AIN NEWS 1 लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता बनी हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 और 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बौछारों की संभावना जताई है। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहेगा। कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ आंधी-गरज और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थानीय चेतावनी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

9 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
IMD से जुड़े ताजा पूर्वानुमान और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक रविवार 9 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। प्रमुख जिलों में बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं।
इन जिलों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ अपडेट में फतेहपुर, कौशांबी और चंदौली को भी भारी बारिश की संभावित गतिविधि वाले क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसलिए केवल 11 जिलों तक मौसम का असर सीमित मानना सही नहीं होगा।
मौसम विभाग के सब-डिविजन स्तर के पूर्वानुमान में 9 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी यूपी में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
10 अगस्त को भी बारिश से राहत नहीं
मौसम का असर सोमवार 10 अगस्त को भी जारी रहने की संभावना है। इस दिन पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
भारी बारिश की संभावना वाले प्रमुख जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल बताए गए हैं।
इस दौरान कुछ इलाकों में कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और निचले इलाकों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर से सटे जिलों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, मेरठ, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि हर जिले में भारी बारिश होगी, ऐसा जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में अंतर हो सकता है।
पिछले दिनों पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। इससे तापमान में कुछ राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश के कारण सड़कों, निचले इलाकों और यातायात पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
पूर्वी यूपी में ज्यादा सक्रिय रह सकता है मॉनसून
पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस समय बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है। प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
नदियों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और ग्रामीण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
बारिश के पीछे क्या है वजह?
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मॉनसून की गतिविधियों के लिए वातावरण अनुकूल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमी सिस्टम तथा मानसूनी द्रोणी की स्थिति बारिश को प्रभावित कर रही है।
इसी वजह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। कई जगह बारिश कुछ समय के लिए तेज होती है और फिर मौसम सामान्य हो जाता है। अगले कुछ दिनों में भी इसी तरह की स्थानीय मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
8 अगस्त को भी कई जगह हुई बारिश
IMD के उपलब्ध बुलेटिन के मुताबिक 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई।
बारिश वाले क्षेत्रों में आगरा, ललितपुर, गौतम बुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र, प्रयागराज, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, इटावा, फिरोजाबाद, मिर्जापुर और सिद्धार्थनगर समेत कई इलाके शामिल रहे।
लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने, जलभराव और बिजली से जुड़ी स्थानीय समस्याओं की स्थिति भी बन सकती है।
11 अगस्त के बाद क्या होगा?
11 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। हालांकि भारी बारिश का अलर्ट 9 और 10 अगस्त की तुलना में सीमित हो सकता है।
इसके बाद भी मॉनसून पूरी तरह कमजोर पड़ जाएगा, ऐसा फिलहाल नहीं कहा जा सकता। अलग-अलग जिलों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश जारी रह सकती है।
इसलिए लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले स्थानों पर गरज-चमक के दौरान खड़े होने से बचें। बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूर रहें।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलना चाहिए। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति कम रखने और पानी भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश में मॉनसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। 9 और 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का खतरा ज्यादा है। बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, झांसी, ललितपुर, सहारनपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है।
हालांकि मौसम विभाग का जिला-वार पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। इसलिए किसी भी इलाके के लिए अंतिम निर्णय लेते समय IMD की ताजा चेतावनी और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
Uttar Pradesh Weather Update: The India Meteorological Department (IMD) has forecast rain and heavy rainfall in several parts of Uttar Pradesh on August 9 and 10, 2026. Eastern UP districts including Prayagraj, Mirzapur, Sonbhadra, Chitrakoot and Banda may experience heavy rain, while parts of Western UP including Saharanpur, Jhansi, Lalitpur and nearby districts may also receive significant rainfall. Residents should follow the latest IMD weather forecast, district-wise weather alerts and local administration advisories during the active monsoon period.



















