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गुरुग्राम में पक्षियों के लिए फरिश्ता बने ‘पक्षीराज’, भीषण गर्मी में बेजुबानों को ICU देकर बचा रहे जिंदगी!

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AIN NEWS 1: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने इंसानों के साथ-साथ पक्षियों की जिंदगी भी मुश्किल बना दी है। आसमान में उड़ने वाले छोटे-छोटे परिंदे इन दिनों हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और पैरालिसिस जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। ऐसे कठिन समय में गुरुग्राम के रहने वाले राजकुमार, जिन्हें लोग प्यार से ‘पक्षीराज’ कहते हैं, हजारों बेजुबान पक्षियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं।

गुरुग्राम में उन्होंने एक ऐसा विशेष बर्ड रेस्क्यू सेंटर तैयार किया है, जहां घायल और बीमार पक्षियों का इलाज इंसानों की तरह किया जाता है। यहां पक्षियों के लिए ICU तक बनाया गया है, जहां उन्हें ग्लूकोज ड्रिप लगाकर नई जिंदगी दी जा रही है। भीषण गर्मी के इस दौर में उनका यह प्रयास लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।

गर्मी ने बढ़ाई पक्षियों की मुश्किलें

मई और जून की तपती गर्मी में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। ऐसे में पेड़ों की कमी, सूखे जलस्रोत और तेज गर्म हवाओं के कारण पक्षियों को पानी और भोजन नहीं मिल पाता। कई पक्षी उड़ते-उड़ते बेहोश होकर गिर जाते हैं, जबकि कुछ हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के दौरान कबूतर, तोता, मैना, गौरैया और कौवे जैसे पक्षी सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई बार शरीर में पानी की कमी इतनी बढ़ जाती है कि उनके पंख काम करना बंद कर देते हैं और वे लकवाग्रस्त जैसे दिखाई देने लगते हैं।

इसी स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम के राजकुमार ने पक्षियों के लिए एक विशेष उपचार केंद्र शुरू किया। अब लोग उन्हें ‘पक्षीराज’ के नाम से पहचानने लगे हैं।

रोजाना पहुंच रहे 20 से 25 घायल पक्षी

राजकुमार बताते हैं कि उनके सेंटर पर हर दिन करीब 20 से 25 पक्षी इलाज के लिए लाए जा रहे हैं। इनमें कुछ सड़क किनारे घायल मिले होते हैं, तो कुछ घरों की छतों या पेड़ों के नीचे बेहोशी की हालत में पड़े मिलते हैं।

रेस्क्यू सेंटर में सबसे पहले पक्षियों की जांच की जाती है। यदि पक्षी डिहाइड्रेशन का शिकार होता है तो उसे तुरंत पानी और ग्लूकोज दिया जाता है। गंभीर हालत होने पर उसे ICU में रखा जाता है, जहां उसकी लगातार निगरानी की जाती है।

राजकुमार का कहना है कि कई बार पक्षियों की हालत इतनी खराब होती है कि उन्हें बचा पाना मुश्किल लगता है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनमें से कई फिर से उड़ान भरने लगते हैं। यही पल उनके लिए सबसे बड़ी खुशी लेकर आता है।

पक्षियों के लिए बनाया गया विशेष ICU

इस सेंटर की सबसे खास बात यहां बना Bird ICU है। आमतौर पर लोग इंसानों के लिए ICU के बारे में जानते हैं, लेकिन यहां छोटे-छोटे पक्षियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

ICU में तापमान नियंत्रित रखा जाता है ताकि पक्षियों को ज्यादा गर्मी न लगे। कमजोर पक्षियों को ग्लूकोज ड्रिप दी जाती है और जरूरत पड़ने पर दवाइयां भी दी जाती हैं। कुछ पक्षियों को ऑक्सीजन सपोर्ट तक देना पड़ता है।

राजकुमार बताते हैं कि इलाज के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि पक्षियों को तनाव न हो। इसलिए उन्हें शांत वातावरण में रखा जाता है।

कैसे शुरू हुई यह अनोखी पहल

राजकुमार बचपन से ही पशु-पक्षियों से लगाव रखते थे। उन्होंने कई बार देखा कि गर्मी में पक्षी सड़क पर तड़पते रहते हैं लेकिन लोग उनकी ओर ध्यान नहीं देते। यही दृश्य उन्हें अंदर तक झकझोर गया।

धीरे-धीरे उन्होंने घायल पक्षियों का इलाज शुरू किया और फिर इसे एक मिशन बना लिया। आज उनके सेंटर में कई स्वयंसेवक भी मदद करते हैं। सोशल मीडिया के जरिए लोग उन्हें घायल पक्षियों की जानकारी देते हैं, जिसके बाद उनकी टीम तुरंत रेस्क्यू के लिए पहुंचती है।

लोगों से की खास अपील

राजकुमार का कहना है कि अगर हर व्यक्ति अपने घर की छत या बालकनी में पानी का एक छोटा बर्तन रख दे तो हजारों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि:

घर के बाहर पानी से भरा मिट्टी का बर्तन रखें

पक्षियों के लिए दाना डालें

पेड़ लगाने पर जोर दें

घायल पक्षी दिखने पर तुरंत स्थानीय रेस्क्यू टीम को सूचना दें

तेज धूप में पक्षियों को पकड़ने या परेशान करने से बचें

उनका कहना है कि इंसानों की तरह पक्षियों को भी जीने का अधिकार है और उन्हें बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना

‘पक्षीराज’ की यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग उनके काम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोग उन्हें असली हीरो बता रहे हैं, क्योंकि वे बिना किसी लालच के बेजुबानों की सेवा कर रहे हैं।

गुरुग्राम ही नहीं, आसपास के इलाकों से भी लोग घायल पक्षियों को उनके सेंटर तक लेकर पहुंच रहे हैं। कई सामाजिक संस्थाएं भी अब उनके साथ जुड़ने लगी हैं।

पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश

राजकुमार का यह प्रयास सिर्फ पक्षियों का इलाज भर नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण का भी बड़ा संदेश देता है। लगातार कटते पेड़ और बढ़ता प्रदूषण पक्षियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहे हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते प्रकृति और जीव-जंतुओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में कई पक्षियों की प्रजातियां खतरे में पड़ सकती हैं।

इंसानियत की मिसाल बने ‘पक्षीराज’

आज के दौर में जहां लोग अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि उन्हें आसपास की तकलीफें दिखाई नहीं देतीं, वहीं गुरुग्राम के ‘पक्षीराज’ ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत अभी जिंदा है।

भीषण गर्मी में जब परिंदे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, तब उनका यह बर्ड ICU हजारों बेजुबानों के लिए जीवनदान बन चुका है।

राजकुमार का यह संदेश हर किसी के दिल को छूता है कि “अगर हम बोल नहीं सकने वाले जीवों की मदद करेंगे, तभी हमारी इंसानियत सच मायनों में सफल होगी।”

During the extreme summer heatwave in Gurugram, bird rescuer Pakshiraj has emerged as a real-life hero by operating a specialized Bird ICU for injured and dehydrated birds. The rescue center provides emergency treatment, glucose drips, and intensive care for birds suffering from heat stroke, dehydration, and paralysis. His inspiring initiative for bird rescue and animal welfare is gaining attention across India and spreading awareness about protecting birds during rising temperatures and climate change.

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