AIN NEWS 1: गुजरात के भावनगर जिले से कथित नकली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। खरकड़ी गांव में संदिग्ध स्प्यूरियस लिकर यानी मिलावटी शराब के सेवन के बाद कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार, 19 अगस्त 2026 तक सामने आई जानकारी के अनुसार 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 19 लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए चार संदिग्ध बूटलेगरों को हिरासत में लिया है।
पुलिस भर्ती में चयन की खुशी में हुई थी पार्टी
मामला भावनगर जिले के खरकड़ी गांव का है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गांव में एक युवक के पुलिस भर्ती में चयन की खुशी में दोस्तों के साथ पार्टी रखी गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर ऐसी शराब का सेवन किया गया, जिसके बाद कुछ लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले में उपेंद्रसिंह गोहिल की मौत की जानकारी सामने आई थी। बाद में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत की सूचना सामने आई। हालांकि, घटना की शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों और अस्पताल में भर्ती लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी। बुधवार को अधिकारियों के हवाले से Times of India ने दो मौतों और 19 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी।

Royal Stag की बोतलों पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कथित तौर पर Royal Stag ब्रांड की बोतलों को लेकर हो रही है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जिन बोतलों से शराब पी गई थी, वे मध्य प्रदेश से जुड़ी बताई जा रही हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को आशंका है कि शराब की बोतलों के साथ छेड़छाड़ कर नकली या संदिग्ध शराब तैयार कर सप्लाई की गई हो सकती है।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि असली Royal Stag शराब पीने से यह घटना हुई। जांच का फोकस कथित नकली शराब की सप्लाई और उसमें मौजूद पदार्थों पर है। इसलिए आधिकारिक जांच पूरी होने तक इसे “संदिग्ध नकली/मिलावटी शराब” कहना ज्यादा उचित होगा।
मुख्य सप्लायर गौतम सोलंकी का नाम सामने आया
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पड़ताल शुरू की। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक गौतम सोलंकी को कथित मुख्य सप्लायर के तौर पर चिन्हित किया गया है। पुलिस ने उसके अलावा शराब के अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
Gujarat First की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने गौतम सोलंकी समेत करीब 4 से 5 संदिग्ध बूटलेगरों को पकड़ा और संदिग्ध शराब का लगभग 90 प्रतिशत स्टॉक जब्त करने का दावा किया।
वहीं Times of India ने अधिकारियों के हवाले से चार संदिग्ध बूटलेगरों के हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। इससे साफ है कि पुलिस अब केवल शराब पीने वाले लोगों की हालत की जांच नहीं कर रही, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
बड़ी मात्रा में शराब जब्त, वैज्ञानिक जांच शुरू
पुलिस ने संदिग्ध शराब और उससे जुड़े सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले में बरामद बोतलों और शराब के नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजे जाने की बात सामने आई है।
सबसे अहम सवाल यह है कि शराब में आखिर कौन-सा पदार्थ मौजूद था, जिसकी वजह से लोगों की तबीयत बिगड़ी। इसका जवाब FSL जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है।
अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह दावा करना सही नहीं होगा कि शराब में निश्चित रूप से मेथनॉल मिला हुआ था। जब तक प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक जहरीले रसायन की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
19 लोग अस्पताल में, हालत पर नजर
इस घटना के बाद अस्पताल पहुंचने वाले लोगों की संख्या शुरुआती आंकड़ों से बढ़ी है। शुरुआती खबरों में छह लोगों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर करीब 19 हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित लोगों का उपचार चल रहा है और पुलिस उनकी हालत पर भी नजर रख रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध शराब कितने लोगों तक पहुंची थी और क्या इसके सेवन से किसी अन्य व्यक्ति की भी तबीयत खराब हुई है।
शराब की बोतलों की सप्लाई कहां से हुई?
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शराब की सप्लाई चेन है। स्थानीय रिपोर्टों में बरामद Royal Stag की बोतलों को मध्य प्रदेश से जुड़ा बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बोतलें भावनगर तक कैसे पहुंचीं, इनके साथ छेड़छाड़ कहां हुई और इन्हें किन लोगों ने आगे बेचा।
अगर जांच में बोतलों की पैकेजिंग, सील, लेबल या शराब के अंदर मौजूद सामग्री में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो यह मामला केवल स्थानीय अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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गुजरात में शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार चुनौती
गुजरात में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब की तस्करी और बिक्री समय-समय पर पुलिस के सामने चुनौती बनती रही है। ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
इससे पहले भी गुजरात में जहरीली शराब से जुड़े बड़े हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2022 में बोटाद और अहमदाबाद जिलों में जहरीली शराब की बड़ी त्रासदी में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
खरकड़ी की मौजूदा घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के नेटवर्क और उसकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि संदिग्ध शराब की बाकी बोतलों को जल्द से जल्द बरामद किया जाए। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी संदिग्ध स्रोत से शराब का सेवन न करें। खासकर यदि किसी बोतल की सील, लेबल या पैकेजिंग संदिग्ध लगे तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी संदिग्ध शराब पी है और उसके बाद उल्टी, चक्कर, पेट दर्द, कमजोरी, आंखों की रोशनी में परेशानी, बेहोशी या सांस लेने में दिक्कत जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो उसे घरेलू उपचार या इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
अभी जांच से सामने आएगा असली सच
भावनगर की यह घटना फिलहाल जांच के दौर में है। दो मौतों और 19 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आ चुकी है, जबकि पुलिस ने संदिग्ध सप्लायर और बूटलेगरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब सबसे महत्वपूर्ण होगी FSL रिपोर्ट। इससे पता चलेगा कि शराब में वास्तव में कौन-सा पदार्थ था और क्या वही लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का कारण बना। साथ ही पुलिस की जांच यह भी स्पष्ट करेगी कि कथित नकली शराब का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ था और इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं।
फिलहाल इस मामले को लेकर इतना स्पष्ट है कि खरकड़ी गांव में संदिग्ध शराब के सेवन के बाद गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हुआ है और पुलिस ने अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों की संख्या और अन्य प्रभावित लोगों की स्थिति में आगे कोई बदलाव होता है तो आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही अंतिम आंकड़ा तय किया जाना चाहिए।
The Gujarat fake liquor case in Bhavnagar has raised serious concerns after suspected spurious liquor consumption in Kharkadi village left two people dead and 19 hospitalised. Police have detained suspected bootleggers, including alleged supplier Gautam Solanki, while samples of the suspected fake Royal Stag liquor are being examined through forensic testing. The Bhavnagar spurious liquor case is under investigation, with authorities focusing on the illegal liquor supply network and the substance responsible for the health complications.



















