spot_imgspot_img

यूपी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के नियम बदले: अब आधार कार्ड से साबित नहीं होगा पारिवारिक रिश्ता, जानें नए दस्तावेजों की पूरी जानकारी!

spot_img

Date:

यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव, अब आधार कार्ड नहीं साबित करेगा पारिवारिक रिश्ता

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में जमीन, मकान और अन्य पारिवारिक संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के निबंधन विभाग ने संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है। अब सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर यह साबित नहीं किया जा सकेगा कि कोई व्यक्ति किसी का माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र या अन्य पारिवारिक सदस्य है।

नए निर्देशों के अनुसार आधार कार्ड को केवल पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा। पारिवारिक संबंधों की पुष्टि के लिए अब अलग से सरकारी मान्यता प्राप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

यह बदलाव उन मामलों में खास तौर पर प्रभावी होगा, जहां परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का हस्तांतरण, दान, बिक्री या अन्य प्रकार की रजिस्ट्री कराई जाती है।

आधार कार्ड को रिश्ते का प्रमाण क्यों नहीं माना जाएगा?

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड किसी व्यक्ति की पहचान और निवास की जानकारी देने वाला दस्तावेज है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान सत्यापित करना है, लेकिन यह किसी के पारिवारिक संबंधों या वंशावली का कानूनी प्रमाण नहीं है।

कई बार आधार कार्ड में पिता, पति या अभिभावक का नाम दर्ज होता है, लेकिन यह जानकारी केवल पहचान संबंधी विवरण के रूप में होती है। इसे कानूनी रूप से रिश्ते की पुष्टि का दस्तावेज नहीं माना जा सकता।

इसी वजह से उत्तर प्रदेश निबंधन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संपत्ति संबंधी मामलों में रिश्तों की पुष्टि के लिए उचित प्रमाण पत्रों की जांच की जाए।

अब किन दस्तावेजों से साबित होगा पारिवारिक संबंध?

यदि कोई व्यक्ति पारिवारिक संपत्ति की रजिस्ट्री या हस्तांतरण करा रहा है तो उसे रिश्ते की पुष्टि के लिए निम्न दस्तावेजों में से कोई प्रस्तुत करना पड़ सकता है—

जन्म प्रमाण पत्र

परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल

उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र

कानूनी वारिस प्रमाण पत्र

सरकारी विभाग द्वारा जारी अन्य संबंध प्रमाण पत्र

इन दस्तावेजों के माध्यम से यह पुष्टि की जाएगी कि संपत्ति से जुड़े पक्षों के बीच वास्तव में पारिवारिक संबंध मौजूद है या नहीं।

किन लोगों पर पड़ेगा इसका असर?

यह बदलाव मुख्य रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो परिवार के अंदर संपत्ति का लेन-देन करते हैं।

उदाहरण के तौर पर—

पिता से बेटे के नाम संपत्ति हस्तांतरण

पति या पत्नी के बीच संपत्ति का नामांतरण

माता-पिता से बच्चों को संपत्ति दान करना

उत्तराधिकार के आधार पर संपत्ति का बंटवारा

ऐसे मामलों में अब केवल आधार कार्ड के आधार पर रिश्ते को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

रजिस्ट्री कराने से पहले रखें जरूरी दस्तावेज तैयार

नए नियमों के बाद लोगों को सलाह दी गई है कि वे रजिस्ट्री कार्यालय जाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। यदि पारिवारिक संबंध साबित करने वाला प्रमाण उपलब्ध नहीं होगा तो प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संपत्ति विवादों को रोकने और गलत दावों पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है। कई मामलों में लोग आधार कार्ड में दर्ज संबंधों का उपयोग करके रिश्ते साबित करने की कोशिश करते थे, जबकि आधार इस उद्देश्य के लिए बनाया ही नहीं गया है।

संपत्ति विवाद रोकने में मिलेगी मदद

पारिवारिक संपत्तियों से जुड़े विवाद देशभर में बड़ी संख्या में सामने आते हैं। कई बार गलत व्यक्ति खुद को परिवार का सदस्य बताकर संपत्ति पर दावा कर देता है। ऐसे मामलों में सरकारी रिकॉर्ड और प्रमाण पत्रों के आधार पर सत्यापन करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

नए नियमों से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि इससे कुछ लोगों को अतिरिक्त दस्तावेज जुटाने की आवश्यकता होगी, लेकिन लंबे समय में यह संपत्ति विवादों को कम करने में मदद कर सकता है।

UIDAI के नियमों से जुड़ा है बदलाव

UIDAI की गाइडलाइन के अनुसार आधार कार्ड पहचान प्रमाण है, लेकिन यह जन्म, विवाह, रिश्तेदारी या उत्तराधिकार का प्रमाण पत्र नहीं है।

यही कारण है कि अब संपत्ति रजिस्ट्री जैसे कानूनी मामलों में संबंध साबित करने के लिए अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाएगी।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप उत्तर प्रदेश में किसी पारिवारिक संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे हैं तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि—

आपका पहचान पत्र उपलब्ध हो

पता प्रमाण मौजूद हो

पारिवारिक संबंध साबित करने वाले दस्तावेज तैयार हों

उत्तराधिकार या परिवार संबंधी मामले में संबंधित प्रमाण पत्र साथ रखें

इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान होगी और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।

उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़ा यह बदलाव आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब आधार कार्ड केवल पहचान और पते की पुष्टि करेगा, लेकिन पारिवारिक रिश्तों को साबित करने के लिए अलग सरकारी दस्तावेज जरूरी होंगे।

नया नियम संपत्ति हस्तांतरण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इसलिए जमीन, मकान या पारिवारिक संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से पहले जरूरी दस्तावेजों की तैयारी करना बेहद जरूरी होगा।

Uttar Pradesh Property Registry New Rules have changed the way family property transfer and registration will be verified. According to the latest update, Aadhaar Card will only work as identity proof and address proof, not as a legal proof of family relationship. For property registration in UP, documents like birth certificate, family register copy, legal heir certificate, and other government-approved relationship proofs may be required. The UP Stamp and Registration Department has introduced this step to improve transparency, prevent property fraud, and reduce family property disputes.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
broken clouds
29 ° C
29 °
27.1 °
74%
2.1m/s
81%
Tue
28 °
Wed
32 °
Thu
31 °
Fri
32 °
Sat
38 °
Video thumbnail
‘तुम अंधा है तो हम क्या करें...’ Gorakhpur में Ravi Kishan का भाषण, ठहाके लगा कर हंसने लगे CM Yogi
04:14
Video thumbnail
हापुड़ में 1300 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा गया, फूड सेफ्टी विभाग ने जमीन में दबाकर नष्ट कराया
00:25
Video thumbnail
उत्तराखंड में भारी बारिश, कैंची धाम में उफनाई शिप्रा नदी....
00:06
Video thumbnail
हरीश द्विवेदी के स्वागत से यूपी BJP में नए पावर सेंटर की चर्चा, 2024 में बस्ती से हारे थे चुनाव
01:08
Video thumbnail
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर 5 फीट गहरा गड्ढा, सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल
00:16
Video thumbnail
CJP Spokesperson Saurav Das : 'सारी मांगें सरकार ने मानी 5 सितंबर का प्रोटेस्ट कैंसिल'
00:36
Video thumbnail
गोरखनाथ पर्वत पहुंचे योगी
00:34
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : “सरकार अपना पैसा बर्बाद न करे बच्चों के खेल में”
00:17
Video thumbnail
GDP ग्रोथ को लेकर PM मोदी का बयान
02:40
Video thumbnail
जयपुर ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर गाली-गलौज और वसूली के आरोप
01:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related