AIN NEWS 1 | देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। हर साल की तरह इस बार भी लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकार, विपक्ष और विभिन्न क्षेत्रों के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समारोह में मौजूद नहीं रहने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कांग्रेस और विपक्ष की भूमिका पर निशाना साधा।
लाल किले पर कौन-कौन रहा मौजूद?
स्वतंत्रता दिवस समारोह में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और संवैधानिक पदों पर बैठे प्रमुख लोग मौजूद रहे।
इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई बड़े नेता शामिल रहे।
इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे।
प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोहों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
जोशी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता पिछले कुछ वर्षों से ऐसे कार्यक्रमों का बहिष्कार कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर भी तीखी टिप्पणी की और विपक्ष से राष्ट्रीय समारोहों में शामिल होने की अपील की।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी उठाए सवाल
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय समारोह में मौजूद रहना चाहिए था।
भंडारी ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को ‘वंदे मातरम’ के प्रति उनकी कथित नापसंदगी से जोड़ते हुए उन पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने राहुल गांधी के विपक्ष के नेता के पद पर होने को लेकर भी सवाल उठाए और उनकी विचारधारा को समाज को बांटने वाली बताया।
हालांकि, बीजेपी नेताओं की ये टिप्पणियां राजनीतिक आरोप और बयान हैं। राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के पीछे उनका आधिकारिक कारण इस रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।
गैरमौजूदगी पर क्यों हुआ विवाद?
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोहों में सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी नेताओं की मौजूदगी को लोकतांत्रिक परंपरा के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लाल किले के समारोह में नहीं पहुंचने को लेकर बीजेपी ने सवाल खड़े किए हैं।
अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
मुख्य बातें
- लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर विवाद।
- केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा।
- BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
- बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रीय समारोहों को दलगत राजनीति से ऊपर रखने की अपील की।
- राहुल गांधी की गैरमौजूदगी का आधिकारिक कारण इस रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।



















