जज अमन शर्मा सुसाइड केस में बड़ा मोड़: पत्नी, IAS साली समेत कई पर FIR, जांच तेज
AIN NEWS 1: दिल्ली में युवा न्यायिक अधिकारी अमन कुमार शर्मा की संदिग्ध आत्महत्या का मामला अब एक गंभीर आपराधिक जांच में बदल चुका है। शुरुआत में यह मामला एक व्यक्तिगत त्रासदी के रूप में सामने आया था, लेकिन अब परिवार की शिकायत और सामने आए तथ्यों के बाद इसमें कई नए और चौंकाने वाले पहलू जुड़ गए हैं। पुलिस ने मृतक के परिजनों के आरोपों के आधार पर उनकी पत्नी, साली और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है।
क्या है पूरा मामला?
30 वर्षीय अमन कुमार शर्मा दिल्ली की न्यायिक सेवा में कार्यरत थे और वर्तमान में कड़कड़डूमा कोर्ट से जुड़े दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में सचिव के पद पर तैनात थे। 2 मई को उनका शव दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उनके सरकारी आवास के बाथरूम में फंदे से लटका मिला।
इस घटना की सूचना पुलिस को उनके बहनोई ने दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन जल्द ही मामला गहराने लगा।
FIR दर्ज, गंभीर धाराएं लगाई गईं
मृतक के पिता की शिकायत के बाद दक्षिण दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया है।
इस एफआईआर में अमन की पत्नी स्वाति मलिक, उनकी साली निधि मलिक (IAS अधिकारी), ससुर-सास और एक अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि ये सभी मिलकर अमन को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
परिवार का आरोप: मानसिक प्रताड़ना बनी वजह
अमन के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उनका बेटा पिछले कुछ महीनों से गहरे तनाव में था। उन्होंने दावा किया कि घर में हर फैसले पर पत्नी का नियंत्रण था और अमन पर लगातार दबाव बनाया जाता था।
परिवार का कहना है कि अमन को मानसिक रूप से इतना परेशान किया गया कि उन्होंने यह कठोर कदम उठाने का फैसला कर लिया।
सुसाइड से पहले पिता को किया था कॉल
मामले का सबसे भावनात्मक और अहम पहलू वह फोन कॉल है जो अमन ने अपनी मौत से एक रात पहले अपने पिता को किया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने रोते हुए कहा था—
“पापा, मैं बहुत तनाव में हूं… अब मेरे लिए जीना मुश्किल हो गया है।”
यह सुनकर पिता तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था।
अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे ससुराल पक्ष
अमन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक स्थान अलवर में किया गया। इस दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई—अंतिम संस्कार में न तो उनकी पत्नी शामिल हुईं और न ही ससुराल पक्ष का कोई सदस्य मौजूद रहा।
यह बात भी अब जांच के दायरे में आ सकती है क्योंकि इससे पारिवारिक संबंधों की गंभीरता और तनाव का संकेत मिलता है।
निजी जिंदगी और करियर
अमन कुमार शर्मा ने वर्ष 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने 2021 में दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की।
उसी साल उन्होंने अपनी बैचमेट स्वाति मलिक से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें से एक की उम्र अभी एक साल से भी कम है।
जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल की हो रही पड़ताल
एफआईआर दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस अब इस मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारी डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, पारिवारिक बातचीत, और अन्य जरूरी दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो मौत के कारण और समय को लेकर कई अहम सवालों के जवाब दे सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की पुष्टि तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला सिर्फ एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी की संदिग्ध मौत का है। इसमें घरेलू तनाव, मानसिक दबाव, और कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा, जब आरोपी पक्ष में न्यायिक और प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोग हों, तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है। क्या यह वाकई मानसिक प्रताड़ना का मामला है? क्या साजिश के आरोप साबित होंगे? या फिर कोई और सच्चाई सामने आएगी?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
The Judge Aman Sharma suicide case in Delhi has taken a dramatic turn after an FIR was registered against his wife Swati Malik, IAS sister-in-law Nidhi Malik, and other family members under serious charges including abetment of suicide and criminal conspiracy. The Delhi Police has initiated a detailed investigation, examining call records, mental harassment allegations, and family disputes. This high-profile Delhi judge suicide case raises critical concerns about mental health, domestic pressure, and accountability within influential families in India.


















