AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। राजकुमार सिंह इस केस में गिरफ्तार होने वाला चौथा आरोपी है। इससे पहले मुख्य आरोपी राज सिंह समेत तीन लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि गिरफ्तार आरोपी के पिता अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान बिजली का काम कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बेटा अब एक हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में सीबीआई की गिरफ्त में है। इस विरोधाभास ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
कौन है राजकुमार सिंह?
सीबीआई के अनुसार राजकुमार सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रत्तोपुर गांव का रहने वाला है। उसकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई थी और वह लंबे समय तक मुंबई में मजदूरी करता रहा। बताया जा रहा है कि वह वहां क्रेन हेल्पर के रूप में काम करता था। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने की वजह से उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी।
करीब आठ महीने पहले वह मुंबई से वापस अपने गांव लौट आया था। गांव लौटने के बाद उसका संपर्क कुछ ऐसे लोगों से बढ़ा जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए जाते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी दौरान वह अपराध की दुनिया में गहराई से जुड़ता चला गया।
बलिया जेल में हुई थी साजिश की शुरुआत
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि इस हत्याकांड की साजिश बलिया जेल में रची गई थी। साल 2022 में राजकुमार सिंह के खिलाफ मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। उसी केस में उसे जेल भेजा गया था।
जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात इस केस के मुख्य आरोपी राज सिंह से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच यहीं से नजदीकियां बढ़ीं। सीबीआई को शक है कि जेल में ही हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी और बाद में इसे अंजाम देने के लिए नेटवर्क तैयार किया गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि जेल के भीतर बने संपर्कों ने इस पूरे अपराध को संगठित रूप दिया। अब एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में और भी लोग शामिल थे।
विदेश भागने की तैयारी में था आरोपी
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक राजकुमार सिंह पिछले कुछ समय से देश छोड़कर विदेश भागने की तैयारी कर रहा था। एजेंसी को इनपुट मिला था कि वह फर्जी दस्तावेजों और संपर्कों के जरिए बाहर जाने की कोशिश कर सकता है।
इसी सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की गई और मुजफ्फरनगर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि अगर थोड़ी भी देरी होती तो आरोपी देश छोड़ सकता था।
अब सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके विदेश भागने की योजना के पीछे कौन लोग शामिल थे और उसे आर्थिक मदद कौन पहुंचा रहा था।
परिवार सदमे में, पिता ने कही भावुक बात
राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार पूरी तरह सदमे में है। उसके पिता त्रिभुवन नारायण सिंह पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान बिजली से जुड़ा काम किया था।
पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा ज्यादा बोलने वाला नहीं था। वह घर में शांत रहता था और उनसे थोड़ा डरता भी था। अपनी बातें वह अक्सर अपनी मां से साझा करता था।
परिवार के मुताबिक राजकुमार तीन दिन पहले बिना बताए घर से निकला था। इसके बाद अचानक सीबीआई की गिरफ्तारी की खबर आई, जिससे पूरा परिवार हैरान रह गया।
गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि राजकुमार किसी बड़े आपराधिक मामले में शामिल हो सकता है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
यह मामला पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़ा है। इस हत्या ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान एजेंसी को कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जानकारी मिली। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश से लगातार गिरफ्तारी हो रही हैं। अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि अपराध की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी और इसमें कई लोग शामिल थे।
सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी थी या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक या राजनीतिक मकसद भी छिपा हुआ था।
अब आगे क्या करेगी CBI?
राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई उससे लंबी पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर कई अहम सवालों के जवाब तलाशना चाहती है।
जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार हुई?
बलिया जेल में किन-किन लोगों से संपर्क हुआ?
हत्या के बदले कितने पैसों का लेन-देन हुआ?
आरोपी मुजफ्फरनगर तक कैसे पहुंचा?
विदेश भागने की तैयारी में कौन मदद कर रहा था?
क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं?
सीबीआई को उम्मीद है कि राजकुमार से पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज
इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर आरोपी का परिवार धार्मिक और मेहनतकश पृष्ठभूमि से जुड़ा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बेटे का नाम हत्या की साजिश में सामने आना लोगों को हैरान कर रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जेलों के अंदर अपराध की साजिशें कैसे तैयार हो जाती हैं और अपराधियों के नेटवर्क इतने मजबूत कैसे हो रहे हैं।
फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
The arrest of Rajkumar Singh in the Suvendu Adhikari PA murder case has added a major twist to the ongoing CBI investigation. Rajkumar Singh, who was arrested from Muzaffarnagar, allegedly became part of the conspiracy while lodged in Ballia jail with the main accused Raj Singh. The murder of Chandranath Rath, personal assistant to West Bengal leader Suvendu Adhikari, is now linked to a larger criminal network operating across Uttar Pradesh and West Bengal. Investigators are probing financial transactions, jail connections, and possible escape plans as the case continues to unfold.


















