Ghaziabad Police to Cancel DL and RC of 41,000 Drivers for Repeated Traffic Rule Violations
🚦 यूपी : गाजियाबाद में 41 हजार वाहन चालकों के DL और RC होंगे रद्द
AIN NEWS 1: गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब भारी पड़ सकता है। जिले में 41 हजार वाहन चालकों की पहचान की गई है, जिन्होंने बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़े हैं। पुलिस ने ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) रद्द करने की तैयारी चल रही है।
कार्रवाई क्यों जरूरी हुई?
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, शहर में हर दिन हजारों गाड़ियां चलती हैं। इसके साथ ही ट्रैफिक नियम तोड़ने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। पुलिस ने पाया कि बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जिन पर 10 या उससे ज्यादा ई-चालान दर्ज हैं।
एक ट्रैफिक अधिकारी ने कहा –
“हमने कई बार चेतावनी दी, जुर्माना लगाया, लेकिन बार-बार गलती करने वाले चालकों पर अब सिर्फ चालान से काम नहीं चलेगा। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए DL और RC रद्द करना ही जरूरी है।”
अब तक क्या हुआ?
पुलिस ने अभी तक 1,339 चालकों की सूची तैयार कर आरटीओ ऑफिस को भेज दी है।
इस सूची में शामिल वाहन मालिकों के DL और RC निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बाकी करीब 41,000 वाहन चालकों पर अगले दो महीनों में कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि कोई भी चालक कानून के दायरे से बाहर न निकल पाए।
पुलिस की सख्ती का मकसद
गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल सजा देने के लिए नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए है।
बार-बार नियम तोड़ने वाले चालक दूसरों की जान खतरे में डालते हैं।
हेलमेट और सीट बेल्ट का पालन न करना, रेड लाइट कूदना, तेज रफ्तार और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करना मुख्य कारण हैं।
ऐसे में केवल चालान भरवाना काफी नहीं, बल्कि DL और RC रद्द करना ही सबसे कारगर तरीका है।
आम नागरिकों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई पर गाजियाबाद के स्थानीय नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली।
राजेश शर्मा (व्यवसायी):
“सड़क पर नियम तोड़ने वालों की वजह से रोज खतरा बना रहता है। अगर पुलिस कड़ा कदम उठाती है तो हमें पूरी तरह समर्थन है। इससे लोग नियमों को गंभीरता से लेंगे।”
सोनिया गुप्ता (कॉलेज छात्रा):
“कभी-कभी चालान गलती से भी कट जाता है। ऐसे में तुरंत DL या RC रद्द करना सही नहीं है। पहले लोगों को सुधार का मौका मिलना चाहिए।”
ऑटो चालक सलीम:
“हम जैसे लोगों के पास तो गाड़ी ही रोज़ी-रोटी का जरिया है। अगर लाइसेंस रद्द हो गया तो परिवार का पेट कैसे भरेगा? सरकार को नियम बनाने चाहिए, लेकिन गरीबों के लिए थोड़ी नरमी भी होनी चाहिए।”
विशेषज्ञों की राय
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट एक्सपर्ट अनिल माथुर कहते हैं:
“भारत में सड़क हादसों की बड़ी वजह ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। जब तक सख्ती नहीं होगी, लोग सुधरेंगे नहीं। DL और RC रद्द करने से लोग डरेंगे और ट्रैफिक अनुशासन में सुधार होगा।”
किन कारणों से रद्द होंगे DL और RC?
1. 10 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ना।
2. बार-बार हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना।
3. रेड लाइट कूदना और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना।
4. शराब पीकर गाड़ी चलाना।
5. मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना।
6. ओवरलोडिंग और गलत लेन में गाड़ी चलाना।
जनता के लिए चेतावनी
पुलिस ने साफ कहा है कि आने वाले समय में गाजियाबाद ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
संदेश साफ है –
हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कीजिए।
ट्रैफिक सिग्नल का पालन कीजिए।
स्पीड लिमिट से तेज गाड़ी मत चलाइए।
नशे की हालत में गाड़ी बिल्कुल मत चलाइए।
अन्यथा, आपका लाइसेंस और RC कभी भी निरस्त किया जा सकता है।
असर और नतीजा
इस अभियान से उम्मीद है कि –
सड़क हादसों में कमी आएगी।
लापरवाह चालकों को सबक मिलेगा।
लोग ट्रैफिक नियमों का पालन गंभीरता से करेंगे।
गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और यह मॉडल अन्य जिलों में भी लागू होगा।
Ghaziabad traffic police and the Regional Transport Office (RTO) have launched a strict action plan against repeat traffic violators. More than 41,000 drivers have been identified for the cancellation of Driving Licenses (DL) and Registration Certificates (RC) due to repeated traffic fines and violations. The initiative aims to improve road safety in Ghaziabad, reduce accidents in Uttar Pradesh, and enforce strict traffic rules. Public reactions are mixed, but experts believe this step will ensure better discipline and safety on Indian roads.


















