AIN NEWS 1 | आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा छोड़ने वाले छात्रों के लिए केंद्र सरकार की PM Vidyalaxmi Scheme मददगार साबित हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे और बिना गारंटर के एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जा सकता है।
योजना में सिर्फ एजुकेशन लोन ही नहीं, बल्कि पात्र छात्रों को ब्याज में सब्सिडी देने और बैंकों के लिए क्रेडिट गारंटी की व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी मेधावी छात्र की उच्च शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने।
लेकिन सवाल है कि PM Vidyalaxmi Scheme का लाभ किन छात्रों को मिलेगा? कितना लोन लिया जा सकता है? ब्याज पर कितनी छूट मिलेगी और इसके लिए आवेदन कैसे करना होगा? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है PM Vidyalaxmi Scheme?
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना केंद्र सरकार की उच्च शिक्षा से जुड़ी वित्तीय सहायता योजना है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य उन मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिन्हें देश के गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलता है, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी होती है।
योजना के तहत पात्र छात्र अपनी ट्यूशन फीस और उच्च शिक्षा से जुड़े अन्य खर्चों के लिए बैंक से एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकते हैं।
क्या सच में बिना गारंटी मिलेगा एजुकेशन लोन?
PM Vidyalaxmi Scheme की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक collateral-free और guarantor-free education loan की व्यवस्था है।
इसका मतलब पात्र छात्र को लोन के लिए जमीन, मकान या दूसरी संपत्ति बैंक के पास गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही बाहरी गारंटर की आवश्यकता भी नहीं होगी।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि लोन वापस नहीं करना होगा। यह बैंक द्वारा दिया जाने वाला एजुकेशन लोन है, जिसे संबंधित नियमों और repayment schedule के मुताबिक चुकाना होगा।
7.5 लाख तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी
योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी का प्रावधान किया गया है।
यह गारंटी सीधे छात्र को मिलने वाली अतिरिक्त राशि नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोन देने वाले बैंकों के जोखिम को कम करना है।
सरकार की क्रेडिट गारंटी व्यवस्था के कारण वित्तीय संस्थानों के लिए पात्र छात्रों को बिना collateral और guarantor के एजुकेशन लोन उपलब्ध कराना आसान होता है।
10 लाख के लोन पर मिल सकती है 3% ब्याज सब्सिडी
PM Vidyalaxmi Scheme में कुछ छात्रों के लिए ब्याज सब्सिडी का भी प्रावधान है।
जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है, उन्हें 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
यह सुविधा निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत दी जाती है।
इसलिए एजुकेशन लोन सभी पात्र छात्रों के लिए उपलब्ध हो सकता है, लेकिन ब्याज सब्सिडी का लाभ पारिवारिक आय और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर तय होगा।
4.5 लाख तक आय वाले परिवारों को क्या फायदा?
जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये तक है, उनके लिए मौजूदा सरकारी ब्याज सहायता व्यवस्था के तहत पात्रता पूरी करने पर moratorium period के दौरान पूर्ण ब्याज सब्सिडी का लाभ उपलब्ध हो सकता है।
यानी कम आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लोन लेने पर अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकती है।
यहां यह समझना जरूरी है कि ब्याज सब्सिडी और मूल एजुकेशन लोन दो अलग-अलग चीजें हैं। लोन की पात्रता और ब्याज सहायता की पात्रता के नियम अलग हो सकते हैं।
PM Vidyalaxmi Scheme का लाभ किसे मिलेगा?
योजना का लाभ देश के निर्धारित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (Quality Higher Education Institutions) में मेरिट के आधार पर प्रवेश पाने वाले छात्रों के लिए है।
इसमें NIRF रैंकिंग के आधार पर निर्धारित शीर्ष संस्थान, केंद्र सरकार के उच्च शिक्षण संस्थान और पात्र राज्य सरकार के उच्च शिक्षण संस्थान शामिल हो सकते हैं।
योजना में शामिल संस्थानों की सूची समय-समय पर NIRF रैंकिंग और निर्धारित सरकारी मानकों के आधार पर अपडेट की जा सकती है।
इसलिए आवेदन से पहले यह जांचना जरूरी है कि जिस कॉलेज या संस्थान में छात्र को एडमिशन मिला है, वह योजना के तहत पात्र संस्थानों की सूची में शामिल है या नहीं।
क्या एजुकेशन लोन के लिए भी 8 लाख आय सीमा है?
नहीं। यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
8 लाख रुपये की पारिवारिक आय सीमा मुख्य रूप से 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी से संबंधित है, न कि योजना के तहत एजुकेशन लोन प्राप्त करने की सामान्य पात्रता से।
इसका मतलब यह है कि परिवार की आय 8 लाख रुपये से अधिक होने पर भी पात्र संस्थान में पढ़ने वाला छात्र एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन उसे 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
कितना एजुकेशन लोन मिल सकता है?
योजना में छात्र की जरूरत, कोर्स की फीस और दूसरे शैक्षणिक खर्चों के आधार पर एजुकेशन लोन दिया जा सकता है।
यहां 7.5 लाख और 10 लाख रुपये की रकम को अधिकतम लोन सीमा समझना सही नहीं होगा।
7.5 लाख रुपये तक की राशि क्रेडिट गारंटी से संबंधित है, जबकि 10 लाख रुपये तक की राशि 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी की सीमा से जुड़ी है।
वास्तविक लोन राशि बैंक के नियमों, कोर्स की लागत और छात्र की पात्रता के आधार पर तय की जाएगी।
PM Vidyalaxmi Scheme के लिए कैसे करें आवेदन?
योजना की आवेदन प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है। पात्र छात्र आधिकारिक PM-Vidyalaxmi पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
सबसे पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद मांगी गई व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करनी होगी।
फिर छात्र को एजुकेशन लोन से संबंधित आवेदन फॉर्म भरना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
आवेदन पूरा होने के बाद छात्र उपलब्ध विकल्पों में से बैंक और लोन प्रोडक्ट का चयन कर आवेदन भेज सकता है।
इसके बाद संबंधित बैंक आवेदन, दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेगा। आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी किया जा सकता है।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
बैंक और आवेदक की स्थिति के आधार पर दस्तावेजों की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर छात्र को पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज, संस्थान का एडमिशन लेटर, कोर्स और फीस की जानकारी, शैक्षणिक रिकॉर्ड और आवश्यक होने पर परिवार की आय से जुड़े दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
ब्याज सब्सिडी का दावा करने वाले छात्रों के लिए पारिवारिक आय से संबंधित प्रमाण विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
PM Vidyalaxmi Scheme से छात्रों को क्या फायदा?
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ऐसे छात्रों को मिल सकता है जिन्हें अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश तो मिल जाता है, लेकिन फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं होता।
Collateral और guarantor की बाध्यता हटने से उन परिवारों के छात्रों के लिए भी एजुकेशन लोन हासिल करना आसान हो सकता है जिनके पास बैंक के पास गिरवी रखने के लिए पर्याप्त संपत्ति नहीं है।
इसके अलावा पात्र परिवारों के लिए ब्याज सब्सिडी और बैंकों के लिए सरकारी क्रेडिट गारंटी इस योजना को उच्च शिक्षा की फाइनेंसिंग के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- PM Vidyalaxmi Scheme में पात्र छात्रों को बिना collateral और guarantor के एजुकेशन लोन मिल सकता है।
- 7.5 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी का प्रावधान है।
- 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले पात्र छात्रों को 10 लाख रुपये तक के लोन पर 3% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है।
- आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और छात्र डिजिटल पोर्टल के जरिए लोन के लिए आवेदन और उसकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।



















