Bhadohi MLA Zahid Beg Gets Bail from Allahabad High Court in Maid Suicide Case
भदोही विधायक जाहिद बेग को नौकरानी आत्महत्या केस में हाईकोर्ट से जमानत
AIN NEWS 1: भदोही जिले के समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक जाहिद बेग को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला पिछले वर्ष सितंबर में उनके घर में हुई एक नौकरानी की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। हाईकोर्ट का यह फैसला विधायक और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मामला क्या है?
सितंबर 2024 में भदोही स्थित विधायक जाहिद बेग के आवास पर काम करने वाली 18 वर्षीय नौकरानी नाज़िया का शव फंदे से लटका हुआ मिला। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने विधायक जाहिद बेग और उनकी पत्नी सीमाबेग के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप था कि नौकरानी को घर में डांट-फटकार और मानसिक तनाव दिया गया, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली।
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और विपक्षी दलों ने सपा विधायक को कठघरे में खड़ा कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विधायक और उनकी पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने (BNS धारा 108) के आरोप में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की।
विधायक की दलील और जमानत याचिका
विधायक जाहिद बेग के वकील ने हाईकोर्ट में दलील दी कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण जरूर है, लेकिन इसका उनसे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उनका कहना था कि:
1. नौकरानी के परिवार ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया।
2. विधायक या उनके परिवार द्वारा कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव नहीं डाला गया।
3. घटना के दिन घर में सामान्य कार्य चल रहा था और किसी प्रकार की मारपीट या बदसलूकी की शिकायत दर्ज नहीं हुई।
वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि पूरे मामले में विधायक को फंसाया गया है और वे एक जनप्रतिनिधि हैं, जिनका समाज में सम्मानित स्थान है।
हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 जून 2025 को जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि:
प्राथमिक जांच पूरी हो चुकी है और आरोप-पत्र दाखिल कर दिया गया है।
विधायक के खिलाफ कोई ऐसा प्रत्यक्ष सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाया।
परिवार के बयान और जांच में भी कोई ठोस आधार नहीं मिला कि मानसिक प्रताड़ना दी गई हो।
इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने विधायक जाहिद बेग को जमानत दे दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जमानत मिलने के बाद विधायक को जांच में सहयोग करना होगा और वे गवाहों या सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
पत्नी को भी मिली राहत
विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमाबेग ने पहले ही अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी। कोर्ट ने कहा कि सीमाबेग के खिलाफ भी कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
जमानत आदेश के बाद सपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह न्याय की जीत है और विधायक को झूठे आरोपों में फंसाया गया था। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
अब आगे क्या?
जमानत के बाद जाहिद बेग अपने राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, मामला अभी ट्रायल कोर्ट में लंबित है और गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। वकीलों का कहना है कि यदि ट्रायल में विधायक बेग निर्दोष साबित होते हैं, तो यह उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ी राहत होगी।
भदोही के विधायक जाहिद बेग के लिए यह जमानत आदेश एक महत्वपूर्ण राहत है। हाईकोर्ट का यह फैसला दिखाता है कि बिना पर्याप्त सबूत के किसी पर गंभीर आरोप लगाना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि जांच और सबूत की भूमिका किसी भी आपराधिक केस में सबसे महत्वपूर्ण होती है।
Bhadohi MLA Zahid Beg, a Samajwadi Party leader, has been granted bail by the Allahabad High Court in connection with the maid suicide case that had sparked political controversy in Uttar Pradesh. The court cited a lack of direct evidence linking Zahid Beg to abetment of suicide and observed that the investigation and charge sheet are complete. This bail order is seen as a major relief for the MLA, whose arrest had created a political storm.


















