AIN NEWS 1 मुंबई। शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, महाराष्ट्र के मुंबई उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने मुंबई की लोकल ट्रेनों में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए रेलवे प्रशासन और रेलवे पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया जाना चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
संतोष सिंह ने हाल ही में चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन में हुई हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मंगलवार रात भारी बारिश के दौरान फर्स्ट क्लास कोच में दरवाजा बंद रखने को लेकर दो यात्रियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद एक 30 वर्षीय व्यक्ति ने 21 वर्षीय युवक पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी जनवरी में एक कॉलेज शिक्षक पर लोकल ट्रेन में चाकू से हमला किया गया था। वहीं नवंबर 2024 में बोरीवली और कांदिवली के बीच एक विवाद के बाद एक यात्री को चलती ट्रेन से धक्का देकर ट्रैक पर गिरा दिया गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता की ओर संकेत करती हैं।
संतोष सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर कोई व्यक्ति धारदार हथियार लेकर रेलवे स्टेशन और ट्रेन तक बिना किसी प्रभावी जांच के कैसे पहुंच जाता है। उनके अनुसार यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों द्वारा मेट्रो रेल की तर्ज पर सभी स्टेशनों पर मेटल डिटेक्टर, सामान की अनिवार्य स्क्रीनिंग, ऑटोमैटिक डोर-क्लोजिंग ट्रेनें तथा एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की मांग की गई है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मुंबई की उपनगरीय रेलवे व्यवस्था में प्रतिदिन लाखों यात्रियों की आवाजाही और स्टेशनों के खुले प्रवेश द्वारों के कारण प्रत्येक यात्री और उसके सामान की जांच करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
इस पर अपनी राय रखते हुए संतोष सिंह ने कहा कि यदि सभी यात्रियों की जांच संभव नहीं है, तो रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को संयुक्त रूप से नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि यह अभियान किसी विशेष अवसर तक सीमित न रहे, बल्कि प्रतिदिन अलग-अलग स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और यहां तक कि चलती ट्रेनों की बोगियों में भी अचानक जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस अथवा अन्य महत्वपूर्ण अवसरों से पहले विशेष सुरक्षा जांच अभियान चलाए जाते हैं, उसी प्रकार नियमित औचक निरीक्षण को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
संतोष सिंह का मानना है कि यदि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को यह विश्वास रहेगा कि किसी भी समय उनकी तलाशी ली जा सकती है, तो उनके भीतर कानून का भय उत्पन्न होगा। इससे हथियार लेकर यात्रा करने वाले लोगों पर प्रभावी रोक लगेगी और लोकल ट्रेनों में होने वाली हिंसक घटनाओं में कमी आ सकती है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि नियमित औचक निरीक्षण, सक्रिय पुलिस निगरानी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
मुख्य बातें
- संतोष सिंह ने मुंबई लोकल ट्रेनों में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई।
- रेलवे प्रशासन, RPF और GRP द्वारा नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की।
- कहा कि अचानक होने वाली जांच से अपराधियों में भय पैदा होगा और यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी।


















