोक सकते हैं।

₹15,000 तक के भुगतान पर OTP की जरूरत नहीं

राशि से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है।

₹15,000 तक के ऑटो डेबिट भुगतान के लिए हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी

₹15,000 से ज्यादा की राशि पर हर बार OTP अनिवार्य होगा

हालांकि कुछ विशेष श्रेणियों के लिए यह सीमा बढ़ाई गई है:

बीमा प्रीमियम

म्यूचुअल फंड निवेश

क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान

इन मामलों में ₹1 लाख तक के ट्रांजैक्शन बिना OTP के हो सकते हैं, बशर्ते पहले से अनुमति दी गई हो।

ग्राहकों को मिलेगा पूरा नियंत्रण: बदल सकेंगे या बंद कर सकेंगे ई-मैंडेट

नए नियमों के अनुसार अब ग्राहक को यह अधिकार होगा कि वह कभी भी अपने ई-मैंडेट को:

बदल सके

अस्थायी रूप से रोक सके

पूरी तरह से बंद कर सके

इसका मतलब है कि अब कोई भी ऑटो पेमेंट आपकी इच्छा के खिलाफ जारी नहीं रहेगा। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कई सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं और समय-समय पर उन्हें बंद या बदलना चाहते हैं।

नया कार्ड आने पर ऑटो पेमेंट खुद जुड़ जाएगा

एक और बड़ा बदलाव यह है कि अगर आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड बदल जाता है—जैसे एक्सपायर होने के बाद नया कार्ड जारी होता है—तो आपके पहले से सेट किए गए ऑटो पेमेंट अपने आप नए कार्ड से लिंक हो जाएंगे।

इससे ये फायदे होंगे:

बार-बार सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं

EMI, बीमा या सब्सक्रिप्शन में रुकावट नहीं

पेमेंट मिस होने का खतरा कम

किन-किन सेवाओं पर लागू होंगे ये नियम?

ये नए दिशा-निर्देश लगभग सभी प्रकार के ऑटो पेमेंट पर लागू होंगे, जैसे:

OTT प्लेटफॉर्म (Netflix, Amazon Prime आदि)

मोबाइल और DTH बिल

बिजली और पानी के बिल

बीमा प्रीमियम

लोन और EMI

म्यूचुअल फंड SIP

और ये सभी पेमेंट माध्यमों पर लागू होंगे:

डेबिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड

UPI

प्रीपेड वॉलेट

ग्राहकों के लिए क्यों फायदेमंद हैं ये बदलाव?

इन नए नियमों से ग्राहकों को कई बड़े फायदे मिलेंगे:

पारदर्शिता बढ़ेगी

हर ट्रांजैक्शन की जानकारी पहले से मिलेगी, जिससे कोई भी कटौती अचानक नहीं होगी।

धोखाधड़ी पर रोक

अनचाहे या फर्जी ऑटो डेबिट को रोकना आसान होगा।

बेहतर नियंत्रण

ग्राहक खुद तय कर पाएंगे कि कौन-सी सेवा चालू रखनी है और कौन-सी बंद करनी है।

मानसिक राहत

हर महीने बिना जानकारी के पैसे कटने की चिंता खत्म होगी।

क्या बदल गया आम ग्राहक के लिए?

अगर आसान शब्दों में समझें, तो अब:

कोई भी ऑटो पेमेंट बिना आपकी अनुमति के शुरू नहीं होगा

हर भुगतान से पहले आपको अलर्ट मिलेगा

ज्यादा राशि के लिए OTP जरूरी होगा

आप कभी भी सेवा को बंद कर सकते हैं

यानी अब आपके पैसे पर पूरा नियंत्रण आपके हाथ में रहेगा।

आरबीआई के ये नए नियम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाते हैं। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत भरा है, जो ऑटो डेबिट सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं और अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण चाहते हैं।

अब ग्राहक बिना किसी चिंता के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि हर ट्रांजैक्शन पारदर्शी और उनकी अनुमति पर आधारित होगा।

The Reserve Bank of India (RBI) has implemented new auto debit rules to enhance transparency and security in digital payments. Under the updated e-mandate guidelines, users will receive a 24-hour prior notification before any automatic payment deduction. Transactions up to ₹15,000 will not require OTP, while higher amounts will need authentication. These RBI auto debit rules apply to subscriptions, EMIs, insurance premiums, and utility bills, giving customers better control over their recurring payments and improving overall digital payment security in India.

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