spot_imgspot_img

गाजियाबाद में जामा मस्जिद के पास बनी 14 अवैध दुकानें ध्वस्त, कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर; 2.22 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में प्रशासन ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बेगमाबाद स्थित जामा मस्जिद के निकट बनी 14 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई। प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की संपत्ति है और उस पर बने निर्माण को अवैध कब्जा माना गया था।

कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी के जवान और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया था, जिसके बाद कुछ दुकानदारों ने स्वयं अपने निर्माण को हटाना शुरू कर दिया। बाद में शेष हिस्सों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।

वर्षों पुराना था भूमि विवाद

जानकारी के अनुसार बेगमाबाद स्थित जामा मस्जिद के पास की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुरुआती दौर में यह विवाद मस्जिद प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के बीच था। बाद में स्थानीय निकाय व्यवस्था में बदलाव के बाद यह मामला नगर पालिका परिषद मोदीनगर और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच पहुंच गया।

विवादित भूमि राजस्व अभिलेखों में मार्ग (सार्वजनिक रास्ता) के रूप में दर्ज बताई गई है। प्रशासन का कहना है कि इस भूमि पर समय के साथ दुकानें बन गई थीं, जिन्हें नगर पालिका परिषद ने अवैध कब्जा मानते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

न्यायालय में चला मामला

नगर पालिका परिषद मोदीनगर ने सार्वजनिक परिसर (Public Premises) से जुड़े प्रावधानों के तहत मस्जिद प्रबंधन के विरुद्ध वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई उपजिलाधिकारी स्तर के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने अपने आदेश में विवादित भूमि को नगर पालिका परिषद की संपत्ति माना और वहां बने निर्माण को अवैध करार दिया।

न्यायालय ने संबंधित पक्ष को भूमि खाली करने का आदेश देने के साथ-साथ लगभग 2 करोड़ 22 लाख 90 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बाद में इस आदेश को चुनौती देने के लिए पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, लेकिन न्यायालय ने उसे निरस्त कर दिया और पहले दिए गए आदेश को यथावत रखा।

नोटिस के बाद शुरू हुई कार्रवाई

न्यायालय के आदेश के बाद नगर पालिका परिषद और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। संबंधित लोगों को नोटिस देकर स्वेच्छा से निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा।

कार्रवाई से पहले अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया था।

कई दुकानदारों ने खुद हटाया सामान

ध्वस्तीकरण अभियान शुरू होने से पहले कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों से सामान बाहर निकाल लिया और कुछ ने निर्माण को स्वयं तोड़ना भी शुरू कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि लोगों को आर्थिक नुकसान कम से कम हो।

इसके बाद बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से शेष निर्माण हटाया गया। कार्रवाई कई घंटों तक चली और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। मौके पर डीसीपी ग्रामीण, एसडीएम, एसीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा पांच थानों की पुलिस फोर्स, महिला पुलिसकर्मी और पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया। प्रशासन ने लगभग एक किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी थी ताकि किसी प्रकार की अफवाह या विवाद की स्थिति पैदा न हो।

प्रशासन ने क्या कहा?

मोदीनगर प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुरूप की गई है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय और कानूनी अवसर दिया गया था, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

एसडीएम कार्यालय की ओर से जारी पत्र में पुलिस और राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए थे कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल की व्यवस्था की जाए। नगर पालिका परिषद को भी भूमि का कब्जा वापस लेने और आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

इलाके में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

बेगमाबाद में हुई यह कार्रवाई पूरे मोदीनगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि प्रशासन अब सार्वजनिक भूमि और सरकारी संपत्तियों पर हुए अतिक्रमण के मामलों में अधिक सख्ती दिखा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल ध्वस्तीकरण के बाद विवादित भूमि को नगर पालिका परिषद के कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में अन्य अवैध कब्जों की भी समीक्षा की जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

ममता बनर्जी की अहम बैठक में नहीं पहुंचे अधिकांश विधायक, TMC में बढ़ती नाराजगी की चर्चाओं ने पकड़ा जोर!

The Ghaziabad administration carried out a major demolition drive near Begamabad Jama Masjid in Modinagar after a court declared 14 shops illegal and ordered their removal from municipal land. The action followed a long-running encroachment dispute under the Public Premises Act, resulting in a penalty of ₹2.22 crore against the concerned parties. Heavy police deployment and PAC personnel were present to maintain law and order during the operation, making it one of the most significant encroachment removal drives in the region.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
44.7 ° C
44.7 °
44.7 °
9 %
5.9kmh
32 %
Mon
44 °
Tue
45 °
Wed
45 °
Thu
44 °
Fri
43 °

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related