सहारनपुर में सांसद इकरा हसन और पुलिस के बीच तीखी बहस, “मुझे हाथ मत लगाइए” वीडियो वायरल
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा घटनाक्रम डीआईजी कार्यालय परिसर में हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में सांसद इकरा हसन महिला पुलिसकर्मियों से नाराज नजर आ रही हैं और साफ शब्दों में कहती दिखाई देती हैं— “मुझे हाथ मत लगाइए।” इस घटना ने जिले की राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छेड़ दी है।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पहुंचीं सांसद
जानकारी के अनुसार सांसद इकरा हसन जसाला गांव निवासी एक पीड़ित परिवार को लेकर सहारनपुर के डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि परिवार अपने बेटे मोनू कश्यप की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा था।
सांसद का कहना है कि मृतक की मां लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं, लेकिन उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा रही थी। ऐसे में एक जनप्रतिनिधि होने के नाते वह पीड़ित परिवार की मदद के लिए खुद डीआईजी कार्यालय पहुंचीं।
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पीड़ित महिला की पूरी बात सुने बिना ही अधिकारियों ने उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया। सांसद के मुताबिक एक बुजुर्ग मां अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रही थी, लेकिन प्रशासन का रवैया संवेदनहीन दिखाई दिया।
“हमने सड़क जाम नहीं किया” — सांसद
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए इकरा हसन ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का हंगामा या सड़क जाम नहीं किया था।
सांसद के अनुसार वह डीआईजी कार्यालय परिसर की पार्किंग में मौजूद थीं और पीड़ित परिवार के साथ दूसरी एप्लिकेशन तैयार करने को लेकर चर्चा कर रही थीं। इसी दौरान पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उनसे वहां से चलने को कहा गया।
इकरा हसन का दावा है कि उनके पास वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है जिसमें साफ दिखाई देता है कि ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा था और कहीं भी जाम जैसी स्थिति नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया।
“मुझे हाथ मत लगाइए” वीडियो वायरल
घटना का सबसे चर्चित हिस्सा वह वीडियो बन गया जिसमें सांसद और महिला पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बातचीत दिखाई दे रही है।
वायरल वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी सांसद को अंदर चलने के लिए कहती दिखाई देती है। इसी दौरान इकरा हसन नाराज होकर कहती हैं— “मुझे हाथ मत लगाइए।”
इस पर महिला पुलिसकर्मी जवाब देती है कि उन्होंने केवल रास्ता दिखाने के लिए हाथ लगाया था। लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।
इसके बाद सांसद को महिला थाने ले जाया गया, जहां भी माहौल काफी तनावपूर्ण दिखाई दिया। वहां का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी सांसद को पानी ऑफर करती नजर आती है।
इस पर इकरा हसन कहती हैं—
“हमें आपका पानी नहीं पीना है। आप लोग पीड़ित परिवार की पीड़ा नहीं समझ रहे।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
महिला थाने के बाहर जुटे समर्थक
जैसे ही समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को यह जानकारी मिली कि सांसद इकरा हसन को महिला थाने ले जाया गया है, बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंच गए।
कुछ ही देर में महिला थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया।
हालांकि बाद में स्थानीय नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद मामला शांत हुआ और सांसद को वहां से जाने दिया गया।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद इकरा हसन ने भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और केवल सत्ता पक्ष के हित में कार्रवाई हो रही है।
सांसद ने कहा कि पीड़ितों की आवाज दबाई जा रही है और जनप्रतिनिधियों को भी सम्मान नहीं दिया जा रहा।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इस मामले को संसद में उठाएंगी, तो उन्होंने कहा कि “इस सरकार में बोलने से भी कोई फायदा नहीं, क्योंकि सुनवाई नहीं होती।”
जिले में चर्चा का बड़ा विषय बना मामला
डीआईजी कार्यालय से लेकर महिला थाने तक चला यह पूरा घटनाक्रम अब सहारनपुर जिले में चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को सही बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे एक जनप्रतिनिधि के साथ गलत व्यवहार बता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें प्रशासन, राजनीति और जनप्रतिनिधित्व तीनों पहलू जुड़े हुए हैं।
पुलिस की ओर से क्या कहा गया?
फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या इस विवाद को लेकर कोई औपचारिक जांच होती है या नहीं।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस लगातार तेज हो रही है। एक पक्ष सांसद इकरा हसन का समर्थन करते हुए कह रहा है कि एक जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।
वहीं दूसरा पक्ष पुलिस की कार्रवाई को उचित बताते हुए कह रहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
Samajwadi Party MP Iqra Hasan has become the center of political discussion after a heated argument with police officials at the DIG office in Saharanpur. The viral “Mujhe Haath Mat Lagaiye” video surfaced when the Kairana MP visited the office along with a victim’s family seeking justice in a death case. The incident has triggered debates over police behavior, political pressure, and public representation in Uttar Pradesh politics, making “Iqra Hasan viral video” and “Saharanpur police controversy” trending topics online.


















