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मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड में नया मोड़: SSP के PRO को कथित धमकी, वायरल ऑडियो और प्रदर्शन के बीच बढ़ा विवाद!

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मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड में नया मोड़: SSP के PRO को कथित धमकी, वायरल ऑडियो और प्रदर्शन के बीच बढ़ा विवाद

AIN NEWS 1: मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। मई 2026 में हुई इस दर्दनाक वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। अब न्याय की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव, मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय का वायरल थप्पड़ वीडियो और एसएसपी के पीआरओ को मिली कथित धमकी ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।

एक तरफ ललिता गौतम के परिवार और सामाजिक संगठन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

क्या है पूरा ललिता गौतम हत्याकांड?

यह मामला मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र का है। मई 2026 में बीए की छात्रा ललिता गौतम परीक्षा देने के बाद अपने घर लौट रही थीं। परिजनों के अनुसार वह निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचीं, जिसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य परिचितों से संपर्क कर उनकी तलाश शुरू की।

काफी खोजबीन के बावजूद जब ललिता का कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी समय परिजनों ने अंकुश नामक युवक पर संदेह जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की।

गन्ने के खेत में मिला शव, इलाके में फैला आक्रोश

गुमशुदगी दर्ज होने के अगले ही दिन रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के पास गन्ने के खेत में एक युवती का अर्धनग्न शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू की।

बाद में शव की पहचान ललिता गौतम के रूप में हुई। इस घटना की खबर सामने आते ही पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज कर दी।

जांच और पुलिस कार्रवाई

हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए कई संदिग्धों से पूछताछ की और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया। हालांकि पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है, इसलिए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

इसी मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग

हाल ही में मेरठ में कई सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कमिश्नरी पार्क से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। कुछ समय के लिए सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

रवि गौतम का वीडियो बना विवाद की वजह

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए रवि गौतम को पुलिस वाहन में बैठाया गया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय पुलिस वाहन के अंदर जाकर रवि गौतम को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया।

इस वायरल वीडियो के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया।

अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वायरल वीडियो को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।

वहीं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दलित परिवार को अभी तक पूरा न्याय नहीं मिला है। उन्होंने मेरठ पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।

इन राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बाद यह मामला राज्य स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया।

SSP के PRO को कथित धमकी भरी कॉल

मामले में नया मोड़ तब आया जब मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) को कथित रूप से एक धमकी भरी कॉल आने की जानकारी सामने आई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो में एक व्यक्ति स्वयं को वकील बताते हुए एसएसपी से अकेले में मिलने की बात करता सुनाई देता है। वायरल ऑडियो में कथित रूप से कहा गया है—

“एक बार अकेले में कप्तान साहब से मिलवा दो… खुले मैदान में।”

यह ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विभिन्न मीडिया संस्थानों ने भी स्पष्ट किया है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावे

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी और अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।

दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे केवल निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की।

यही कारण है कि यह मामला अब केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर भी बहस का विषय बन चुका है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

ललिता गौतम हत्याकांड की जांच अभी जारी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने का दावा कर रही है। वहीं पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठन लगातार निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।

वायरल वीडियो और कथित धमकी वाले ऑडियो के सामने आने के बाद इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल ऑडियो और अन्य विवादित घटनाओं की वास्तविकता क्या है।

फिलहाल प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रहा है, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

The Meerut Lalita Gautam Murder Case has once again gained national attention after an alleged threat call to SSP Avinash Pandey’s PRO, a viral slap video, and fresh protests demanding justice. The case, involving the murder of BA student Lalita Gautam, has sparked widespread debate over the police response, ongoing investigation, and political reactions from Akhilesh Yadav and Chandrashekhar Azad. Stay updated with the latest developments, investigation updates, protest news, and official statements related to this high-profile Meerut crime case.

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