AIN NEWS 1 गाजियाबाद: स्वतंत्रता दिवस के दिन गाजियाबाद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। एनएच-9 पर यूपी गेट के पास शनिवार दोपहर बाइक से गुजर रहे युवक रवि राज की गर्दन अचानक हवा में लटके मांझे की चपेट में आ गई। मांझे की धार इतनी तेज थी कि उसकी गर्दन में गहरा कट लग गया और चोट हड्डी तक पहुंच गई। गंभीर हालत में उसे मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना ने एक बार फिर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एनएच-9 पर अचानक गर्दन में उलझा मांझा
जानकारी के मुताबिक, नोएडा के अकबरपुर बहरामपुर निवासी रवि राज अपने दोस्त नरेश के साथ मोटरसाइकिल से काम के सिलसिले में गाजियाबाद की ओर जा रहा था। दोनों जब यूपी गेट से पहले पुल के पास पहुंचे, तभी अचानक पतंग का मांझा रवि की गर्दन में उलझ गया।
घटना इतनी अचानक हुई कि रवि को संभलने या मांझे को हटाने का मौका तक नहीं मिला। धारदार डोर गर्दन पर तेजी से रगड़ती चली गई। कुछ ही पलों में रवि गंभीर रूप से घायल हो गया और बाइक से नीचे गिर पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। रवि के शरीर से काफी खून निकल रहा था। उसके साथी नरेश ने तत्काल उसकी गर्दन पर कपड़ा बांधकर खून रोकने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद की और पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान
सूचना मिलते ही खोड़ा और कौशांबी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल रवि को उपचार के लिए मैक्स अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हादसे की सूचना 15 अगस्त 2026 को दोपहर करीब दो बजे मिली थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मृतक के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई।
रवि की मौत की सूचना परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। रवि ऑनलाइन डिलीवरी का काम करता था और मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया गया है। वह नोएडा के अकबरपुर बहरामपुर में रह रहा था।
एसीपी ने बताई हादसे की पूरी जानकारी
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य के अनुसार, पुलिस को दिल्ली एक्सप्रेसवे के पास एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली थी। पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि घायल युवक रवि अपने दोस्त नरेश के साथ मोटरसाइकिल से गाजीपुर की तरफ जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, यूपी गेट से पहले पुल पर पहुंचते ही पतंग की डोर रवि की गर्दन में फंस गई। मांझे से गर्दन कटने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मौत के बाद पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
चाइनीज मांझा बना जानलेवा खतरा
चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसके इस्तेमाल की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी धार और मजबूती मानी जाती है। सामान्य पतंग की डोर की तुलना में यह बेहद खतरनाक हो सकती है और सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होती है।
गाजियाबाद की इस घटना ने इसी खतरे को फिर सामने ला दिया है। बाइक या स्कूटर से सड़क पर गुजर रहे व्यक्ति को हवा में लटकी डोर दिखाई नहीं देती। अचानक गर्दन, चेहरे या हाथ के संपर्क में आते ही मांझा गंभीर चोट पहुंचा सकता है।
इस तरह के हादसों में केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोग और पक्षी भी घायल होते हैं। कई बार मांझा बिजली के तारों में फंसने के कारण अलग तरह के हादसों का कारण भी बनता है।
प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कैसे पहुंच रहा मांझा?
रवि राज की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा आखिर बाजार तक पहुंच कैसे रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में चोरी-छिपे इसकी बिक्री की जाती है। पतंग उड़ाने वाले कुछ लोग भी इसकी खरीद करते हैं। ऐसे में केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय मांझे की बिक्री और सप्लाई चेन पर लगातार निगरानी की जरूरत है।
लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकानों और पतंग बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ताकि खतरनाक मांझा लोगों के हाथों तक पहुंच ही न सके।
स्वतंत्रता दिवस पर हुआ दर्दनाक हादसा
15 अगस्त का दिन देशभर में आजादी के जश्न का दिन था। जगह-जगह तिरंगा फहराया जा रहा था और लोग उत्सव मना रहे थे। इसी बीच एनएच-9 पर हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन गया।
सड़क पर मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद भयावह था। एक तरफ यातायात चल रहा था और दूसरी तरफ एक युवक मांझे से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसके साथी ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन गंभीर चोट के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।
हादसे के बाद फिर उठे कई सवाल
रवि राज की मौत सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं है। यह उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है, जिसके तहत प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल रोकने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है।
सवाल यह है कि जब इस तरह के मांझे पर रोक है तो इसकी बिक्री कौन कर रहा है? दुकानों और बाजारों में इसकी निगरानी कितनी प्रभावी है? क्या केवल त्योहारों या विशेष दिनों पर अभियान चलाना पर्याप्त है, या पूरे साल इसके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है?
गाजियाबाद में हुई इस घटना के बाद लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बाइक सवार विशेष रूप से ऐसे रास्तों पर सावधानी बरतें जहां पतंग उड़ाने की संभावना रहती है। प्रशासन की ओर से भी ऐसे संवेदनशील मार्गों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की जरूरत है।
रवि राज अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मौत एक गंभीर चेतावनी जरूर छोड़ गई है। अगर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में कोई और परिवार इसी तरह अपने किसी सदस्य को खो सकता है।
A deadly Chinese manja accident in Ghaziabad claimed the life of Ravi Raj on NH-9 near UP Gate on Independence Day 2026. The motorcycle rider suffered a severe throat injury after a sharp kite string became entangled around his neck. Ravi was rushed to Max Hospital but could not be saved. The tragic Ghaziabad Chinese manja death has once again raised concerns over the illegal sale and use of banned Chinese kite string and the need for strict enforcement by police and local authorities.



















