AIN NEWS 1: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और अपनापन का प्रतीक है। इस मौके पर बाजारों में तरह-तरह की राखियां बिक रही हैं। कहीं मोतियों और स्टोन वाली राखियां आकर्षण का केंद्र हैं तो कहीं रंग-बिरंगे धागों और मेटल की डिजाइन वाली राखियां लोगों को पसंद आ रही हैं। लेकिन राखी खरीदते समय सिर्फ डिजाइन और कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। कुछ राखियों में इस्तेमाल होने वाली धातु, रंग, गोंद, सजावटी सामग्री या अन्य रसायन संवेदनशील त्वचा पर खुजली, लालिमा और रैश जैसी परेशानी पैदा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हर व्यक्ति को राखी से एलर्जी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। समस्या खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जा सकती है जिनकी त्वचा संवेदनशील है, जिन्हें पहले से एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस है या जिन्हें किसी खास धातु, खासकर निकेल, से एलर्जी रही है।
इसलिए इस रक्षाबंधन पर राखी खरीदते समय कुछ छोटी लेकिन जरूरी सावधानियां बरतना बेहतर रहेगा।

राखी पहनने से स्किन एलर्जी कैसे हो सकती है?
त्वचा के संपर्क में आने वाली किसी वस्तु से दो तरह की समस्या हो सकती है। पहली इरिटेशन, जो लगातार रगड़, पसीने, नमी या राखी के बहुत कसकर बंधे होने से हो सकती है। दूसरी एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, जिसमें शरीर किसी खास पदार्थ को एलर्जेन मानकर प्रतिक्रिया करता है।
राखी में इस्तेमाल होने वाले कुछ मेटल, डाई, खुशबू, गोंद या अन्य रसायन कुछ लोगों में ऐसी प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों को पहले किसी धातु या आभूषण से एलर्जी हो चुकी है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
कलाई में खुजली हो तो क्या यह एलर्जी है?
हर बार खुजली का मतलब एलर्जी नहीं होता। अगर राखी बहुत कसकर बांधी गई है या गर्मी के कारण कलाई पर पसीना जमा हो रहा है, तो धागे की रगड़ से भी जलन या लालिमा हो सकती है।
अगर राखी हटाने, त्वचा को साफ करने और उसे सूखा रखने के बाद परेशानी जल्दी कम हो जाती है, तो यह सामान्य irritation हो सकता है। वहीं, अगर राखी हटाने के बाद भी खुजली, लालिमा या दाने बने रहते हैं अथवा समस्या बढ़ती जाती है, तो एलर्जिक रिएक्शन की संभावना पर ध्यान देना चाहिए।
राखी में मौजूद कौन-सी चीजें परेशानी पैदा कर सकती हैं?
राखी की डिजाइन जितनी आकर्षक होती जा रही है, उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी उतनी ही अलग-अलग हो गई है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खासतौर पर इन चीजों से सावधान रहना चाहिए—
निकेल या अन्य धातु: कुछ लोगों में मेटल एलर्जी का कारण बन सकती है।
केमिकल डाई: कुछ रंगों या फिनिशिंग में मौजूद रसायन त्वचा को परेशान कर सकते हैं।
गोंद और एडहेसिव: सजावटी स्टोन या अन्य हिस्सों को चिपकाने में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ कुछ लोगों में प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
परफ्यूम या सुगंध: खुशबू वाले उत्पादों में मौजूद कुछ रसायन संवेदनशील त्वचा को प्रभावित कर सकते हैं।
ग्लिटर और सीक्विन: इनसे एलर्जी हर व्यक्ति को नहीं होती, लेकिन इनके साथ मौजूद अन्य रसायन या घर्षण परेशानी पैदा कर सकते हैं।
प्लास्टिक, रबर या फोम: कुछ लोगों में सीधे संपर्क से irritation हो सकता है।
कठोर सजावटी हिस्से: ये त्वचा पर लगातार रगड़ पैदा कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि इनमें से हर सामग्री हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक नहीं है। समस्या व्यक्ति की त्वचा और उस सामग्री के प्रति उसकी संवेदनशीलता पर निर्भर करती है।
किन लोगों को राखी से एलर्जी का खतरा ज्यादा हो सकता है?
जिन लोगों की त्वचा पहले से संवेदनशील है, उनमें सावधानी ज्यादा जरूरी है। खासतौर पर—
जिन्हें पहले से एक्जिमा है।
जिन्हें निकेल या किसी अन्य धातु से एलर्जी है।
जिन्हें पहले कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस हो चुका है।
जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है।
जिनकी कलाई पर पहले से रैश या चोट है।
जिनकी त्वचा का प्राकृतिक बैरियर कमजोर है।
ऐसे लोगों के लिए राखी की सामग्री और उसकी फिटिंग पर विशेष ध्यान देना बेहतर है।
राखी से एलर्जी होने पर कौन-से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
शुरुआत में समस्या हल्की हो सकती है। कलाई पर खुजली या हल्की लालिमा को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में लक्षण बढ़ सकते हैं।
संभावित संकेतों में शामिल हैं—
खुजली, लाल चकत्ते, जलन, सूजन, छोटे दाने, त्वचा का सूखना या छिलना और फफोले।
कुछ मामलों में प्रभावित हिस्से से तरल भी निकल सकता है। यदि रैश तेजी से फैल रहा हो या दर्द और सूजन लगातार बढ़ रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
संवेदनशील त्वचा वालों के लिए कैसी राखी बेहतर रहेगी?
ऐसी राखी चुनना बेहतर है जो हल्की, मुलायम और त्वचा पर कम घर्षण पैदा करे। कॉटन का मुलायम धागा संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि कॉटन की हर राखी एलर्जी से पूरी तरह सुरक्षित है। राखी पर लगे रंग, कोटिंग या सजावटी हिस्से भी महत्वपूर्ण होते हैं।
इसलिए बहुत भारी, नुकीली या कलाई पर लगातार चुभने वाली राखी से बचना बेहतर है।
बच्चों के लिए राखी खरीदते समय ज्यादा सावधानी
छोटे बच्चों के लिए राखी चुनते समय केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
बहुत छोटे मोती, घंटियां, स्टोन या आसानी से निकलने वाले सजावटी हिस्सों वाली राखी से बचना बेहतर है। छोटे बच्चे इन्हें हाथ से निकालकर मुंह में डाल सकते हैं।
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बच्चों के लिए राखी—
हल्की और मुलायम हो।
कलाई पर बहुत कसकर न बांधी जाए।
नुकीले किनारे न हों।
तार या कठोर सजावट न हो।
धागा मजबूत हो और आसानी से टूटे नहीं।
राखी खरीदते समय इन 9 बातों का रखें ध्यान
1. सबसे पहले क्वालिटी देखें: सिर्फ डिजाइन देखकर राखी न खरीदें।
2. मुलायम धागा चुनें: खासकर संवेदनशील त्वचा के लिए।
3. मेटल की जानकारी देखें: निकेल से एलर्जी का इतिहास हो तो मेटल वाली राखी से सावधानी बरतें।
4. बहुत ज्यादा सजावटी राखी से बचें: भारी स्टोन और कठोर हिस्से रगड़ पैदा कर सकते हैं।
5. रंग छोड़ने वाली राखी न लें: खराब फिनिशिंग वाली राखी से बचना बेहतर है।
6. गोंद और ग्लिटर का अत्यधिक इस्तेमाल न हो: खासकर अगर त्वचा पहले से संवेदनशील है।
7. राखी बहुत भारी न हो: भारी राखी कलाई पर लगातार दबाव डाल सकती है।
8. चुभने वाली राखी न खरीदें: कोई हिस्सा त्वचा को रगड़ रहा हो तो दूसरी राखी चुनें।
9. संवेदनशील त्वचा में कॉटन जैसे मुलायम धागे को प्राथमिकता दें।
ऑनलाइन राखी खरीद रहे हैं तो यह जरूर देखें
ऑनलाइन खरीदारी में राखी को हाथ से छूकर या उसकी फिनिशिंग देखकर जांचना संभव नहीं होता। इसलिए प्रोडक्ट की पूरी जानकारी पढ़ें।
मटेरियल की जानकारी स्पष्ट न हो तो खरीदने से बचें। विक्रेता की रेटिंग, प्रोडक्ट रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी भी देख लें। यदि राखी में मेटल, सुगंध, सजावटी सामग्री या किसी विशेष कोटिंग का इस्तेमाल किया गया है तो उसकी जानकारी जरूर पढ़ें।
पुरानी राखी दोबारा पहन सकते हैं?
अगर राखी साफ-सुथरी, सूखी और अच्छी स्थिति में है तो उसे दोबारा इस्तेमाल करने में सामान्य तौर पर कोई खास समस्या नहीं होनी चाहिए। लेकिन धागा कमजोर हो गया हो, राखी पर नमी या फफूंदी दिखाई दे रही हो या मेटल/सजावटी हिस्सा खराब हो चुका हो तो उसे इस्तेमाल न करना बेहतर है।
एलर्जी होने पर क्या करें?
अगर राखी पहनने के बाद कलाई में खुजली या लालिमा शुरू हो जाए तो सबसे पहले राखी हटा दें। प्रभावित हिस्से को साफ पानी से धोकर सूखा रखें और उस जगह पर आगे किसी संभावित irritant का संपर्क न होने दें।
अगर समस्या लगातार बनी रहती है, बढ़ती है, फफोले बनते हैं, तेज दर्द या सूजन होती है या त्वचा से तरल/पस निकलता है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
और अगर चेहरे या होंठ पर अचानक ज्यादा सूजन आने लगे या सांस लेने में परेशानी हो, तो इसे गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया का संकेत मानते हुए तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।
किन लोगों को राखी बांधते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए?
जिनकी कलाई पर ताजा कट, घाव, संक्रमण या सक्रिय रैश है, उन्हें उस जगह पर राखी बांधने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हाल में सर्जरी हुई हो और घाव पूरी तरह ठीक न हुआ हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
इसी तरह जिन लोगों को पहले किसी खास मेटल या आभूषण से एलर्जी हुई है, उन्हें उसी सामग्री वाली राखी से बचना चाहिए।
इस रक्षाबंधन बस डिजाइन नहीं, त्वचा की सुरक्षा भी देखें
राखी भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत निशानी है। इसे पहनने से होने वाली हर खुजली को एलर्जी समझना भी सही नहीं है और लगातार बढ़ते रैश को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं।
इसलिए राखी खरीदते समय मुलायम धागा, हल्का डिजाइन, अच्छी क्वालिटी और त्वचा के संपर्क में आने वाली सामग्री पर ध्यान दें। खासकर संवेदनशील त्वचा या पहले से मेटल एलर्जी वाले लोगों के लिए यह सावधानी और भी जरूरी है।
रक्षाबंधन 2026 में 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार की खुशी के साथ थोड़ी सी सावधानी अपनाएं, ताकि भाई-बहन का यह खास दिन खुजली या त्वचा की परेशानी की वजह से खराब न हो।
स्रोत/विशेषज्ञ संदर्भ: डॉ. डिंपल कोठारी, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर; तथा contact dermatitis और nickel allergy से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी।
Rakhi skin allergy can occur in people with sensitive skin due to contact with certain metals, dyes, adhesives, fragrances, decorative materials or prolonged friction and sweating. During Raksha Bandhan 2026, choosing a lightweight and comfortable cotton-thread rakhi, checking material details and avoiding known allergens such as nickel can help reduce the risk of skin irritation and allergic contact dermatitis.



















