AIN NEWS 1 | गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बुजुर्ग और अनपढ़ विधवा महिला ने अपनी ही सगी बहन और जीजा पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी, विश्वासघात, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि जिन लोगों पर उसने सबसे अधिक भरोसा किया, उन्हीं लोगों ने उसकी जमीन बिकवाकर लाखों रुपये का कथित गबन कर लिया।
महिला अब न्याय पाने के लिए पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रही है। उसका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक उसे न्याय नहीं मिला है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
जमीन बेचने के लिए बहला-फुसलाने का आरोप
पीड़ित महिला के अनुसार वह अनपढ़ होने के कारण संपत्ति और खरीद-बिक्री से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं रखती थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसकी सगी बहन और जीजा ने उसे भरोसे में लिया और उसकी एक बीघा जमीन बेचने के लिए तैयार कर लिया।
महिला का कहना है कि उसकी जमीन का सौदा 51 लाख रुपये में कराया गया। उसने अपने रिश्तेदारों की बातों पर भरोसा करते हुए जमीन बेच दी क्योंकि उसे विश्वास था कि उसकी बहन और जीजा उसके हित में ही काम कर रहे हैं।
70 गज का मकान दिलाने का दावा
महिला का आरोप है कि जमीन बेचने के बाद उसके जीजा ने मुरादनगर क्षेत्र में 70 गज का एक मकान खरीदवाया। उसे बताया गया कि इस मकान की कीमत 47 लाख रुपये है।
चूंकि महिला पढ़ी-लिखी नहीं थी और उसे संपत्ति की वास्तविक कीमतों का कोई अंदाजा नहीं था, इसलिए उसने बिना किसी संदेह के इस जानकारी पर भरोसा कर लिया।
जांच करने पर सामने आया कथित सच
कुछ समय बाद महिला को पूरे लेन-देन पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने स्वयं इस सौदे की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
महिला का दावा है कि जब उसने उस व्यक्ति से संपर्क किया जिसने मकान बेचा था, तो उसने बताया कि मकान की वास्तविक बिक्री कीमत केवल 38 लाख रुपये थी, न कि 47 लाख रुपये।
इसके अलावा महिला का आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने भी इस बात की पुष्टि की कि मकान 38 लाख रुपये में ही बेचा गया था। महिला के अनुसार डीलर ने यह भी बताया कि उसके जीजा ने उसे वास्तविक कीमत महिला को न बताने के लिए कहा था।
यदि महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इस सौदे में करीब 9 लाख रुपये का अंतर सामने आता है, जिसे लेकर महिला ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
बहन और जीजा पर गंभीर आरोप

पीड़िता का कहना है कि जब उसे पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसने अपनी बहन और जीजा से इस बारे में जवाब मांगा। लेकिन जवाब देने के बजाय दोनों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
महिला का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और उसे धमकाया गया। पीड़िता का दावा है कि आरोपियों ने उससे कहा कि वह जो करना चाहे कर ले, उसके पैसे वापस नहीं मिलेंगे।
इन आरोपों ने पूरे मामले को केवल आर्थिक विवाद तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आपराधिक आरोपों के दायरे में भी ला दिया है।
पुलिस में दी शिकायत
घटना के बाद महिला ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। उसने अपनी शिकायत में कथित धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी देने के आरोपों का उल्लेख किया है।
हालांकि महिला का कहना है कि शिकायत देने के बाद भी अभी तक पुलिस की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण वह लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
पति के निधन के बाद अकेले संघर्ष कर रही महिला
पीड़ित महिला के अनुसार उसके पति का पहले ही निधन हो चुका है। पति के जाने के बाद उसकी जमीन और जमा-पूंजी ही उसके जीवन का सबसे बड़ा सहारा थी।
महिला का आरोप है कि उसी संपत्ति को उसके अपने रिश्तेदारों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के जरिए नुकसान पहुंचाया। अब वह आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना कर रही है।
रिश्तों पर उठे सवाल
यह मामला केवल एक संपत्ति विवाद नहीं बल्कि रिश्तों में विश्वास के टूटने की कहानी भी माना जा रहा है। आमतौर पर लोग अपने परिवार के सदस्यों पर सबसे अधिक भरोसा करते हैं, लेकिन इस मामले में महिला ने अपनी ही बहन और जीजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़ित महिला ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और कथित रूप से हड़पी गई राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में जांच के दौरान किन तथ्यों तक पहुंचती है और क्या आरोपों की पुष्टि हो पाती है। यदि जांच में महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय कानून के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल यह मामला जांच और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया में है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
(नोट: यह समाचार पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)



















