असम में बाढ़ का कहर: 16 जिलों में 5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 21 और मौतों के बाद मृतकों की संख्या 31 पहुंची
AIN NEWS 1 गुवाहाटी। पूर्वोत्तर भारत का राज्य असम एक बार फिर भीषण बाढ़ और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की चपेट में है। पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा ने राज्य के हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 5.65 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि बीते 24 घंटों में 21 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद इस वर्ष बाढ़ और उससे जुड़े हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

लगातार बारिश से बिगड़े हालात
दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण असम में लगातार तेज बारिश हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे गांवों और कस्बों में पानी भर गया है।
हजारों परिवारों के घर जलमग्न हो चुके हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
असम की जीवनरेखा मानी जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी सहित राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें कोपिली, बराक, धानसिरी, बेकी, पुथीमारी और अन्य सहायक नदियां भी शामिल हैं।
जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। कई स्थानों पर तटबंधों पर दबाव बढ़ने के कारण प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
16 जिलों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर
ASDMA के अनुसार जिन जिलों में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है उनमें धुबरी, गोलपाड़ा, मोरीगांव, नगांव, दरंग, बारपेटा, बोंगाईगांव, कामरूप, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी सहित कुल 16 जिले शामिल हैं।
इन जिलों के हजारों गांवों में पानी भर गया है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 5.65 लाख को पार कर चुकी है। बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
कई ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी, भोजन और दवाइयों की कमी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
राहत शिविरों में शरण ले रहे लोग
राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं।
इन शिविरों में हजारों लोग रह रहे हैं, जहां उन्हें भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
21 लोगों की मौत से बढ़ी चिंता
ASDMA के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़, भूस्खलन और अन्य बारिश संबंधी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई है।
इन मौतों के बाद इस वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 31 हो गई है।
प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भी प्रभावित
लगातार बारिश का असर विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पर भी पड़ा है।
उद्यान के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिसके कारण वन्यजीव ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वन विभाग ने जानवरों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी बढ़ा दी है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की गति सीमित कर दी गई है ताकि सड़क पार करते समय वन्यजीव सुरक्षित रह सकें।
फसलों और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
धान और अन्य खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई पशुओं की मौत और बड़ी संख्या में मवेशियों के बह जाने की भी खबरें सामने आई हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
सरकार की राहत और बचाव कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं।
राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।
नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
राहत शिविरों में भोजन, दवा और पेयजल की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए तैनात हैं।
पशुपालन विभाग भी प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के लिए चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
लोगों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा अधिक है, वहां रहने वाले लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
असम इस समय मानसून की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकार, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश चुनौती को और बढ़ा रही है। आने वाले कुछ दिन असम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि बारिश कम नहीं हुई तो प्रभावित क्षेत्रों और लोगों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
Assam Floods 2026 continue to worsen as heavy rainfall has affected more than 565,000 people across 16 districts. According to the Assam State Disaster Management Authority (ASDMA), the death toll has risen to 31 after 21 more fatalities were reported within 24 hours. The Brahmaputra River and several other rivers are flowing above the danger mark, forcing thousands of residents into relief camps. Rescue operations by NDRF, SDRF, and the state government are underway, while the India Meteorological Department (IMD) has issued fresh heavy rainfall alerts for Assam and other northeastern states. This latest Assam flood news highlights the severe impact of the monsoon and the ongoing humanitarian crisis.


















