कांवड़ यात्रा 2026: डीजे कांवड़ों पर प्रशासन का सख्त रुख, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
AIN NEWS 1 मुजफ्फरनगर। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन इस बार पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। लाखों शिवभक्त हरिद्वार और अन्य गंगा घाटों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले बड़े डीजे सिस्टम प्रशासन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने यात्रा के दौरान निर्धारित मानकों से बड़े डीजे पर सख्ती शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन करते हुए शिव चौक तक पहुंचे एक डीजे वाहन पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का चालान काटा। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति या समिति यदि तय नियमों की अनदेखी करेगी तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
आखिर क्यों बनाए गए हैं ये नियम?
पिछले कुछ वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे सिस्टम का आकार लगातार बढ़ता गया। कई स्थानों पर अत्यधिक ऊंचे और चौड़े डीजे वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं का खतरा और बिजली की हाईटेंशन लाइनों से टकराने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। कई बार अत्यधिक तेज आवाज के कारण स्थानीय लोगों और प्रशासन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
क्या हैं प्रशासन द्वारा जारी किए गए नियम?
मुजफ्फरनगर प्रशासन और पुलिस ने डीजे कांवड़ों के लिए कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं।
डीजे वाहन की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की गई है।
डीजे की अधिकतम चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं हो सकती।
ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रखना अनिवार्य है।
केवल धार्मिक एवं भक्ति संगीत बजाने की अनुमति होगी।
अश्लील, भड़काऊ या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले गीतों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सभी डीजे संचालकों को प्रशासन की अनुमति और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था को रोकना नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यूपी बॉर्डर पर लगातार हो रही जांच
कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर पुलिस लगातार वाहनों की जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर प्रवेश करने वाले डीजे कांवड़ों की चौड़ाई और ऊंचाई की माप की जा रही है। जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उन्हें आगे बढ़ने से पहले रोका जा रहा है।
कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें विशेष अभियान चलाकर डीजे सिस्टम की जांच कर रही हैं।
50 हजार रुपये का चालान क्यों काटा गया?
पुलिस के अनुसार संबंधित डीजे वाहन निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा था। वाहन तय सीमा से अधिक चौड़ा था और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए शहर के अंदर पहुंच गया था। इसके बाद पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम और स्थानीय प्रशासनिक आदेशों के तहत 50 हजार रुपये का चालान जारी किया।
इस कार्रवाई के बाद अन्य डीजे संचालकों में भी सतर्कता देखने को मिल रही है।
पुलिस ने दी साफ चेतावनी
मुजफ्फरनगर पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि नियम सभी के लिए समान हैं। चाहे कोई छोटी समिति हो या बड़ी धार्मिक संस्था, यदि कोई निर्धारित मानकों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ समितियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने वाहनों की जांच अवश्य करा लें ताकि रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत
इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल, PAC, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही है।
मुख्य मार्गों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं जहां से पूरी यात्रा पर नजर रखी जा रही है। ट्रैफिक पुलिस को अलग-अलग जोन में तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों दोनों को कम से कम परेशानी हो।
ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान
मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत और आसपास के जिलों में भारी वाहनों के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक रूप से कांवड़ मार्गों का उपयोग करने से बचें।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने कहा है कि कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है और इसे शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना सभी की जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें, तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
क्या सभी डीजे पर कार्रवाई हो रही है?
नहीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल उन्हीं डीजे वाहनों पर की जा रही है जो तय मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। जो डीजे संचालक प्रशासन के नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
फैक्ट चेक: क्या वायरल दावा सही है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में दावा किया गया था कि मुजफ्फरनगर में 10 फीट से अधिक चौड़े डीजे पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये का चालान किया है।
उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और विभिन्न समाचार रिपोर्टों के आधार पर यह दावा अधिकांशतः सही पाया गया। प्रशासन वास्तव में निर्धारित मानकों से बड़े डीजे वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान भी जारी किए जा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार और मुजफ्फरनगर प्रशासन ने डीजे वाहनों के लिए स्पष्ट नियम लागू किए हैं। निर्धारित चौड़ाई, ऊंचाई और ध्वनि सीमा का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। हाल ही में 50 हजार रुपये का चालान इसी सख्ती का हिस्सा है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें ताकि आस्था का यह महापर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
Kanwar Yatra 2026 has witnessed strict enforcement of DJ Kanwar regulations in Muzaffarnagar as Uttar Pradesh Police imposed a ₹50,000 fine on an oversized DJ vehicle violating official guidelines. The administration has fixed the maximum DJ width at 10 feet and height at 12 feet to ensure public safety, smooth traffic movement, and accident prevention. This latest Kanwar Yatra news highlights the importance of following government regulations, DJ sound limits, and traffic advisories during the Sawan pilgrimage. The Muzaffarnagar Police action serves as a strong warning to all DJ Kanwar operators across Uttar Pradesh.



















