गाजियाबाद में पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना नौवें दिन भी जारी, हवन कर पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग
AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिला मुख्यालय के बाहर पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती चुनौतियों के बावजूद पत्रकार अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में अब सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिलने लगा है।
धरने के नौवें दिन पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए धरना स्थल पर हवन का आयोजन किया। आंदोलनकारियों ने हवन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, न्याय और संवेदनशील कार्रवाई की मांग की।
लोनी बार एसोसिएशन ने दिया पत्रकारों को समर्थन
पत्रकारों के आंदोलन को बुधवार को उस समय मजबूती मिली, जब लोनी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता धरना स्थल पर पहुंचे और अपना समर्थन जाहिर किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यदि पत्रकारों को अपनी मांगों के लिए सड़क पर बैठना पड़े तो यह गंभीर विषय है।
वकीलों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलत कार्रवाई हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
अधिवक्ताओं ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं।
अपूर्वा चौधरी ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
धरना स्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की आवाज है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद रखते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अन्याय का सामना करता है तो उसे अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अपूर्वा चौधरी ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं और उन्हें उम्मीद है कि वरिष्ठ अधिकारी मामले में उचित निर्णय लेंगे।
पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद
आंदोलन कर रहे पत्रकारों का कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक जांच प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दी है। उनका आरोप है कि मामले में देरी से पीड़ित पक्ष को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पत्रकारों ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में पुलिस व्यवस्था को लेकर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई बेहद जरूरी है।
आंदोलन में लगातार बढ़ रहा समर्थन
पत्रकारों के इस आंदोलन में कई पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं। धरना स्थल पर पंकज शर्मा, पवन चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार संजय भाटी, विकास कुमार, ब्रजभूषण, सतीश कुमार, राजीव सिंह, रिहान जैदी, सुमन मिश्रा, उमेश त्यागी, महेश त्यागी, ब्रजभूषण शर्मा, ज्ञान भारद्वाज, आकाश गौड़ और सविता चौधरी सहित कई लोग मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
प्रशासन की भूमिका पर निगाह
गाजियाबाद में चल रहा यह पत्रकार आंदोलन अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर प्रशासनिक जवाबदेही और पत्रकार सुरक्षा जैसे मुद्दों से जुड़ गया है। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर है।
पत्रकारों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित कराना है। वहीं प्रशासन की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया के बाद ही आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी।
The Ghaziabad journalists protest has entered its ninth day, with journalists demanding a fair investigation and accountability from the police administration. Led by journalist Apurva Chaudhary, the protest has received support from lawyers and social activists. The media protest in Ghaziabad highlights concerns related to journalist safety, police transparency, justice, and administrative accountability in Uttar Pradesh.


















