AIN NEWS 1: गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-3 इलाके में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे बनी झुग्गियों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की करीब एक दर्जन झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। लगातार हो रहे सिलेंडर ब्लास्ट की आवाजों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। बताया जा रहा है कि करीब 4 से 5 सिलेंडर आग की चपेट में आकर फट गए, जबकि दमकल कर्मियों ने समय रहते 7 सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कुछ ही मिनटों में आग ने लिया विकराल रूप
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। झुग्गियों में लकड़ी, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया। तेज लपटें और उठता धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।
आग के कारण आसपास खड़ी कई गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। सड़क किनारे खड़ी चार कारों को आग ने नुकसान पहुंचाया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए कई अन्य वाहनों को समय रहते वहां से हटा दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
दमकल विभाग की 7 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
दमकल अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रहे सिलेंडर ब्लास्ट थे। आग के बीच कई सिलेंडरों के फटने से राहत कार्य में भी दिक्कतें आईं। बावजूद इसके दमकल कर्मियों ने साहस और सूझबूझ से स्थिति को संभाला और आग को आसपास के बड़े इलाके में फैलने से रोक दिया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
लोगों ने जान जोखिम में डालकर बचाए पशु
जिस समय आग लगी, उस दौरान झुग्गियों के पास कुछ पशु भी बंधे हुए थे। आग की लपटें बढ़ती देख स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पशुओं को वहां से बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि किसी पशु की जान नहीं गई और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
घटना के दौरान कई परिवारों का सामान जलकर राख हो गया। लोगों के कपड़े, जरूरी दस्तावेज, घरेलू सामान और खाने-पीने का सामान आग में स्वाहा हो गया। आग बुझने के बाद लोग अपने जले हुए आशियानों के बीच सामान तलाशते नजर आए।
कोई जनहानि नहीं, लेकिन भारी नुकसान
इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो सबसे बड़ी राहत की बात मानी जा रही है। हालांकि आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। झुग्गियों में रहने वाले कई परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। वहीं पुलिस और फायर विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
इलाके में देर तक बना रहा डर का माहौल
सिलेंडर ब्लास्ट और धुएं के कारण इलाके में काफी देर तक भय का माहौल बना रहा। आग बुझने के बाद भी लोग डरे हुए दिखाई दिए। कई स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि झुग्गी क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम और बेहतर किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्य जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
A massive fire incident in Ghaziabad’s Vasundhara Sector-3 created panic after several slums caught fire and multiple LPG cylinders exploded. The Ghaziabad fire brigade rushed to the spot with seven fire tenders and controlled the blaze after intense rescue efforts. Around 12 slums were destroyed while several parked vehicles were damaged in the incident. Fortunately, no casualties were reported. The Vasundhara fire news has raised concerns about safety measures in densely populated slum areas and the risks associated with LPG cylinder storage.


















