इंदौर में हाईप्रोफाइल ठगी का बड़ा खुलासा
AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का सपना दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस पूरे मामले में कई महिलाओं के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने सोशल नेटवर्क, किटी पार्टी और जान-पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने लोगों को सिर्फ 100 दिनों में पैसा डबल करने का लालच दिया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को अच्छा रिटर्न देकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?
जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिलाएं शहर के अलग-अलग सामाजिक कार्यक्रमों, किटी पार्टियों और बिजनेस मीटिंग्स में लोगों से संपर्क बनाती थीं। खुद को सफल बिजनेस वुमन और प्रोफेशनल ट्रेडर बताकर वे लोगों को विदेशी करेंसी ट्रेडिंग और क्रिप्टो मार्केट में निवेश करने की सलाह देती थीं।
उनका दावा था कि उनके पास एक ऐसी टीम है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेडिंग करती है और निवेशकों को बहुत कम समय में दोगुना फायदा दिला सकती है। कई लोगों को बताया गया कि उनका पैसा विदेशी कंपनियों और डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में लगाया जाएगा।
शुरुआत में छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न देकर लोगों का विश्वास जीत लिया गया। यही वजह रही कि कई निवेशकों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी इसमें पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।
100 दिन में पैसा डबल करने का झांसा
आरोपियों ने निवेशकों से कहा था कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और 100 दिनों के भीतर रकम दोगुनी कर दी जाएगी। कुछ लोगों ने 5 लाख, 10 लाख और 20 लाख रुपये तक निवेश किए, जबकि कई परिवारों ने अपनी जमा पूंजी तक लगा दी।
लालच और भरोसे के इस खेल में कई कारोबारी, गृहिणियां और नौकरीपेशा लोग फंस गए। निवेशकों को शुरुआत में नियमित भुगतान भी किया गया, जिससे उन्हें लगा कि कंपनी असली और भरोसेमंद है।
लेकिन जैसे-जैसे निवेश की रकम बढ़ती गई, आरोपियों ने लोगों से दूरी बनानी शुरू कर दी। बाद में फोन बंद आने लगे और ऑफिस भी खाली मिला। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ।
जिया वाधवानी और हरप्रीत कौर पर गंभीर आरोप
इस मामले में जिया वाधवानी और हरप्रीत कौर समेत कई महिलाओं के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने मिलकर एक सुनियोजित नेटवर्क तैयार किया था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाएं सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर लोगों को प्रभावित करती थीं। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े, बड़े होटल और हाई-प्रोफाइल पार्टियों की तस्वीरें दिखाकर निवेशकों को भरोसा दिलाया जाता था कि वे बेहद सफल ट्रेडिंग बिजनेस चला रही हैं।
पुलिस ने हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस टीम लगातार अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही है।
किटी पार्टी बनी ठगी का अड्डा
इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि महिलाओं ने किटी पार्टी जैसे सामाजिक आयोजनों का इस्तेमाल लोगों को फंसाने के लिए किया। इन पार्टियों में भरोसे का माहौल बनाकर निवेश की स्कीम समझाई जाती थी।
महिलाओं को बताया जाता था कि यह “सीक्रेट इन्वेस्टमेंट प्लान” है, जिसमें सिर्फ खास लोगों को शामिल किया जा रहा है। कई लोगों ने अपने गहने बेचकर और बैंक से लोन लेकर भी पैसा लगाया।
पुलिस का मानना है कि यह पूरा मामला एक प्रकार की चेन मार्केटिंग और पोंजी स्कीम जैसा हो सकता है, जहां पुराने निवेशकों को नए लोगों के पैसे से भुगतान किया जाता था।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ाया नेटवर्क
आरोपियों ने इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर सफलता की कहानियां और फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर किए जाते थे।
कुछ लोगों को विदेशी ट्रेडिंग ऐप्स और नकली रिपोर्ट भी दिखाई गईं। इससे निवेशकों को लगता था कि उनका पैसा वास्तव में ट्रेडिंग में लगाया जा रहा है।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
निवेशकों में डर और नाराजगी
जब लोगों को ठगी का पता चला तो कई परिवार सदमे में आ गए। कुछ लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद मामला खुलकर सामने आया।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने भरोसे में आकर अपनी जिंदगी भर की बचत लगा दी थी। अब उन्हें पैसे वापस मिलने की उम्मीद बेहद कम दिखाई दे रही है।
कई निवेशकों ने आरोप लगाया कि आरोपी महिलाएं बेहद आत्मविश्वास के साथ बात करती थीं और खुद को बड़े बिजनेस नेटवर्क से जुड़ा बताती थीं। इसी वजह से लोग आसानी से उनके झांसे में आ गए।
पुलिस जांच में सामने आ सकती हैं बड़ी जानकारियां
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा भी जांच में शामिल हो सकती है। शुरुआती जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है, लेकिन यह रकम और बढ़ सकती है।
संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है।
लोगों के लिए जरूरी चेतावनी
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली योजनाएं अक्सर धोखाधड़ी साबित होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश से पहले उसकी कानूनी स्थिति और कंपनी की विश्वसनीयता की जांच जरूर करनी चाहिए।
अगर कोई व्यक्ति 100 दिन में पैसा डबल करने का दावा करता है, तो सतर्क हो जाना चाहिए। बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन और वैध दस्तावेजों के किसी भी स्कीम में निवेश करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
इंदौर का यह मामला सिर्फ एक आर्थिक ठगी नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों के साथ किया गया बड़ा धोखा है। आरोपी महिलाओं ने सोशल नेटवर्क, किटी पार्टी और हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का इस्तेमाल कर लोगों को करोड़ों रुपये निवेश करने के लिए तैयार किया।
अब पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पीड़ित अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यह घटना हर निवेशक के लिए एक बड़ी सीख है कि लालच और जल्द अमीर बनने की चाह कई बार जिंदगी भर की कमाई छीन सकती है।
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