spot_imgspot_img

कांवड़ यात्रा 2026: एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की एंट्री पर रोक, गाजियाबाद में 21 वैकल्पिक मार्ग तैयार, 1275 CCTV कैमरों से होगी निगरानी

spot_img

Date:

कांवड़ यात्रा 2026: एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की एंट्री पर रोक, गाजियाबाद में 21 वैकल्पिक मार्ग तैयार, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

AIN NEWS 1 गाजियाबाद। सावन के पावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रियों को किसी भी एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जा रहे हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जा रही है।

प्रदेश स्तर पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं।

उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में मंडलायुक्त, पुलिस रेंज के आईजी एवं डीआईजी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि इस बार कांवड़ यात्रियों को एक्सप्रेसवे का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसके स्थान पर पहले से चिन्हित वैकल्पिक मार्गों से यात्रा कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे और हाई स्पीड ट्रैफिक भी प्रभावित न हो।

एक सप्ताह में पूरी करनी होंगी सभी तैयारियां

शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अगले एक सप्ताह के भीतर कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

इन तैयारियों में शामिल हैं—

कांवड़ मार्गों की मरम्मत

गड्ढामुक्त सड़कें

स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था

पेयजल की उपलब्धता

साफ-सफाई

बैरिकेडिंग

चिकित्सा सुविधाएं

सुरक्षा व्यवस्था

सरकार ने कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा।

गाजियाबाद में एक्सप्रेसवे पर नहीं चढ़ सकेंगे कांवड़िये

गाजियाबाद प्रशासन ने भी शासन के निर्देशों का पालन शुरू कर दिया है।

अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप के अनुसार जिन स्थानों पर कांवड़ मार्ग एक्सप्रेसवे से जुड़ते हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन स्थानों पर एक्सप्रेसवे मित्र और पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी ताकि कोई भी श्रद्धालु गलती से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश न कर सके।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

21 वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे लाखों श्रद्धालु

गाजियाबाद जिले में कांवड़ यात्रा के लिए कुल 21 प्रमुख मार्ग तैयार किए जा रहे हैं।

नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा अन्य सरकारी एजेंसियां इन मार्गों की मरम्मत और सुधार कार्य में तेजी से जुटी हुई हैं।

इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 100 किलोमीटर बताई गई है और अनुमान है कि यात्रा के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु इन्हीं मार्गों से होकर गुजरेंगे।

अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने और शासन को नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

1275 CCTV कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से मजबूत बनाया गया है।

पूरे कांवड़ मार्ग पर लगभग 1275 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी।

इसके अलावा—

ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी।

संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग होगी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हर समय संपर्क में रहेंगे।

1437 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी

कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में व्यापक पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

यात्रा मार्ग पर—

193 स्थानों पर पुलिस ड्यूटी रहेगी।

लगभग 1437 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।

17 स्थायी बैरियर लगाए जाएंगे।

प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहेगा।

इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें भी बनाई गई हैं।

तीन सुपर जोन और 24 सेक्टर में बांटा गया पूरा क्षेत्र

बेहतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।

प्रशासन ने पूरे जिले को—

3 सुपर जोन

11 जोन

24 सेक्टर

में विभाजित किया है।

हर जोन और सेक्टर के लिए अलग अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो लगातार स्थिति की निगरानी करेंगे।

157 कांवड़ शिविर और 12 प्रवेश द्वार चिन्हित

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिले में 157 कांवड़ शिविर चिन्हित किए गए हैं।

इसके अलावा 12 प्रमुख प्रवेश द्वार भी निर्धारित किए गए हैं, जहां सुरक्षा जांच और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी।

यहां पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से श्रद्धालुओं की सहायता की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारी की है।

जिले के 29 अस्पतालों में लगभग 150 बेड आरक्षित किए गए हैं।

इसके अलावा—

24 मोबाइल मेडिकल टीमें

एंबुलेंस सेवा

प्राथमिक उपचार केंद्र

चिकित्सा कर्मियों की विशेष ड्यूटी

लगातार सक्रिय रहेंगी।

गर्मी, थकान या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क रहेंगे सक्रिय

यात्रा के दौरान मेरठ रेंज का मुख्य कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रहेगा।

इसके साथ—

4 स्थानीय कंट्रोल रूम

8 हेल्प डेस्क

33 वायरलेस पब्लिक एड्रेस सिस्टम

26 लाउडस्पीकर

के माध्यम से यात्रियों को आवश्यक जानकारी और दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

दूधेश्वरनाथ मंदिर रहेगा विशेष निगरानी में

गाजियाबाद के प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।

यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

मंदिर परिसर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा ताकि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके। इसके लिए अलग कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।

Morning News Brief: राहुल को पुलिस ने धरने से उठाया; जज बोले- चढ़ावा चोरी के आरोपियों को मौत की सजा होनी चाहिए; वांगचुक मेदांता शिफ्ट

यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।

यात्रा मार्गों, ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ की स्थिति की जानकारी लगातार संबंधित जिलों और मंडल स्तर पर साझा की जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिया जा सके।

क्या है प्रशासन की प्राथमिकता?

प्रशासन का कहना है कि इस बार प्राथमिक उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करना है। एक्सप्रेसवे पर रोक का निर्णय तेज रफ्तार वाहनों और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

नोट: एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की एंट्री रोकने और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था संबंधी निर्णय की पुष्टि शासन स्तर की समीक्षा बैठक से हुई है। वहीं 1275 CCTV, 1437 पुलिसकर्मी, 157 शिविर और अन्य स्थानीय आंकड़े जिला प्रशासन की तैयारियों पर आधारित हैं।

The Uttar Pradesh government has intensified preparations for Kanwar Yatra 2026 by restricting Kanwariyas from using expressways and developing 21 alternative routes in Ghaziabad. Enhanced CCTV surveillance, heavy police deployment, drone monitoring, traffic management, medical facilities, and dedicated control rooms have been planned to ensure a safe and smooth pilgrimage. These measures aim to improve public safety, reduce traffic congestion, and facilitate the movement of millions of Kanwar pilgrims across Uttar Pradesh.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
34.6 ° C
34.6 °
34.6 °
46 %
4.9kmh
94 %
Wed
34 °
Thu
35 °
Fri
35 °
Sat
36 °
Sun
36 °
Video thumbnail
जंतर मंतर पर छात्रों की अदालत !
00:35
Video thumbnail
Mallikarjun Kharge : "न‍िष्‍पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी जब धमेंद्र प्रधान का इस्‍तीफा होगा..."
00:52
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "सरकार देखना एक दिन दिल्ली बंद कर देगी..."
01:08
Video thumbnail
Yogi Adityanath : “छांगूर को हमने यहीं बलरामपुर से पकड़ा था...”
00:41
Video thumbnail
छात्रों के मुद्दे पर संसद में धरने पर बैठे Chandrashekhar Azad के साथ AAP MP Sanjay Singh
01:08
Video thumbnail
'सरकार NEET Paper Leak पर बात करने को तैयार' Monsoon Session के दौरान Kiren Rijiju ने क्या कहा?
01:07
Video thumbnail
Brij Bhushan Sharan Singh : 'छात्रों को फिर ठगा गया, मैं उनका समर्थन करता हूं'
01:29
Video thumbnail
NEET पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसदों ने काला कपड़ा पहनकर किया प्रदर्शन
00:20
Video thumbnail
अखिलेश यादव: यह राजनीति नहीं, छात्रों और युवाओं के अधिकारों का मुद्दा है
01:16
Video thumbnail
जंतर मंतर प्रदर्शन पर बोले राजनाथ सिंह | Rajnath Singh on Jantar Mantar Protest | Paper Leak
02:12

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related