नमस्कार,
केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की लिस्ट जारी करी। कॉकरोच विवाद पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत एक और बयान सामने आया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि दिव्यांगों पर कमेंट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना को राहत दी।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- आज भारत अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा, यह मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ खेला जाएगा।
कल की बड़ी खबरें:
1. जनगणना-2027 में पहली बार जाति की जानकारी भी होगी दर्ज, पूछे जाएंगे 40 सवाल

केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 को लेकर सवालों की सूची जारी कर दी है। इस बार जनगणना में जाति से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातिगत जानकारी जनगणना में दर्ज की जाएगी।
जनगणना के दौरान लोगों से उनकी जाति, सामाजिक वर्ग और परिवार से जुड़ी अन्य जानकारियां मांगी जाएंगी। इसके अलावा कोविड-19 वैक्सीन, बैंक अकाउंट और परिवार से जुड़ी कई अन्य जानकारियों पर भी सवाल पूछे जाएंगे।
जाति से जुड़ा सवाल प्रश्नावली में नंबर 10 पर रखा गया है। इसमें SC/ST के साथ अन्य जातियों की जानकारी भी दर्ज किए जाने का प्रावधान है।
मुख्य बातें:
- जनगणना-2027 में जाति संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी।
- प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल किए गए हैं।
- आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातिगत जानकारी दर्ज करने की तैयारी है।
2. कॉकरोच विवाद पर CJI का बयान, कहा- मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया

कॉकरोच विवाद को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और इसका इस्तेमाल युवाओं को भटकाने के लिए किया गया।
CJI ने कहा कि अदालत की कार्यवाही की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल की गई। इसमें कही गई बात को उसके वास्तविक संदर्भ से अलग तरीके से पेश किया गया। उनका कहना था कि जो बात अदालत में कही ही नहीं गई, उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
यह बयान उस समय सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी। विवाद के चलते अदालत की टिप्पणी और उसके सोशल मीडिया पर प्रसार को लेकर भी चर्चा हुई।
मुख्य बातें:
- CJI सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही।
- अदालत की कार्यवाही की क्लिप वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा।
- CJI ने कहा कि बयान को युवाओं को भटकाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
3. जंतर-मंतर प्रदर्शन पर किरेन रिजिजू का बयान, बोले- पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल नहीं किया

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल नहीं किया।
रिजिजू ने कहा कि अगर हजारों लोगों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता, तो बड़ी संख्या में लोग घायल हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भीड़ संसद की ओर बढ़ेगी, तो सुरक्षा बल उसे रोकने की कोशिश करेंगे।
20 जुलाई को निकाला गया था मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें भी सामने आईं।
CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और पैलेट गन व आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
मुख्य बातें:
- किरेन रिजिजू ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोप को खारिज किया।
- 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की गई थी।
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर सामने आई।
4. लखनऊ में सड़क पर उतरे जेन-अल्फा के छात्र, जाम में फंसे मंत्री ने गाड़ी से उतरकर समझाया
लखनऊ के पास शुक्रवार को जेन-अल्फा पीढ़ी के छात्रों ने सड़क पर जाम लगा दिया। आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़े लिंक रोड पर छात्रों के सड़क पर उतरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण भी जाम में फंस गए। मंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को समझाया और बाद में उन्हें स्कूल वापस भेजा गया।
छात्रों का कहना था कि सड़क पर पढ़ाई नहीं, बल्कि स्कूल में पढ़ने के लिए जगह चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध जताया था।
मंत्री ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझने की कोशिश की और उन्हें सड़क से हटाकर स्कूल वापस जाने के लिए कहा।
मुख्य बातें:
- छात्रों के सड़क पर उतरने से लिंक रोड पर यातायात प्रभावित हुआ।
- जाम में फंसे राज्यमंत्री असीम अरुण खुद गाड़ी से उतरकर छात्रों से मिले।
- बातचीत के बाद छात्रों को समझाकर स्कूल वापस भेजा गया।
5. दिव्यांगों पर टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द किया

दिव्यांगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया है। मामले में समय रैना समेत अन्य कॉमेडियन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मई 2025 को एक कॉमेडी शो के दौरान दिव्यांग लोगों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह वई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान दिव्यांगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिशों की सराहना की। अदालत ने कहा कि कॉमेडियनों ने दिव्यांगों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) जैसी स्थितियों को लेकर जागरूकता पैदा करने की कोशिश की।
अदालत ने मामले में दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया।
मुख्य बातें:
- समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया गया।
- मामला दिव्यांगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा था।
- सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगों के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की।
6. अमेरिकी सर्वे में भारत-पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा, 10 में से 9 पाकिस्तानी भारत को मानते हैं खतरा
![]()
अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वे में भारत और पाकिस्तान को लेकर लोगों की राय सामने आई है। सर्वे के मुताबिक, पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग भारत को अपने लिए खतरा मानते हैं, जबकि भारत में पाकिस्तान को लेकर भी इसी तरह की नकारात्मक धारणा देखने को मिलती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के करीब 10 में से 9 लोगों ने भारत को अपने देश के लिए खतरा माना। वहीं, भारतीयों के बीच पाकिस्तान को लेकर भी बेहद नकारात्मक राय सामने आई।
सर्वे में दोनों देशों के लोगों से पड़ोसी देश के साथ संबंधों और भरोसे को लेकर सवाल पूछे गए। इसमें सामने आया कि दोनों देशों के लोग बेहतर पड़ोसी संबंधों की इच्छा तो रखते हैं, लेकिन एक-दूसरे पर भरोसे की कमी अब भी बड़ी चुनौती है।
सर्वे के मुताबिक, भारतीयों के लिए रूस एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में सामने आया, जबकि पाकिस्तान में चीन को प्रमुख सहयोगी देश माना गया।
मुख्य बातें:
- सर्वे में पाकिस्तान के करीब 10 में से 9 लोगों ने भारत को खतरा माना।
- भारत और पाकिस्तान दोनों में एक-दूसरे को लेकर भरोसे की कमी दिखाई दी।
- भारत में रूस और पाकिस्तान में चीन को महत्वपूर्ण साझेदार माना गया।



















