UP BJP sends list of 6 names for new state president, former deputy CM Dinesh Sharma included
यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए हाईकमान को भेजे गए 6 नाम, पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा भी दौड़ में
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश (यूपी) की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य अध्यक्ष पद के लिए छह नामों की लिस्ट तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। इन नामों में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले दो हफ्तों में, या उससे भी पहले, नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है।
क्यों अहम है नया अध्यक्ष?
यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है और 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है। ऐसे में नए अध्यक्ष का चुनाव बेहद रणनीतिक महत्व रखता है। यह पद पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जाता है।
भाजपा ने पूरे देश में 37 संगठनात्मक इकाइयों में से 25 से अधिक राज्यों में पहले ही नए अध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं। अब फोकस यूपी पर है, जहां वर्तमान में भूपेंद्र सिंह चौधरी (जाट नेता) प्रदेश अध्यक्ष हैं। नए अध्यक्ष उनके स्थान पर जिम्मेदारी संभालेंगे।
किसे भेजे गए नाम?
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि छह नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए हैं। इनमें जातीय समीकरण को संतुलित करने की कोशिश की गई है।
ब्राह्मण समुदाय से:
1. पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा – अपनी स्वच्छ छवि और शैक्षणिक योग्यता के लिए जाने जाते हैं। इन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और शीर्ष नेतृत्व का भरोसा प्राप्त है।
2. हरीश द्विवेदी – बस्ती से पूर्व सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं।
पिछड़े (OBC) समुदाय से:
3. धर्मपाल सिंह – लंबे समय से मंत्री और विधायक के तौर पर अनुभव रखते हैं। वर्तमान में यूपी सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।
4. बीएल वर्मा – वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। अनुशासित और सादगीपूर्ण संगठनकर्ता माने जाते हैं। इनके RSS से गहरे संबंध हैं।
दलित समुदाय से:
5. रामशंकर कठेरिया – पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। हिंदुत्व और दलित पहचान के लिए आक्रामक रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं।
6. विद्या सागर सोनकर – एमएलसी और पूर्वी यूपी में मजबूत संगठनात्मक पकड़ वाले नेता हैं।
निर्णय कब होगा?
भाजपा नेतृत्व इन नामों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पार्टी की कोशिश है कि जातीय समीकरण के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती और जनाधार पर भी ध्यान रखा जाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि जल्द ही नया अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
पार्टी की रणनीति क्या है?
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। पार्टी अब उस हार की भरपाई करना चाहती है और 2027 में सत्ता में वापसी के लिए तैयारी कर रही है। संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना इसी दिशा में अहम कदम है।
नए अध्यक्ष के सामने कई चुनौतियां होंगी, जैसे—
बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना
जातीय समीकरण को संतुलित करना
विपक्ष की रणनीतियों का मुकाबला करना
मोदी सरकार और योगी सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना
भूपेंद्र चौधरी का बयान
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “हमने अपनी ओर से आलाकमान को सुझाव भेज दिए हैं। अब नेतृत्व को निर्णय लेना है। हमें उम्मीद है कि नया अध्यक्ष बहुत जल्द मिल जाएगा।”
The UP BJP has forwarded six names to the central leadership for the position of state president. The list includes former deputy CM Dinesh Sharma, Harish Dwivedi, Dharmapal Singh, BL Verma, Ramshankar Katheria, and Vidya Sagar Sonkar. With the 2027 UP Assembly elections approaching, the BJP aims to strengthen its organizational structure and reverse its performance in the previous Lok Sabha elections. The final decision on the new UP BJP president is expected within two weeks.


















