AIN NEWS 1: मानसून के दौरान सड़क पर पानी भरना आम बात है। ऐसे में इलेक्ट्रिक कार चलाने वाले लोगों के मन में अक्सर एक सवाल रहता है कि आखिर EV को कितने पानी में चलाना सुरक्षित है? सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक कार की बैटरी पूरी तरह सील होती है, इसलिए पानी से ज्यादा खतरा नहीं होता। पोस्ट में पानी की अलग-अलग गहराई को लेकर भी कुछ निश्चित सीमाएं बताई गई हैं।
लेकिन जब इन दावों को Tata Tiago EV के Owner’s Manual में दी गई जानकारी से मिलाकर देखा गया, तो तस्वीर थोड़ी अलग सामने आती है। पोस्ट की मूल सलाह में कई बातें उपयोगी हैं, लेकिन 15-20 सेंटीमीटर या 25-30 सेंटीमीटर पानी को सीधे तौर पर “सुरक्षित सीमा” बताना सही नहीं माना जा सकता। EV मालिकों को पानी की गहराई के साथ-साथ पानी के बहाव, सड़क की स्थिति और वाहन की परिस्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए।
क्या EV पानी में चल सकती है?
आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में हाई-वोल्टेज बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि EV को किसी भी जलभराव वाली सड़क पर बेझिझक चलाया जा सकता है।

Tata Tiago EV के Owner’s Manual में पानी से गुजरने को लेकर विशेष सावधानियां दी गई हैं। मैनुअल में शांत पानी की स्थिति में अधिकतम करीब 300 मिलीमीटर यानी 30 सेंटीमीटर तक पानी के संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं। ऐसी स्थिति में वाहन की गति भी सीमित रखने की बात कही गई है।
लेकिन इस जानकारी का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि 30 सेंटीमीटर पानी हर परिस्थिति में सुरक्षित है। सड़क के नीचे गड्ढा हो सकता है, पानी की वास्तविक गहराई अचानक बढ़ सकती है या पानी का बहाव वाहन को असंतुलित कर सकता है।
इसलिए पानी की गहराई को केवल सेंटीमीटर में देखकर फैसला लेना उचित नहीं है।
15-20 सेंटीमीटर पानी को “पूरी तरह सुरक्षित” कहना सही नहीं
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि पहिए के आधे हिस्से यानी करीब 15-20 सेंटीमीटर पानी तक सामान्य तौर पर कम जोखिम होता है। यह एक सामान्य अनुमान हो सकता है, लेकिन इसे Tata Tiago EV की आधिकारिक सुरक्षित सीमा के तौर पर पेश करना सही नहीं है।
हर सड़क और हर परिस्थिति अलग होती है। सड़क पर जमा पानी के नीचे गड्ढा, टूटा हुआ हिस्सा या खुला मैनहोल तक हो सकता है। पानी के अंदर दिखाई न देने वाली ऐसी समस्या किसी भी कार के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
इसलिए पानी कम दिखाई देने पर भी चालक को पहले रास्ते की स्थिति का अंदाजा लगाना चाहिए।
25-30 सेंटीमीटर पानी में क्या करें?
Tata Tiago EV के मैनुअल में शांत पानी में 300 mm तक की गहराई के संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं और ऐसी स्थिति में गति को सीमित रखने की सलाह दी गई है। इसका मतलब यह है कि कंपनी ने वाहन की डिजाइन क्षमता के संदर्भ में एक सीमा बताई है।
लेकिन इसे “30 सेंटीमीटर तक पानी में कार जरूर चला सकते हैं” के रूप में नहीं समझना चाहिए।
यदि पानी स्थिर नहीं है, तेज बह रहा है या उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, तो वाहन को आगे ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। पानी के बहाव में कार का संतुलन बिगड़ सकता है और सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में कुछ मिनट रुक जाना हजारों या लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचा सकता है।
क्या EV में पानी के कारण करंट लग सकता है?
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है। सामान्य बारिश या गीली सड़क पर इलेक्ट्रिक कार चलाने से चालक को सीधे हाई-वोल्टेज करंट लगना सामान्य स्थिति नहीं है। EV का हाई-वोल्टेज सिस्टम अलग-अलग सुरक्षा प्रणालियों के साथ डिजाइन किया जाता है।
लेकिन बाढ़ में डूबी या दुर्घटनाग्रस्त EV को सामान्य वाहन समझना बड़ी गलती हो सकती है।
यदि हाई-वोल्टेज बैटरी या उसके कनेक्शन को नुकसान पहुंचा है, तो जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए पानी में फंसी या डूबी हुई इलेक्ट्रिक कार के हाई-वोल्टेज केबल, कनेक्टर या बैटरी सिस्टम को खुद छूने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यही वजह है कि बाढ़ से प्रभावित EV की जांच प्रशिक्षित तकनीशियन से करवाना जरूरी है।
पानी में कार बंद हो जाए तो क्या करें?
यह सबसे महत्वपूर्ण सावधानी है। अगर पानी से गुजरते समय EV बंद हो जाती है, तो बार-बार उसे स्टार्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पहले वाहन को सुरक्षित स्थिति में लाने की कोशिश करें। यदि वाहन पानी में फंस गया है या काफी हद तक डूब चुका है, तो उसे दोबारा चलाने के बजाय अधिकृत EV सर्विस सेंटर से जांच करवाना बेहतर है।
Tata Tiago EV के मैनुअल में भी flood यानी जलभराव की स्थिति में वाहन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश न करने और अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
अगर पानी बोनट तक पहुंच जाए तो?
ऐसी स्थिति में वाहन को आगे बढ़ाना बिल्कुल उचित नहीं है। बोनट के आसपास पानी पहुंचना जलभराव की गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।
अगर कार काफी गहरे पानी में फंस गई है, तो हाई-वोल्टेज सिस्टम के किसी हिस्से को खुद जांचने या खोलने की कोशिश न करें।
अगर पानी उतरने के बाद भी कार सामान्य दिखाई दे रही है, तब भी उसे तुरंत सड़क पर चलाने के बजाय विशेषज्ञ से जांच करवाना बेहतर विकल्प है।
बहते पानी से सबसे ज्यादा सावधान रहें
जलभराव में सबसे बड़ा खतरा केवल पानी की ऊंचाई नहीं है। पानी का बहाव भी बेहद महत्वपूर्ण है।
शांत पानी और तेज बहते पानी में बहुत बड़ा अंतर होता है। कुछ सेंटीमीटर गहरा बहता पानी भी कार की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए यदि सड़क पर पानी बह रहा है और उसकी गति या गहराई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, तो रास्ता पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
EV मालिक मानसून में इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के मौसम में इलेक्ट्रिक कार चलाते समय कुछ सामान्य सावधानियां बेहद उपयोगी हो सकती हैं।
पानी की गहराई का अनुमान न हो तो आगे न बढ़ें।
तेज बहते पानी में कार न ले जाएं।
गहरे जलभराव में रुकने से बचें।
पानी में कार बंद होने पर बार-बार स्टार्ट न करें।
बाढ़ में फंसी EV के हाई-वोल्टेज सिस्टम को खुद न छुएं।
वाहन के डूबने या गंभीर जलभराव के बाद अधिकृत EV सर्विस सेंटर से जांच कराएं।
केवल सोशल मीडिया पर बताई गई पानी की गहराई को “सुरक्षित सीमा” न मानें।
अपनी कार के Owner’s Manual में दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता दें।
बैटरी सील है, इसका मतलब यह नहीं कि हर पानी से रास्ता सुरक्षित है
इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी और हाई-वोल्टेज सिस्टम की सुरक्षा को लेकर कई तकनीकी इंतजाम होते हैं। इसलिए सामान्य बारिश या सीमित पानी से EV को तुरंत खतरा होने की धारणा सही नहीं है।
लेकिन इसका दूसरा मतलब यह भी नहीं है कि EV को बाढ़ वाले रास्ते पर बेफिक्र होकर चलाया जा सकता है।
Tata Tiago EV के मामले में कंपनी के Owner’s Manual में शांत पानी में 300 mm तक की गहराई के संदर्भ में निर्देश मौजूद हैं, लेकिन इसे सार्वभौमिक “सेफ लिमिट” समझना सही नहीं होगा। पानी की गहराई, बहाव, सड़क की स्थिति और वाहन की परिस्थिति—इन सभी को देखकर निर्णय लेना जरूरी है।
सबसे सुरक्षित नियम यही है कि अगर पानी की गहराई का भरोसेमंद अंदाजा नहीं है या पानी तेज बह रहा है, तो रास्ता पार करने का जोखिम न लें।
कुछ मिनट रुकना या दूसरा रास्ता चुनना बेहतर है। आखिरकार, कार की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण चालक और यात्रियों की सुरक्षा है।
Tata Tiago EV owners should understand proper EV monsoon safety, electric car water wading limits, battery safety and flood driving precautions before driving through waterlogged roads. Tata Tiago EV is equipped with safety measures for its high-voltage system, but this does not mean an electric vehicle can safely cross every flooded road. The Tata Tiago EV water safety guidance highlights the importance of avoiding deep or flowing water and getting a flood-affected EV inspected by an authorized service centre. Understanding EV flood safety, electric vehicle rain safety and Tata Tiago EV monsoon driving tips can help prevent expensive damage and protect passengers during heavy rainfall.



















