AIN NEWS 1: मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की एक छात्रा की शिकायत ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। मेडिकल थाने में तैनात दरोगा ललित मोहन पर छात्रा ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर भावनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। वहीं, कुछ रिपोर्टों में आरोपी के गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख करने की बात भी सामने आई है।
छात्रा से यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई थी मुलाकात
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़ित छात्रा शामली की रहने वाली है और CCSU से पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है। कुछ महीने पहले उसकी मुलाकात मेडिकल थाने की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात दरोगा ललित मोहन से हुई थी।
बताया गया है कि बातचीत के दौरान दरोगा ने छात्रा का मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई। छात्रा का आरोप है कि धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती और फिर नजदीकियों में बदल गई। जब भी छात्रा मेरठ आती थी, दोनों की मुलाकात होती थी।
हालांकि, इस संबंध में सामने आए सभी तथ्य फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा हैं। इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय उन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
दोस्त के फ्लैट पर ले जाने का आरोप
छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि करीब दो सप्ताह पहले वह विश्वविद्यालय परिसर आई थी। इसी दौरान दरोगा उससे मिलने पहुंचा। बातचीत के बाद वह छात्रा को अपने साथ मेडिकल क्षेत्र की एक कॉलोनी में स्थित एक फ्लैट पर ले गया।
बताया जा रहा है कि यह फ्लैट दरोगा के एक पुलिसकर्मी मित्र का था। छात्रा का आरोप है कि इसी फ्लैट में दरोगा ने शादी करने का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के अनुसार, घटना के बाद कुछ समय तक आरोपी छात्रा के संपर्क में रहा, लेकिन बाद में उसने दूरी बनानी शुरू कर दी। जब छात्रा ने शादी को लेकर बात की तो कथित तौर पर दरोगा ने इससे इनकार कर दिया।
एसएसपी से शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR
शादी से इनकार किए जाने के बाद छात्रा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा ने 14 अगस्त को मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से शिकायत की थी। इसके बाद मामले की जांच कराई गई और भावनपुर थाने में आरोपी दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया।
FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी दरोगा के छुट्टी पर चले जाने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, छुट्टी खत्म होने के बाद भी वह ड्यूटी पर वापस नहीं आया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
अब दरोगा निलंबित, गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, एसएसपी ने दरोगा ललित मोहन को निलंबित कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगाई गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस छात्रा के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।
इसका मतलब यह है कि मामला अब केवल FIR तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपी की तलाश के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
छात्रा ने समझौते का दबाव बनाने का भी लगाया आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। छात्रा का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी के परिवार के लोग उसके शामली स्थित घर पहुंचे थे। छात्रा के अनुसार, परिवार की ओर से शादी का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन उसने इसे स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद छात्रा ने कथित तौर पर खुद पर समझौते का दबाव बनाए जाने की शिकायत की। एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बयान के लिए थाने बुलाए जाने के दौरान छात्रा ने समझौते के दबाव की बात कही थी। इसके बाद उसने दोबारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मुलाकात की।
हालांकि, यह हिस्सा फिलहाल छात्रा की शिकायत और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। पुलिस जांच में इस आरोप की पुष्टि होना बाकी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचने की बात
मामले में एक और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दरोगा गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया है और गिरफ्तारी पर रोक लेने का प्रयास कर रहा है।
यदि अदालत से इस संबंध में कोई आदेश जारी होता है तो आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के अनुसार चलेगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच में अब इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
इस मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। पुलिस को छात्रा और आरोपी के बीच हुई बातचीत, मोबाइल कॉल डिटेल, संभावित लोकेशन, फ्लैट में मौजूदगी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी।
इसके अलावा जिस फ्लैट में घटना होने का आरोप लगाया गया है, वहां आरोपी की मौजूदगी और उस मकान से जुड़े लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। छात्रा के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक या अन्य साक्ष्य भी जांच का हिस्सा होंगे।
आरोप साबित होने तक आरोपी को दोषी कहना उचित नहीं
मामला पुलिसकर्मी से जुड़ा होने के कारण इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं और FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन कानूनी रूप से किसी व्यक्ति को दोषी तभी माना जाता है जब अदालत में आरोप साबित हो जाएं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार FIR दर्ज हो चुकी है, आरोपी दरोगा निलंबित है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। हाईकोर्ट जाने की बात भी सामने आई है। आगे की स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
ताजा स्थिति एक नजर में
CCSU की पोस्टग्रेजुएट छात्रा ने दरोगा ललित मोहन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
छात्रा के मुताबिक, शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए गए।
शादी से इनकार के बाद छात्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।
भावनपुर थाने में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
FIR के बाद आरोपी के छुट्टी पर जाने और फिर ड्यूटी पर नहीं लौटने की बात सामने आई।
एसएसपी ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
आरोपी के हाईकोर्ट जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
छात्रा ने कथित समझौते के दबाव की शिकायत भी की है।
मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच व अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
नोट: इस खबर में दुष्कर्म और समझौते के दबाव से जुड़े दावों को आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में FIR, निलंबन और गिरफ्तारी के प्रयास की जानकारी सामने आई है, जबकि अंतिम दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
The Meerut CCSU student rape case involves serious allegations against Sub-Inspector Lalit Mohan, who was posted at Medical Police Station in Meerut. The student has alleged that the police officer sexually assaulted her after promising marriage. An FIR was registered at Bhawnapur Police Station, and the accused SI has reportedly been suspended. Police teams have been deployed to locate and arrest him, while reports also indicate that the accused has approached the High Court seeking relief from arrest. The investigation is ongoing, and the allegations remain subject to legal and judicial proceedings.



















