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मुरादाबाद में दो मुस्लिम लड़कियों ने अपनाया हिंदू धर्म, आर्य समाज मंदिर में रचाई शादी, परिवार से जान का खतरा बताकर मांगी सुरक्षा!

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Moradabad Muslim Girls Convert to Hinduism and Marry Hindu Boys, Seek Yogi Adityanath’s Protection

 

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक और धार्मिक बहस को हवा दे दी है। जिले की दो मुस्लिम युवतियों ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाया और आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली। इन दोनों युवतियों ने अपने फैसले को पूरी तरह से स्वतंत्र और दबाव रहित बताया है, साथ ही अपनी जान को खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।

कौन हैं ये युवतियां?

मुरादाबाद की रहने वाली दो मुस्लिम युवतियां—स्वालेहीन और नूरफातिमा—ने 15 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित आर्य समाज मंदिर में धर्म परिवर्तन किया। इसके बाद दोनों ने अपने-अपने हिंदू प्रेमियों से विवाह कर लिया।

स्वालेहीन ने धर्म परिवर्तन कर “शालिनी” नाम रखा और मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के पंडित नगला निवासी अमित कुमार से विवाह किया।

नूरफातिमा ने अपना नया नाम “नीलम” रखा और भोजपुर थाना क्षेत्र निवासी गौरव कुमार से विवाह किया।

शादी का तरीका और प्रक्रिया

दोनों युवतियों ने आर्य समाज मंदिर में वैदिक विधि-विधान से विवाह संपन्न किया। आर्य समाज मंदिरों में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार धर्मांतरण के बाद शादी की जाती है। इसमें युवतियों ने पहले शपथपत्र दिया, फिर पूजा और हवन कर विवाह सम्पन्न किया गया।

 युवतियों की ज़ुबानी

शालिनी (पूर्व में स्वालेहीन) का कहना है कि वह तुर्क बिरादरी से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने पूरी तरह अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर अमित से शादी की है।

उनका दावा है कि उन्हें अपने परिवार की ओर से जान का खतरा है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुरादाबाद के प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

नीलम (पूर्व में नूरफातिमा) ने भी यही दोहराया। उन्होंने बताया कि वह गौरव कुमार से अपनी मर्जी से विवाह कर चुकी हैं और अब वह अपने नए जीवन के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। नीलम ने भी राज्य सरकार और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि उन्हें भी अपने मायके पक्ष से खतरा महसूस हो रहा है।

सुरक्षा की मांग क्यों?

दोनों लड़कियों ने प्रशासन से लिखित में सुरक्षा मांगी है। उनका कहना है कि उनके द्वारा लिया गया यह फैसला समाज और परिवार को स्वीकार नहीं है और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसलिए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष आग्रह किया है कि उन्हें उनके नए जीवन में चैन और सुरक्षा मिले।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे “लव जिहाद के उलट मामला” मान रहे हैं, तो कुछ इसे “निजी स्वतंत्रता और पसंद का अधिकार” बता रहे हैं।

वहीं कुछ वर्गों ने इसे समाज में “धर्मांतरण की नई दिशा” की संज्ञा दी है, जहां महिलाएं अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर रही हैं।

क्या कहता है कानून?

भारतीय संविधान के तहत हर व्यक्ति को अपने धर्म को चुनने और बदलने का अधिकार है। उत्तर प्रदेश में लागू ‘धर्मांतरण विरोधी कानून’ के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बिना किसी दबाव के, स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो वह वैध माना जाता है।

इस केस में अभी तक कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि दोनों युवतियों पर कोई दबाव था। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियों ने शपथ पत्र और विडियो रिकॉर्डिंग के साथ बयान दिए हैं कि उन्होंने स्वेच्छा से यह कदम उठाया है।

अब आगे क्या?

फिलहाल, दोनों नवविवाहित जोड़े अपने-अपने पतियों के साथ रह रहे हैं और उन्होंने अपने नए नाम के साथ जीवन शुरू कर दिया है। पुलिस प्रशासन इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सतर्क है और सुरक्षा संबंधी अनुरोधों की जांच कर रही है।

मुरादाबाद से आई यह खबर एक बार फिर इस सवाल को उठाती है कि क्या आज भी युवाओं को अपने जीवनसाथी और धर्म चुनने की आज़ादी है?

जहां एक ओर संविधान उन्हें यह अधिकार देता है, वहीं दूसरी ओर समाज और परिवार की मान्यताएं आज भी उस आज़ादी को चुनौती देती हैं। दोनों युवतियों के साहसिक निर्णय को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आज की युवा पीढ़ी अपने फैसलों के प्रति ज्यादा मुखर और जिम्मेदार हो रही है।

अगर आप इस विषय पर विचार साझा करना चाहते हैं, तो नीचे कॉमेंट करें।

यह खबर समाज में हो रहे बदलाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर एक अहम विमर्श को जन्म देती है।

Two Muslim girls from Moradabad, Uttar Pradesh—originally named Noor Fatima and Swaleheen—voluntarily converted to Hinduism and married Hindu boys at Arya Samaj Mandir in Hapur. Post conversion, they adopted the names Neelam and Shalini, respectively. Both couples claim the conversion and marriage were done without coercion, and the women have now requested security from Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath due to threats from their families. This case of interfaith marriage and voluntary religious conversion has sparked intense discussion across social media and local communities.

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