spot_imgspot_img

₹20,000 से अधिक नकद ऋण अवैध, चेक बाउंस केस नहीं माना जाएगा: केरल हाईकोर्ट!

spot_img

Date:

Kerala High Court Rules: Cash Loan Over ₹20,000 Invalid, Cheque Bounce Case Not Maintainable

₹20,000 से अधिक नकद ऋण अवैध, चेक बाउंस केस नहीं माना जाएगा: केरल हाईकोर्ट

AIN NEWS 1: केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है, जिसने नकद ऋण और चेक बाउंस मामलों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर नई स्पष्टता दी है। अदालत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए ₹20,000 से अधिक का नकद ऋण दिया है, तो उस लेनदेन के आधार पर दायर किया गया चेक बाउंस केस (Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत) वैध नहीं माना जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था, जिसने दूसरे व्यक्ति को नकद रूप में ₹20,000 से अधिक का ऋण दिया और बदले में एक चेक लिया। जब वह चेक बाउंस हो गया, तो ऋणदाता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 269SS के तहत ₹20,000 से अधिक नकद लेन-देन करना प्रतिबंधित है।

अदालत का तर्क

न्यायमूर्ति का कहना था कि जब खुद ऋण का लेन-देन कानून के अनुरूप नहीं है, तो उस पर आधारित चेक बाउंस का मामला भी मान्य नहीं हो सकता। सरल शब्दों में, अगर ऋण देना ही गैरकानूनी तरीके से हुआ है, तो उसके बदले में लिए गए चेक के बाउंस होने पर आप कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते।

कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269SS कहती है कि किसी भी व्यक्ति को ₹20,000 या उससे अधिक राशि नकद के रूप में ऋण या जमा के रूप में नहीं दी जानी चाहिए। इसका उद्देश्य काले धन के उपयोग को रोकना है। इस प्रावधान के उल्लंघन पर आयकर अधिनियम की धारा 271D के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है, जो कि नकद ऋण की पूरी राशि के बराबर हो सकता है।

चेक बाउंस कानून (Negotiable Instruments Act)

चेक बाउंस से जुड़े मामलों में आमतौर पर धारा 138 के तहत कार्रवाई होती है। यह कानून कहता है कि यदि बैंक पर्याप्त बैलेंस न होने या अन्य कारणों से चेक को अस्वीकार कर देता है, तो चेक देने वाले व्यक्ति पर आपराधिक मामला चलाया जा सकता है। लेकिन यह तभी लागू होता है, जब लेन-देन वैध और कानूनी हो।

हाईकोर्ट का स्पष्ट संकेत

इस फैसले से यह साफ हो गया है कि अदालत केवल उन्हीं चेक बाउंस मामलों को मान्यता देगी, जो वैध ऋण या दायित्व पर आधारित हैं। यदि ऋण ही कानून के खिलाफ दिया गया है, तो उसके आधार पर चेक बाउंस केस को बनाए रखना गलत होगा।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि बहुत से लोग अब भी बड़े पैमाने पर नकद ऋण लेन-देन करते हैं और बाद में चेक बाउंस होने पर मामला दर्ज कर देते हैं। यह निर्णय लोगों को जागरूक करेगा कि बड़े नकद ऋण न दें और न ही लें।

आगे का असर

इस फैसले का असर केवल केरल में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो सकता है क्योंकि आयकर अधिनियम पूरे भारत में लागू होता है। इससे भविष्य में नकद ऋण देने वालों को सावधानी बरतनी होगी और लोग डिजिटल या बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही बड़े लेन-देन करना पसंद करेंगे।

क्या करना चाहिए?

यदि आप किसी को ऋण देना चाहते हैं तो ₹20,000 से अधिक राशि का लेन-देन चेक या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से करें। इससे न केवल आपका पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि भविष्य में किसी कानूनी विवाद में फंसने की संभावना भी कम होगी।

The Kerala High Court has ruled that any cash loan exceeding ₹20,000, which violates Section 269SS of the Income Tax Act, 1961, cannot form the basis of a cheque bounce case under Section 138 of the Negotiable Instruments Act. This judgment is significant for financial transactions in India as it emphasizes that only legally valid loans are enforceable through cheque bounce proceedings, promoting transparency and discouraging illegal cash dealings.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
27.1 ° C
27.1 °
27.1 °
65%
3.5m/s
94%
Sun
28 °
Mon
31 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related