जयपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात का खुलासा
AIN NEWS 1: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने रिश्तों पर भरोसा करने वालों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बेटी पर अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस जांच के अनुसार, बेटी ने अनुकंपा नियुक्ति पाने और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने के लालच में अपने ताऊ, ताऊ के बेटे और अन्य लोगों के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना बनाई। हत्या को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने के लिए कथित तौर पर सात लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
जयपुर पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।

3 जुलाई को हुआ था कथित सड़क हादसा
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में इसे सामान्य सड़क हादसा माना गया और मर्ग दर्ज की गई।
हालांकि, मृतका के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर आशंका जताई कि उनकी बहन की हत्या की गई है और इसे जानबूझकर सड़क दुर्घटना का रूप दिया गया है। इसी शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल और आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक लग्जरी कार काफी देर तक महिला का पीछा करती दिखाई दी।
पुलिस के अनुसार, कार करीब एक किलोमीटर तक धीमी गति से महिला के पीछे चलती रही। जैसे ही सुनसान सड़क मिली, चालक ने अचानक तेज रफ्तार में कार महिला की ओर मोड़ दी और उसे कुचल दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
बाद में वही कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर लावारिस हालत में मिली। कार की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी हुई थी ताकि उसकी पहचान न हो सके। वाहन पर दुर्घटना के स्पष्ट निशान भी मौजूद थे।
तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन बनी सबसे बड़ा सबूत
सीसीटीवी फुटेज के अलावा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर जयपुर, भरतपुर, आगरा और मथुरा में लगातार दबिश दी गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया। पुलिस का कहना है कि हत्या की योजना कई सप्ताह पहले बनाई गई थी और पहली कोशिश असफल होने के बाद दोबारा वारदात को अंजाम दिया गया।
कैसे रची गई पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के दिन मृतका अपने नाबालिग दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान पहले से पीछा कर रही कार ने सुनसान स्थान पर उन्हें टक्कर मार दी।
पूछताछ में आरोपी आकाश ने बताया कि आयुषी और अन्य लोगों ने हेमंत को सात लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसके बाद भरतपुर से किराए पर एक लग्जरी कार लाई गई।
वारदात के समय कार आकाश चला रहा था, जबकि अरविंद उसके साथ बैठा था। दूसरी ओर रोहित बाइक से लगातार महिला की लोकेशन देता रहा ताकि सही समय पर हमला किया जा सके।
पुलिस के अनुसार पूरी वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह सामान्य सड़क दुर्घटना लगे और किसी को हत्या का संदेह न हो।
अनुकंपा नौकरी और संपत्ति बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब एक वर्ष पहले नीरज शर्मा के पति का निधन हो गया था। इसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।
आरोप है कि बेटी आयुषी चाहती थी कि मां की मौत के बाद वही अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करे। इसके अलावा जयपुर में स्थित पिता के दो मकानों पर भी उसका अधिकार हो जाए।
इसी बीच मृतका के जेठ मोहन स्वरूप शर्मा और उनका बेटा बलराम कथित रूप से हाईवे किनारे स्थित करीब पांच बीघा जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि संपत्ति और नौकरी के लालच ने परिवार के कुछ सदस्यों को इतना अंधा बना दिया कि उन्होंने हत्या की साजिश रच डाली।
एक माह पहले भी की गई थी कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लगभग एक महीने पहले भी महिला की हत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय वे सफल नहीं हो सके।
इसके बाद दोबारा योजना बनाई गई और 3 जुलाई को सुनियोजित तरीके से महिला को कार से कुचल दिया गया।
सात आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, जेठ मोहन स्वरूप शर्मा, मोहित शर्मा, अरविंद शर्मा, रोहित जाटव, आकाश शर्मा और हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पूछताछ में पुलिस लगातार यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब से बनाई जा रही थी, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि मृतका के भाई ने हत्या की आशंका जताकर शिकायत दर्ज नहीं कराई होती तो यह मामला संभवतः सड़क दुर्घटना मानकर बंद हो सकता था।
तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। अब सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
जयपुर का यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि रिश्तों के टूटते विश्वास की दर्दनाक तस्वीर भी है। जिस मां ने परिवार के लिए जीवन बिताया, उसी की हत्या की साजिश कथित रूप से उसके अपने लोगों ने रच डाली। संपत्ति और सरकारी नौकरी का लालच किस हद तक इंसान को संवेदनहीन बना सकता है, यह घटना उसी का एक भयावह उदाहरण बनकर सामने आई है। अब पूरे मामले में अदालत की सुनवाई और पुलिस जांच आगे की सच्चाई तय करेगी।
The Jaipur murder case has shocked the nation after police revealed that a daughter allegedly conspired to kill her mother for a compassionate government job and crores worth of family property. According to investigators, the murder was carefully planned to resemble a road accident, with CCTV footage, mobile location data, and technical evidence exposing the conspiracy. The Jaipur Police arrested seven accused involved in the property dispute murder case, making it one of the most sensational Rajasthan crime news stories of the year. This case highlights the growing concerns over family disputes, inheritance conflicts, and organized murder conspiracies in India.


















