AIN NEWS 1: देशभर में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि डीजल भी रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है।
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार डीजल की कीमत में करीब ₹2.71 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं पेट्रोल भी लगभग ₹2.61 प्रति लीटर महंगा हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है।

दिल्ली समेत कई शहरों में बढ़े दाम
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग ₹102 प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है, जबकि डीजल करीब ₹95 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
कुछ राज्यों में टैक्स अधिक होने की वजह से पेट्रोल पहले ही ₹100 से ऊपर था, लेकिन अब कई नए शहर भी इस सूची में शामिल हो गए हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों ने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
मई 2026 के दूसरे पखवाड़े से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते 10 दिनों के अंदर चार बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। इससे पहले भी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का हवाला देते हुए दाम बढ़ाए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी नहीं आई, तो ईंधन और महंगा हो सकता है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
ईंधन की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं।
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना
दुनियाभर में क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
2. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है। कई तेल उत्पादक देशों में अस्थिरता के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है।
3. रुपये की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करती है। जब रुपया कमजोर होता है, तब भारत को तेल आयात के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ता है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव सीधे रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
ट्रांसपोर्ट महंगा होगा
बस, ट्रक और टैक्सी जैसे परिवहन साधनों की लागत बढ़ने से किराए बढ़ सकते हैं। माल ढुलाई महंगी होने पर बाजार में सामानों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
खाने-पीने की चीजें हो सकती हैं महंगी
सब्जियां, दूध, फल और अन्य जरूरी सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में डीजल का बड़ा उपयोग होता है। डीजल महंगा होने पर इन वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो देश में महंगाई दर पर भी असर पड़ सकता है। इससे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों का घरेलू बजट बिगड़ सकता है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को जनता को राहत देने के लिए टैक्स कम करना चाहिए। कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी ईंधन मूल्य वृद्धि का विरोध किया।
हालांकि सरकार की ओर से फिलहाल कोई नई राहत योजना या टैक्स कटौती की घोषणा नहीं की गई है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए तो तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है। यदि क्रूड ऑयल महंगा बना रहता है, तो तेल कंपनियां फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं।
हालांकि अगर वैश्विक बाजार में स्थिरता आती है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे जाती हैं, तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
लोगों की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रोजाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, टैक्सी चालक, ट्रांसपोर्ट कारोबारी और छोटे व्यवसायी सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दे रहे हैं।
लोगों का कहना है कि पहले से ही खाने-पीने और जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ी हुई हैं, ऐसे में ईंधन महंगा होने से घर का बजट संभालना और कठिन हो गया है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी अब बड़ा आर्थिक मुद्दा बनती जा रही है। 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दामों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में तेल की कीमतें किस दिशा में जाएंगी, इस पर देशभर की नजर बनी हुई है।
Petrol and diesel prices in India have increased once again, marking the fourth fuel price hike in just 10 days. Petrol prices crossed ₹100 per litre in several cities, while diesel rates surged by ₹2.71. Rising crude oil prices in the international market and geopolitical tensions are being considered major reasons behind the latest fuel price hike in India. The increase is expected to impact transportation costs, inflation, and household budgets across the country.


















