नमस्कार,
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर कमेंट किया। तमिनलाडु सीएम विजय की महिला मित्र एक्ट्रेस तृष्णा पर कमेंट के बाद नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हुई। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि झारखंड के रांची में भी 11 दिन से JPSC और JSSC पेपर लीक को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. कॉकरोच जनता पार्टी की पहली कोर कमेटी बैठक महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में।
2. सुप्रीम कोर्ट में धार भोजशाला मामले पर अंतिम सुनवाई।
3. Meta की ग्लोबल टीम की 5-6 अगस्त तक IT मंत्रालय के साथ बैठक।
कल की बड़ी खबरें:
1. राहुल गांधी का RSS पर हमला: बोले- इतिहास बदलने की कोशिश, इसके पीछे खतरनाक विचारधारा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर देश के इतिहास को बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत अपने इतिहास को मिटाने या उसमें बदलाव करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी ने यह बयान पूर्व कांग्रेस सांसद वाइको की किताब ‘Vaiko in Parliament’ के विमोचन कार्यक्रम में दिया। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां छात्र सड़कों पर उतरकर परीक्षाओं में निष्पक्षता और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार अपने कामकाज और नीतियों को लेकर जवाबदेही तय करे।
राहुल गांधी ने इससे पहले भी कई मौकों पर RSS और भाजपा की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि RSS और भाजपा लोगों को सवाल पूछने से रोकना चाहते हैं और देश के इतिहास तथा संस्थाओं को अपनी विचारधारा के अनुरूप बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य बातें:
- राहुल गांधी ने RSS पर देश का इतिहास बदलने की कोशिश का आरोप लगाया।
- उन्होंने छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग का समर्थन किया।
- राहुल ने कहा कि सरकार को अपने कामकाज को लेकर जवाबदेह होना चाहिए।
2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के दो महीने बाद अयोध्या पहुंचे चंपत राय, कैमरे देखकर हुए नाराज

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला सामने आने के करीब दो महीने बाद अयोध्या में सार्वजनिक रूप से नजर आए। वह तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे, जहां मीडिया ने उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने की कोशिश की।
मीडियाकर्मियों को देखकर चंपत राय नाराज नजर आए और उन्होंने अपने साथ मौजूद लोगों को इशारा कर कैमरे बंद कराने को कहा। इसके बाद उन्होंने तपस्वी छावनी मंदिर के परमाध्यक्ष से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद परमाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने चंपत राय से अयोध्या नहीं छोड़ने का अनुरोध किया है। उनके मुताबिक चंपत राय ने इस निवेदन को स्वीकार करते हुए अंतिम सांस तक अयोध्या में रहने की बात कही।
इससे पहले राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों को लेकर चंपत राय ने 7 जून को वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर में चोरी नहीं हुई है। चढ़ावा चोरी से जुड़ा मामला 6 जून 2026 को सामने आया था और मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
मुख्य बातें:
- करीब दो महीने बाद अयोध्या में सार्वजनिक रूप से नजर आए चंपत राय।
- मीडियाकर्मियों के कैमरे देखकर नाराज हुए और उन्हें बंद कराने का इशारा किया।
- चढ़ावा चोरी के आरोपों पर पहले ही वीडियो जारी कर सफाई दे चुके हैं।
3. यूपी विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामा, सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निष्कासित
उत्तर प्रदेश विधानसभा में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे पर मंगलवार को जोरदार हंगामा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।
कार्रवाई के विरोध में सचिन यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में सपा के कई विधायक भी बाहर आ गए। रागिनी सोनकर और अतुल प्रधान समेत 20 से अधिक विधायकों ने सचिन यादव के समर्थन में विरोध जताया।
स्थिति को शांत कराने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी पहुंचे। उन्होंने सचिन यादव और अन्य विधायकों से बातचीत की, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
विधानसभा के अंदर हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोल रहे थे। इसी बीच सचिन यादव ने कथित तौर पर उनकी तस्वीर लहराई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने सचिन यादव को चेतावनी देते हुए सदन से बाहर जाने को कहा और बाद में उन्हें पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।
मुख्य बातें:
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा।
- सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित किया गया।
- कार्रवाई के विरोध में 20 से अधिक सपा विधायक सचिन यादव के समर्थन में उतरे।
4. अभिनेत्री तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, पूछताछ के बाद रिहा
तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
उदयनिधि ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था और उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।
विवाद तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली से जुड़ा है। रैली में भीड़ अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान उदयनिधि ने एक टिप्पणी की, जिसे अभिनेत्री से जोड़कर आपत्तिजनक बताया गया। बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनका इशारा तृषा की ओर नहीं, बल्कि कावेरी के पानी को लेकर था।
तृषा कृष्णन और उदयनिधि स्टालिन के निजी रिश्तों को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चाएं होती रही हैं। दोनों तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। हालांकि इस तरह की चर्चाओं को दोनों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
मुख्य बातें:
- तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई।
- करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
- उदयनिधि ने महिला के अपमान के आरोप से इनकार करते हुए टिप्पणी का संदर्भ कावेरी जल विवाद बताया।
5. रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का 10 दिनों से आंदोलन, सरकार से बातचीत की मांग; विधानसभा घेराव का ऐलान

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले 10 दिनों से जारी है। जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC की संबंधित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लगातार आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि उनसे औपचारिक बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है।
आंदोलनकारी छात्रों ने 6 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन को कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।
वहीं JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के नेता देवेंद्र महतो ने लगातार तीसरे दिन भूख हड़ताल जारी रखी। तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की और अपनी भूख हड़ताल दिवंगत गुरु शिबू सोरेन को समर्पित करने की बात कही।
मुख्य बातें:
- JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर रांची में 10 दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी।
- छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
- प्रदर्शनकारियों ने 6 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान किया।
6. शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन पर भारत-बांग्लादेश में विवाद, नई दिल्ली के कार्यक्रम में होंगी शामिल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) के एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी। 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह सामने आएंगी।
शेख हसीना FCCSA के कार्यक्रम में वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़ेंगी। FCCSA नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी।
इस कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश ने भारत के सामने आपत्ति दर्ज कराते हुए हसीना के संबोधन पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि भारत सरकार ने इस मांग से दूरी बनाते हुए कहा कि शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है।
भारत की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम का आयोजन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा किया जा रहा है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
हसीना ने संबोधन के लिए 5 अगस्त का दिन चुना है। ठीक दो साल पहले 5 अगस्त 2024 को बड़े छात्र आंदोलन और राजनीतिक संकट के बीच उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे, जिसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दिया और सैन्य विमान से भारत आ गई थीं।
मुख्य बातें:
- शेख हसीना नई दिल्ली के FCCSA कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी।
- बांग्लादेश ने भारत से संबोधन रोकने की मांग की है।
- भारत सरकार ने कहा कि कार्यक्रम निजी संस्था का है और सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।



















