लखनऊ में कथित धर्मांतरण रैकेट का खुलासा: पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े नेटवर्क की जांच
AIN NEWS 1 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़े कथित धर्मांतरण रैकेट का मामला सामने आया है। मोहनलालगंज क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पास्टर डेनियल, उसकी पत्नी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। शुरुआती जांच में इस पूरे मामले के तार उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका जताई गई है। इसी वजह से पुलिस इसे एक संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क मानकर गहराई से जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से धार्मिक साहित्य, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, एक बोलेरो वाहन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली डायरी बरामद की है। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क की फंडिंग कहां से हो रही थी और इसके संपर्क किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें कुछ समय से मोहनलालगंज क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। स्थानीय स्तर पर शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मामले की निगरानी शुरू की। पर्याप्त जानकारी मिलने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की, जिसके बाद सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब उनसे लगातार पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी भी गिरफ्त में
गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में कथित मुख्य सरगना पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी भी शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि यह दोनों पूरे नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दोनों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान और दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य
बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय दस्तावेज
एक बोलेरो वाहन
संपर्क विवरण और लेन-देन से जुड़ी डायरी
अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य
जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसकी पहुंच किन क्षेत्रों तक थी।
बैंक लेन-देन की हो रही जांच
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वित्तीय लेन-देन माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और बैंक स्टेटमेंट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि खातों में आने वाला पैसा किन स्रोतों से आया और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया।
यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या वास्तव में अंतरराज्यीय नेटवर्क था?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि आरोपियों के संपर्क उत्तर प्रदेश के बाहर भी हो सकते हैं। इसी आधार पर पुलिस इसे संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
हालांकि अभी तक किसी अन्य राज्य में बड़े स्तर पर कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी आवश्यक जानकारी साझा की जा रही है।
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
एफआईआर और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों पर लोगों को आर्थिक सहायता, इलाज, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि यह आरोप अभी जांच के अधीन हैं। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाएंगे। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा।
डायरी से मिल सकते हैं बड़े सुराग
बरामद डायरी को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इसमें कई व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर, आर्थिक लेन-देन और संपर्कों से जुड़ी जानकारी दर्ज हो सकती है। यदि यह जानकारी सत्य पाई जाती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कराई जा रही है।
पुलिस की आगे की रणनीति
जांच एजेंसियां अब कई बिंदुओं पर काम कर रही हैं—
बैंक खातों की विस्तृत जांच
मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा का विश्लेषण
अन्य राज्यों से संपर्कों की पुष्टि
वित्तीय स्रोतों का सत्यापन
संभावित सहयोगियों की पहचान
यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
कानूनी प्रक्रिया जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना तेजी से की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
अब तक सामने आए प्रमुख तथ्य
लखनऊ के मोहनलालगंज में पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी समेत सात आरोपी गिरफ्तार।
धार्मिक साहित्य, बैंक स्टेटमेंट, बोलेरो और डायरी बरामद।
कथित धर्मांतरण और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी।
अंतरराज्यीय नेटवर्क होने की संभावना की जांच।
बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच।
मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव।
लखनऊ के मोहनलालगंज में सामने आया यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण जांच का विषय बन गया है। पुलिस का दावा है कि उसने कथित धर्मांतरण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है, जबकि जांच एजेंसियां अब इसके आर्थिक स्रोतों, संपर्कों और संभावित अंतरराज्यीय कड़ियों की गहराई से जांच कर रही हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सभी आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की दृष्टि में निर्दोष माने जाएंगे। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
Lucknow Police have arrested seven accused, including Pastor Daniel and his wife, in an alleged religious conversion racket operating from Mohanlalganj, Uttar Pradesh. The investigation focuses on a suspected interstate conversion network, financial transactions, bank records, religious literature, and digital evidence. Authorities are examining possible links with other states while verifying the funding sources behind the alleged activities. This developing Uttar Pradesh crime story highlights the ongoing police investigation into the alleged religious conversion case and its wider network.



















