नमस्कार,
Meta CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी। कंपनी के सीनियर अधिकारियों की टीम ने आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से मीटिंग की। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने देश छोड़ने के 2 साल बाद सार्वजनिक तौर पर मौजूदगी दर्ज कराई। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि कॉकरोच जनता पार्टी का भविष्य का क्या प्लान है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. मुंबई में जेन जी और जेन अल्फा से RSS चीफ मोहन भागवत की चर्चा।
2. सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई, मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की मांग।
कल की बड़ी खबरें:
1. पीएम मोदी की पोस्ट हटाने पर Meta ने मांगी माफी, मार्क जुकरबर्ग ने मानी प्लेटफॉर्म की खामियां

Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में माफी मांगी है। कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन जैसी गंभीर चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
इस मुद्दे को लेकर Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कापलान के नेतृत्व में कंपनी की एक उच्चस्तरीय टीम ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और IT सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। यह बैठक सरकार की ओर से Meta को भेजे गए समन के बाद हुई।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को एक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक की समस्या और ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत का जिक्र किया था। इस वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर सरकार ने आपत्ति जताई थी।
मामले के बाद Meta की ओर से कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था और प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के उपायों को लेकर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा गया।
मुख्य बातें:
- पीएम मोदी से जुड़ी फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में Meta ने माफी मांगी।
- कंपनी ने डीपफेक, आपत्तिजनक सामग्री और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चुनौतियों को स्वीकार किया।
- Meta की उच्चस्तरीय टीम ने केंद्रीय IT मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
2. शेख हसीना का ऐलान- दिसंबर में लौटूंगी बांग्लादेश, बोलीं- जेल में डालें या मार दें

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के करीब दो साल बाद वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कही और कहा कि संभावित कार्रवाई के बावजूद वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी।
हसीना ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि वापस लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की।
शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक संकट के बीच देश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से बांग्लादेश नहीं लौटी हैं।
अब उनके इस बयान ने बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उनकी संभावित वापसी न केवल उनकी पार्टी और समर्थकों, बल्कि देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकती है।
मुख्य बातें:
- शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की।
- उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी या जान के खतरे के बावजूद वह वापस जाएंगी।
- अगस्त 2024 में राजनीतिक संकट के बीच हसीना ने बांग्लादेश छोड़ा था।
3. बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, लंबे समय से ब्रेन कैंसर से लड़ रहे थे

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे और लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उमाशंकर सिंह का इलाज भारत के साथ-साथ अमेरिका में भी कराया गया था। हालांकि, बीमारी गंभीर अवस्था तक पहुंच चुकी थी। उनके निधन की खबर के बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। बसपा प्रमुख मायावती के साथ भी उनकी तस्वीरें और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रियता अक्सर चर्चा में रहती थी।
उनके निधन से बसपा को भी राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
मुख्य बातें:
- रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का 55 वर्ष की उम्र में निधन।
- लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली में इलाज चल रहा था।
- रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
4. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर फिलहाल नहीं लगेगा टोल, सड़क पूरी तरह ठीक होने तक NHAI ने लगाई रोक

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर फिलहाल वाहन चालकों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। बारिश के दौरान सड़क के बार-बार धंसने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल वसूली पर रोक लगाने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों में बारिश के बाद सड़क की स्थिति खराब हुई है। इसके चलते वाहन चालकों की सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे। NHAI ने स्पष्ट किया है कि जब तक एक्सप्रेस-वे पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक टोल वसूली नहीं की जाएगी।
लखनऊ से कानपुर के बीच चार पहिया वाहनों के लिए करीब 290 रुपये टोल निर्धारित बताया गया है। ऐसे में टोल वसूली पर रोक से इस मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिलेगी।
अब एजेंसी का फोकस क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और सड़क को सुरक्षित बनाने पर है। एक्सप्रेस-वे की स्थिति सामान्य होने के बाद ही टोल वसूली दोबारा शुरू किए जाने पर फैसला लिया जाएगा।
मुख्य बातें:
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर फिलहाल टोल वसूली रोक दी गई है।
- बारिश के बाद सड़क के कुछ हिस्सों के धंसने और खराब होने की शिकायतें सामने आई थीं।
- NHAI के मुताबिक सड़क पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा।
5. अभिजीत दीपक बोले- राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी CJP, ‘मजबूत प्रेशर ग्रुप के रूप में करेंगे काम’
कॉनकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपक ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन राजनीतिक पार्टी के रूप में चुनावी मैदान में नहीं उतरेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य देश में एक मजबूत ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करना है।
महाराष्ट्र के संभाजी नगर में आयोजित पहली कोर कमेटी बैठक के दौरान अभिजीत दीपक ने संगठन की आगे की रणनीति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि CJP को राजनीतिक पार्टी बनाया जाता, तो आंदोलन का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता था।
उनके मुताबिक संगठन जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने, व्यवस्था पर दबाव बनाने और सामाजिक मुद्दों को सामने लाने की भूमिका निभाएगा। CJP की रणनीति चुनाव लड़ने के बजाय जनहित के मुद्दों पर सरकार और व्यवस्था के सामने आवाज उठाने की होगी।
संगठन की पहली कोर कमेटी बैठक को उसके भविष्य की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य बातें:
- अभिजीत दीपक ने CJP को राजनीतिक पार्टी बनाने से इनकार किया।
- संगठन को मजबूत प्रेशर ग्रुप के रूप में विकसित करने की बात कही।
- संभाजी नगर में CJP की पहली कोर कमेटी बैठक आयोजित हुई।
6. सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी- ‘युवाओं की बात सुनना सबसे ताकतवर हथियार’, पुलिस को संयम बरतने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने विरोध-प्रदर्शनों और युवाओं की भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं की बात सुनना और यह समझना जरूरी है कि वे आखिर विरोध क्यों कर रहे हैं। अदालत ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी परिस्थितियों में संयम से काम लेने की सलाह दी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। यदि किसी प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो पुलिस को हालात पर नियंत्रण रखते हुए बेहद सावधानी और संयम के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि भटके हुए युवाओं के हिंसा या पथराव की ओर बढ़ने पर सबसे पहले उनसे संवाद करने और उन्हें समझाने की कोशिश होनी चाहिए। उनकी बात सुनकर यह समझना जरूरी है कि उनके विरोध की वास्तविक वजह क्या है।
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के पास ऐसी परिस्थितियों से निपटने का अनुभव होता है, इसलिए उन्हें परिस्थितियों के अनुसार अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।
मुख्य बातें:
- सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
- पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को तनावपूर्ण हालात में संयम बरतने की सलाह।
- युवाओं को हिंसा से रोकने के लिए संवाद और उनकी समस्याएं सुनने को महत्वपूर्ण बताया।
7. चांद से टकराया SpaceX का 4 टन वजनी रॉकेट हिस्सा, 8,690 किमी/घंटा थी रफ्तार

SpaceX के एक पुराने Falcon 9 रॉकेट का करीब 4 हजार किलोग्राम वजनी हिस्सा चंद्रमा की सतह से टकरा गया। टक्कर के समय इसकी रफ्तार करीब 8,690 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। इस घटना से पृथ्वी को किसी तरह का खतरा नहीं बताया गया।
यह रॉकेट हिस्सा Falcon 9 के ऊपरी चरण का बताया गया है। स्क्रीनशॉट में दी गई जानकारी के मुताबिक यह जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से हुए एक मिशन से जुड़ा था।
अंतरिक्ष में मिशन पूरा करने के बाद रॉकेट के कुछ हिस्से कक्षा में बने रह सकते हैं और समय के साथ उनकी दिशा तथा कक्षा में बदलाव हो सकता है। ऐसे अंतरिक्ष मलबे की लगातार निगरानी की जाती है, ताकि उनके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर अंतरिक्ष मलबे और पृथ्वी के बाहर मानव मिशनों से पैदा होने वाले अवशेषों के प्रबंधन पर चर्चा तेज कर दी है।
मुख्य बातें:
- Falcon 9 का करीब 4,000 किलो वजनी हिस्सा चंद्रमा से टकराया।
- टक्कर के समय इसकी गति करीब 8,690 किमी/घंटा बताई गई।
- घटना से पृथ्वी को किसी तरह का खतरा नहीं बताया गया।



















