AIN NEWS 1 | भारत में E20 पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर जारी बहस अब राजनीतिक टकराव में बदल गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और बीजेपी नेता अमित मालवीय के बीच इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस हुई है।
केजरीवाल ने E20 के बाद भविष्य में E50 पेट्रोल लागू किए जाने की आशंका जताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। इसके जवाब में अमित मालवीय ने उनके दावों को ‘फेक न्यूज’ और लोगों के बीच बेवजह डर पैदा करने वाला बताया।
दोनों नेताओं के बीच बहस तब और तेज हो गई, जब मालवीय ने कहा कि E20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। केजरीवाल ने इसी बयान को आधार बनाते हुए सवाल किया कि अगर भविष्य में ऐसा करने की योजना नहीं है तो इसे स्पष्ट रूप से खारिज क्यों नहीं किया जा रहा?
कैसे शुरू हुआ E20 पर विवाद?
अरविंद केजरीवाल ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।
केजरीवाल द्वारा शेयर की गई पोस्ट में दावा किया गया था कि E20 फ्यूल के कारण पंजाब में करीब 1,000 करोड़ रुपये के पुराने वाहनों के बाजार पर असर पड़ा है। इसमें डीलरों के हवाले से दावा किया गया कि पुरानी पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री में गिरावट आई है और खरीदार डीजल तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
इस पोस्ट को शेयर करते हुए केजरीवाल ने सवाल किया कि केंद्र सरकार का आगे का प्लान क्या है?
केजरीवाल ने जताई E50 लागू होने की आशंका
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि भविष्य में सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 50 प्रतिशत या उससे अधिक तक बढ़ा सकती है।
उन्होंने लिखा, “मोदी सरकार का क्या प्लान है? पता चल रहा है कि पेट्रोल में 50% से ज्यादा की मिलावट करेंगे। अभी बस माहौल शांत होने का इंतजार कर रहे हैं।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पहले E0 और E10 के लिए बनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल कराया गया और भविष्य में आज की E20 गाड़ियों को भी अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने लोगों को कुछ वर्षों तक नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने से बचने की सलाह भी दी।
हालांकि, भविष्य में देशभर में E50 लागू किए जाने को लेकर केजरीवाल ने अपने पोस्ट में किसी आधिकारिक सरकारी घोषणा या नीति दस्तावेज का उल्लेख नहीं किया।
अमित मालवीय का पलटवार- ‘फेक न्यूज मत फैलाइए’
केजरीवाल के पोस्ट पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने केजरीवाल पर E20 को लेकर गलत जानकारी फैलाने और लोगों में बेवजह डर पैदा करने का आरोप लगाया।
मालवीय ने लिखा, “फेक न्यूज़ फैलाना और बेवजह डर पैदा करना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है। अब नया झूठ ये फैलाया जा रहा है कि सरकार चुपके से पेट्रोल में 50% से अधिक एथेनॉल मिला देगी और लोगों की गाड़ियां कबाड़ हो जाएंगी।”
उन्होंने कहा कि E20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
E50 पर क्या कहा गया?
अमित मालवीय ने अपने जवाब में कहा कि अगर भविष्य में E20 से आगे एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने का कोई प्रस्ताव आता भी है तो वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही इस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि वाहन निर्माताओं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और दूसरे हितधारकों से परामर्श के बिना इस तरह का फैसला नहीं लिया जाएगा।
मालवीय ने यह भी कहा कि भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम अचानक शुरू नहीं हुआ है, बल्कि यह दो दशकों से अधिक समय से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
उनका कहना था कि E20 को लागू करने से पहले परीक्षण और संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया गया था।
E85 और E50 को लेकर भी दिया जवाब
मालवीय ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (FFV) के लिए E85 जैसे ईंधन की उपलब्धता का यह अर्थ नहीं है कि सामान्य पेट्रोल वाहनों के लिए पूरे देश में E50 या E85 लागू किया जा रहा है।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन विशेष रूप से पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।
मालवीय के जवाब पर फिर भड़के केजरीवाल
अमित मालवीय के जवाब के बाद केजरीवाल ने फिर पलटवार किया। उन्होंने मालवीय के उस बयान को निशाना बनाया जिसमें कहा गया था कि E20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर ‘अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।’
केजरीवाल ने लिखा, “आप खुद ही कह रहे हैं- E20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आप माहौल ठंडा होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही माहौल ठंडा होगा, आप उसे लागू कर देंगे।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिस तरह E20 लागू किया गया, उसी तरह भविष्य में E50 भी लागू किया जा सकता है।
‘स्टडी हुई तो रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करते?’
केजरीवाल ने E20 को लागू करने से पहले किए गए वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययनों को लेकर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, “अगर आपने E20 लागू करने के पहले कोई अध्ययन करवाया है तो उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करते? छुपा क्यों रहे हैं?”
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि E20 लागू करते समय वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग से जुड़े सवालों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
हालांकि, यह केजरीवाल का राजनीतिक आरोप है। E20 लागू करने से पहले कोई वैज्ञानिक अध्ययन नहीं हुआ था, इस दावे को उन्होंने अपने पोस्ट में किसी विशिष्ट अध्ययन या आधिकारिक दस्तावेज से साबित नहीं किया।
आखिर E20 पेट्रोल क्या है?
E20 का अर्थ ऐसा पेट्रोल है जिसमें करीब 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है।
भारत सरकार ने पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, कृषि आधारित एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने और उत्सर्जन में कमी जैसे उद्देश्यों के तहत एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है।
हालांकि, E20 को लेकर वाहन मालिकों के बीच माइलेज, पुराने वाहनों की कम्पैटिबिलिटी, इंजन के पुर्जों पर दीर्घकालिक प्रभाव और रीसेल वैल्यू जैसे मुद्दों पर सवाल उठते रहे हैं।
क्या भारत में E50 लागू होने वाला है?
केजरीवाल-मालवीय की बहस का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है।
केजरीवाल ने आशंका जताई है कि सरकार भविष्य में E50 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण की तरफ बढ़ सकती है। दूसरी ओर, मालवीय ने कहा कि E20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
ऐसे में E50 को सामान्य पेट्रोल वाहनों के लिए देशभर में लागू करने की बात को फिलहाल तय सरकारी नीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
भविष्य में सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर क्या नीति अपनाती है, यह आधिकारिक निर्णय, तकनीकी मानकों और वाहन निर्माताओं की तैयारियों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि E20 का मुद्दा अब सिर्फ ऑटोमोबाइल और ईंधन नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पर राजनीतिक बहस भी तेज होती जा रही है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- E20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल और बीजेपी नेता अमित मालवीय के बीच X पर तीखी बहस हुई।
- केजरीवाल ने भविष्य में E50 लागू किए जाने की आशंका जताई और E20 से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययनों को सार्वजनिक करने की मांग की।
- अमित मालवीय ने केजरीवाल के दावों को फेक न्यूज बताते हुए कहा कि E20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
- E50 को सामान्य वाहनों के लिए देशभर में लागू किए जाने की फिलहाल कोई घोषित नीति इस बहस में सामने नहीं रखी गई है।



















