AIN NEWS 1: मेरठ में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और यूट्यूबर शादाब जकाती एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके नए-नवेले ज्वेलरी शोरूम से जुड़ा है, जिसे प्रशासन ने महज 9 दिन के अंदर ही सील कर दिया। यह कार्रवाई आवास विकास परिषद की टीम ने की, जिसके बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
यह ज्वेलरी शोरूम हापुड़ अड्डा रोड स्थित ग्रैंड स्क्वायर मॉल में खोला गया था और इसकी भव्य ओपनिंग 28 अप्रैल को की गई थी। शुरुआती उत्साह के बाद अब यह शोरूम कानूनी विवादों और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण बंद हो गया है।
शोरूम कैसे फंसा विवादों में?
जानकारी के अनुसार, आवास विकास परिषद की जांच में यह सामने आया कि शादाब जकाती का शोरूम निर्धारित नक्शे के अनुरूप नहीं बनाया गया था। सबसे बड़ी आपत्ति इस बात पर रही कि जिस जगह पर दुकान बनाई गई, वह मूल रूप से पार्किंग क्षेत्र था।
यानी जिस जगह पर वाहनों की पार्किंग होनी चाहिए थी, वहां व्यावसायिक निर्माण कर दिया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। इसी वजह से प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शोरूम को सील कर दिया।
पूरा मॉल भी जांच के घेरे में
इस मामले में सिर्फ जकाती ज्वेलर्स ही नहीं, बल्कि पूरा ग्रैंड स्क्वायर मॉल भी जांच के दायरे में आ गया है। आवास विकास परिषद के अनुसार, शुरुआती निरीक्षण में मॉल के निर्माण और संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
बताया जा रहा है कि मॉल का निर्माण कई स्वीकृत नक्शों और नियमों के विपरीत किया गया है। इसी कारण प्रशासन ने पूरे कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, मॉल का मालिक भी लंबे समय से विदेश में रह रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर निगरानी और नियंत्रण की कमी देखने को मिली।
भाजपा नेता की शिकायत बनी अहम कड़ी
इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक पहलू भी सामने आ रहा है। भाजपा नेता राहुल ठाकुर ने इस पूरे मामले की शिकायत आवास विकास परिषद में दर्ज कराई थी।
उनका आरोप था कि शोरूम और मॉल का निर्माण नियमों की अनदेखी कर किया गया है और पार्किंग जैसी जरूरी जगहों को व्यावसायिक उपयोग में बदल दिया गया है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और जांच रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
ओपनिंग इवेंट में भी हुआ था विवाद
शादाब जकाती के इस शोरूम की ओपनिंग भी विवादों से अछूती नहीं रही थी। 28 अप्रैल को जब इसका उद्घाटन हुआ, तो बिना प्रशासनिक अनुमति के एक रोड शो आयोजित किया गया था।
इस आयोजन में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे हापुड़ अड्डा रोड पर लंबा जाम लग गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर भीड़ नियंत्रित करनी पड़ी।
उस समय प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं जकाती
शादाब जकाती का नाम पहली बार चर्चा में नहीं आया है। इससे पहले भी वे कई बार विवादों में रह चुके हैं।
वर्ष 2025 में मेरठ पुलिस ने उन्हें एक विवादित वीडियो के मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
उन पर आरोप था कि उन्होंने ऐसा कंटेंट बनाया जो सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ माना गया। इस मामले ने भी सोशल मीडिया पर काफी बहस छेड़ दी थी।
सोशल मीडिया से लोकप्रियता तक का सफर
शादाब जकाती का सफर काफी दिलचस्प रहा है। वे मूल रूप से मेरठ के इंचौली क्षेत्र के रहने वाले हैं। शुरुआती दिनों में वे सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करते थे।
वहीं रहते हुए उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनानी शुरू की।
उनका एक वीडियो “10 रुपये वाला बिस्कुट” इतना वायरल हुआ कि वह लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। इस वीडियो को कई सेलिब्रिटीज ने भी रीक्रिएट किया था।
इसके बाद वे तेजी से लोकप्रिय हुए और यूट्यूब तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ती चली गई।
लोकप्रियता के साथ बढ़े विवाद
हालांकि, तेजी से मिली लोकप्रियता के साथ ही उनके विवाद भी बढ़ते चले गए। कई बार उनके कंटेंट को लेकर आपत्तियां उठाई गईं।
कुछ लोग उन्हें मनोरंजक कंटेंट क्रिएटर मानते हैं, जबकि कुछ लोग उनके वीडियो को सामाजिक रूप से अनुचित बताते हैं। यही वजह है कि उनका नाम अक्सर चर्चा और विवाद दोनों में रहता है।
प्रशासन की सख्ती और आगे की कार्रवाई
आवास विकास परिषद की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे मॉल और शोरूम की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि आगे भी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे प्रशासन का सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कार्रवाई समय पर होनी चाहिए थी, ताकि स्थिति इतनी न बिगड़ती।
मेरठ में शादाब जकाती के ज्वेलरी शोरूम का सील होना सिर्फ एक व्यावसायिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक सख्ती और नियमों के पालन का एक बड़ा उदाहरण भी माना जा रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से बढ़ते सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर व्यवसाय और नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अब देखना यह होगा कि आगे इस मामले में और क्या खुलासे सामने आते हैं और शादाब जकाती इस विवाद से कैसे निपटते हैं।
The sealing of Shadab Jakati’s jewellery showroom in Meerut has become a major talking point in recent local news. The action taken by the Awasiya Vikas Parishad highlights alleged building violations and misuse of parking space in the Grand Square Mall. The case gained further attention after a BJP leader filed a formal complaint, triggering an official investigation. Known for his viral social media content, Shadab Jakati has often remained in controversies, making this incident another significant chapter in his public journey as a social media influencer and YouTuber.


















