नमस्कार,
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय ने 9 पेज का लेटर जारी किया, जिसमें मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र पर आरोप लगाए। जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस के एक्शन की जांच के लिए कमेटी बनाई गई। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे आंध्र प्रदेश के स्कूल में 6 साल के बच्चे की मौत कैसे हो गई?
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा की समीक्षा करेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
1. चीनी के दाम से राहत की उम्मीद, सरकार ने आयात शुल्क हटाया; अक्टूबर तक जारी रहेगा फैसला
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देश में लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए चीनी के आयात पर लगने वाला शुल्क हटा दिया है। सरकार का यह फैसला बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, चीनी की खेप का आयात अब से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। फिलहाल खुदरा बाजार में चीनी करीब 55 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है।
अक्टूबर के दौरान दिवाली और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सरकार का मानना है कि आयात शुल्क हटाने से बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
मुख्य बातें:
- केंद्र सरकार ने चीनी के आयात पर शुल्क हटाया।
- आयात की अनुमति 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगी।
- त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के बीच कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश।
2. शिक्षक की पिटाई के बाद 6 साल के बच्चे की मौत, विशाखापट्टनम में स्कूल पर गंभीर आरोप
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के एक स्कूल से छह साल के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक की पिटाई के बाद बच्चा डर के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा और बाद में उसकी मौत हो गई।
बताया गया कि कक्षा में लगे CCTV कैमरे में महिला शिक्षक द्वारा बच्चे को थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। इसके बाद बच्चा शिक्षक की गोद में ही गिर पड़ा। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षक की पिटाई से बच्चे को इतना सदमा लगा कि उसे हार्ट अटैक आ गया। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को पहले से कोई बीमारी थी या नहीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्य बातें:
- परिजनों ने शिक्षक पर बच्चे की पिटाई का आरोप लगाया है।
- CCTV फुटेज में बच्चे को शिक्षक के पास गिरते हुए देखा गया।
- मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगी।
3. लखनऊ में SBI अधिकारी ने पत्नी और बहन की हत्या के बाद खुद को गोली मारी, जांच जारी
लखनऊ में SBI के एक फील्ड अधिकारी पर अपनी पत्नी और बहन की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मारने का आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी बैंक अधिकारी अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा से मिलने के लिए बैंक पहुंचा था। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, जिसके बाद उसने कथित तौर पर पत्नी को गोली मार दी और वहां से फरार हो गया।
इसके बाद वह अपने घर पहुंचा और कथित रूप से अपनी बहन को भी गोली मार दी। पत्नी और बहन की हत्या के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे की वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्य बातें:
- पत्नी और बहन की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को गोली मारी।
- घटना के पीछे पारिवारिक या अन्य विवाद की जांच की जा रही है।
- पुलिस ने घटनास्थल और संबंधित लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
4. वंदे मातरम् पर कांग्रेस का नया प्रोटोकॉल, सिर्फ शुरुआती दो अंतरे गाए जाएंगे
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। पार्टी ने फैसला किया है कि उसके कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के छह अंतरों में से केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे।
यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा रहा है और यह कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि BJP के लिए यह राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन कांग्रेस के लिए वंदे मातरम् का महत्व अलग है।
दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूरा वंदे मातरम् नहीं गाना देशविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने 1937 के कांग्रेस के फैसले का भी उल्लेख किया।
मुख्य बातें:
- कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे गाए जाएंगे।
- पार्टी ने इसे लेकर नया प्रोटोकॉल तय किया है।
- फैसले को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
5. अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- पूरा वंदे मातरम् न गाना देशविरोधी; 1937 के फैसले का भी जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे देशविरोधी मानसिकता से जोड़कर देखा।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में राष्ट्रगीत के दो हिस्से किए थे और उनके अनुसार इससे मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा मिला। शाह ने दावा किया कि उस समय लिए गए फैसले के कारण देश के विभाजन की परिस्थितियों को मजबूती मिली।
शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और कांग्रेस के लिए यह भावनात्मक विषय है। उनके मुताबिक BJP इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखती है।
मुख्य बातें:
- अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
- शाह ने 1937 में वंदे मातरम् को लेकर हुए फैसले का जिक्र किया।
- कांग्रेस ने कहा कि वंदे मातरम् उसके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक विषय है।
6. जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी, पुलिस कार्रवाई समेत 8 मुद्दों की होगी जांच

नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित की है।
कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। कमेटी यह जांच करेगी कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई उचित थी या नहीं और क्या जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया।
जांच के दायरे में पेलेट गन, लाठीचार्ज, इलेक्ट्रिक बैटन और आंसू गैस के इस्तेमाल की जरूरत, पुलिसकर्मियों की पहचान, प्रदर्शनकारियों की निगरानी और कथित हिंसा जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज, आर्थिक सहायता और मुआवजे से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा कमेटी BNSS की धारा 152 और 163 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान लागू किए गए नियमों की भी समीक्षा करेगी।
मुख्य बातें:
- सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई।
- पुलिस बल के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार की जांच होगी।
- कमेटी कुल आठ प्रमुख मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
7. राम मंदिर निर्माण समिति में मनमानी के आरोप, चंपत राय ने पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा पर उठाए सवाल
राम मंदिर निर्माण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चंपत राय का आरोप है कि नृपेंद्र मिश्रा ने समिति में अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया और कई महत्वपूर्ण फैसलों में मनमानी की। उनके मुताबिक समिति की बैठकों में निर्माण से जुड़े फैसले लिए जाते थे, लेकिन बाद में कई मामलों में बदलाव कर नृपेंद्र मिश्रा की पसंद को प्राथमिकता दी गई।
चंपत राय ने यह भी कहा कि समिति की बैठकों में पूर्व NBCC चेयरमैन अनूप मित्तल भी शामिल होते थे। नृपेंद्र मिश्रा के सुझाव पर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं भवनों के डिजाइन और निर्माण से जुड़े कार्यों में नोएडा की एक डिजाइन एसोसिएट फर्म की भूमिका भी रही।
26 जून को चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 6 जुलाई को उन्होंने एक पत्र जारी कर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। अब नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर उनका नौ पेज का पत्र सामने आया है।
मुख्य बातें:
- चंपत राय ने नृपेंद्र मिश्रा पर समिति में मनमानी के आरोप लगाए।
- मंदिर निर्माण से जुड़े ठेके और फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए।
- चंपत राय के इस्तीफे और बाद में जारी पत्रों के बाद विवाद और गहरा गया।



















