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उत्तराखंड में 17 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, पंजीकृत सूची से हटाए गए

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AIN NEWS 1 देहरादून: उत्तराखंड में चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के 17 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (Registered Unrecognized Political Parties – RUPPs) को पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से हटा दिया है। आयोग की यह कार्रवाई उन दलों के खिलाफ की गई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय थे और वर्ष 2019 के बाद किसी भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, समय-समय पर पंजीकृत राजनीतिक दलों की गतिविधियों की समीक्षा की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल सक्रिय और नियमों का पालन करने वाले दल ही आधिकारिक रिकॉर्ड में बने रहें। इसी प्रक्रिया के तहत उत्तराखंड में भी समीक्षा अभियान चलाया गया।

क्यों हुई कार्रवाई?

समीक्षा के दौरान आयोग ने पाया कि कई राजनीतिक दल वर्षों से चुनावी गतिविधियों में शामिल नहीं थे। कई दलों ने चुनाव आयोग को आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराईं, जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान कुछ दलों के कार्यालय उनके पंजीकृत पते पर नहीं मिले। कई संगठनों की गतिविधियां पूरी तरह बंद पाई गईं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने संबंधित दलों को पंजीकृत सूची से हटाने का निर्णय लिया।

क्या होता है पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (RUPP)?

भारत में कोई भी संगठन चुनाव आयोग में पंजीकरण कराने के बाद राजनीतिक दल के रूप में दर्ज हो जाता है। यदि उसे राज्य या राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त नहीं होता, तो उसे पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (Registered Unrecognized Political Party) कहा जाता है।

ऐसे दल चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन उन्हें मान्यता प्राप्त दलों जैसी सुविधाएं और स्थायी चुनाव चिन्ह नहीं मिलते। यदि कोई दल लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है और चुनावी नियमों का पालन नहीं करता, तो आयोग उसके पंजीकरण की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।

किन कारणों से हटाए गए दल?

चुनाव आयोग की जांच में मुख्य रूप से निम्न बातें सामने आईं—

वर्ष 2019 के बाद किसी चुनाव में भागीदारी नहीं।

आयोग को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराना।

पंजीकृत कार्यालय का सत्यापन नहीं हो पाना।

लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियां नहीं होना।

आयोग के नोटिसों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलना।

चुनाव आयोग का उद्देश्य

आयोग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी राजनीतिक विचारधारा को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि चुनावी रिकॉर्ड को अद्यतन रखना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाना है। निष्क्रिय दलों के रिकॉर्ड बनाए रखने से प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और चुनावी व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ पड़ता है।

हटाए गए 17 राजनीतिक दल

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में जिन 17 दलों का उल्लेख किया गया है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल बताए गए हैं—

जन संघर्ष मोर्चा

उत्तराखंड क्रांति दल (डेमोक्रेटिक)

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी

राष्ट्रीय जन सेवा पार्टी

भारतीय सर्वोदय क्रांति पार्टी

भारतीय जनशक्ति चेतना पार्टी

जन अधिकार पार्टी (उत्तराखंड)

राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी

भारत विकास पार्टी

सर्वजन हिताय पार्टी

उत्तराखंड जन एकता पार्टी

जनलोक विकास पार्टी

भारतीय लोक चेतना पार्टी

लोकतांत्रिक जनशक्ति पार्टी (उत्तराखंड)

राष्ट्रीय परिवर्तन दल

पर्वतीय विकास पार्टी

उत्तराखंड जनक्रांति मोर्चा

इस कार्रवाई का क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से चुनावी रिकॉर्ड अधिक साफ और व्यवस्थित होगा। इससे मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों और राजनीतिक दलों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी। आयोग का संदेश भी स्पष्ट है कि केवल पंजीकरण कराकर वर्षों तक निष्क्रिय रहने वाले दलों को आधिकारिक सूची में बनाए नहीं रखा जाएगा।

आगे क्या?

यदि कोई राजनीतिक संगठन भविष्य में चुनाव आयोग के सभी नियमों और शर्तों का पालन करते हुए सक्रिय राजनीतिक गतिविधियां शुरू करता है, तो वह कानून के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।

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उत्तराखंड में 17 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाने का निर्णय चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चुनाव आयोग लगातार ऐसे निष्क्रिय दलों की समीक्षा कर रहा है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में केवल सक्रिय और नियमों का पालन करने वाले राजनीतिक संगठन ही आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बने रहें।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार भारत निर्वाचन आयोग (ECI), उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Uttarakhand) से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक जानकारी तथा विभिन्न विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। ऊपर दी गई 17 दलों की सूची विभिन्न मीडिया स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। यदि चुनाव आयोग की अंतिम आधिकारिक अधिसूचना में किसी दल का नाम, क्रम या संख्या अलग पाई जाती है, तो वही अंतिम और मान्य मानी जाएगी। AIN NEWS 1 अपने पाठकों को सलाह देता है कि किसी भी कानूनी या आधिकारिक संदर्भ के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मूल अधिसूचना का ही उपयोग करें।

The Election Commission of India (ECI) has removed 17 Registered Unrecognized Political Parties (RUPPs) from the official registered list in Uttarakhand after finding them inactive since 2019. The decision aims to improve electoral transparency, maintain an updated political database, and strengthen India’s democratic process. This latest Uttarakhand Election Commission action is a significant development in Indian politics, ensuring that only active and compliant political parties remain on the official register while enhancing the credibility of the country’s electoral system.

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