spot_imgspot_img

12 फरवरी 2026: देश के प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट, जानिए कहां कैसी है हवा!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: हम हर दिन जिस हवा में सांस लेते हैं, वही हमारी सेहत की सबसे बड़ी आधारशिला है। लेकिन अगर यही हवा दूषित हो जाए, तो उसका असर सीधे हमारे फेफड़ों, दिल और पूरे शरीर पर पड़ता है। 12 फरवरी 2026 की सुबह 9:00 बजे तक जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े बताते हैं कि देश के कई बड़े शहरों में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

ओपनवेदरमैप के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश शहर “माध्यम” (Moderate) श्रेणी में हैं, जबकि कुछ स्थान “खराब” (Poor) श्रेणी में भी दर्ज किए गए हैं। आइए, शहर-दर-शहर समझते हैं कि कहां कैसी हवा दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर: प्रदूषण का दबाव बरकरार

दिल्ली और आसपास के शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर के बीच बनी हुई है।

दिल्ली (अलीपुर) – AQI 186

नोएडा (सेक्टर-1) – AQI 192

गुरुग्राम (विकास सदन) – AQI 179

चंडीगढ़ (सेक्टर-25) – AQI 148

दिल्ली और नोएडा का AQI 200 के करीब पहुंच चुका है, जो “माध्यम” श्रेणी में आता है, लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए यह स्तर जोखिम भरा हो सकता है। अस्थमा, सांस की बीमारी या दिल के मरीजों को बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उत्तर भारत के अन्य शहर

लखनऊ (लालबाग, वेस्ट) – AQI 184

पटना (DRM ऑफिस, दानापुर) – AQI 104

लखनऊ में हवा मध्यम श्रेणी में है और स्तर 200 के करीब है। वहीं पटना का AQI 104 है, जो मध्यम श्रेणी की शुरुआती सीमा में आता है। यहां स्थिति अन्य शहरों की तुलना में कुछ बेहतर कही जा सकती है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत

शिलांग (लुम्प्यंगनगाड) – AQI 212

कोलकाता (बालीगंज) – AQI 189

शिलांग का AQI 212 दर्ज किया गया है, जो “खराब” श्रेणी में आता है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक हो सकता है। वहीं कोलकाता में AQI 189 है, जो मध्यम श्रेणी में है, लेकिन प्रदूषण का दबाव यहां भी साफ दिखाई देता है।

पश्चिम और दक्षिण भारत की स्थिति

मुंबई (चकाला-अंधेरी ईस्ट) – AQI 165

हैदराबाद (बोलारम इंडस्ट्रियल एरिया) – AQI 165

चेन्नई (मनाली) – AQI 177

बेंगलुरु (BTM लेआउट) – AQI 152

दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े शहरों में भी हवा पूरी तरह साफ नहीं है। सभी शहर “माध्यम” श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। औद्योगिक इलाकों और यातायात की अधिकता वाले क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अधिक पाया गया।

AQI श्रेणियों को समझिए

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को छह श्रेणियों में बांटा गया है:

अच्छी (0-50)

संतोषजनक (51-100)

माध्यम (101-200)

खराब (201-300)

बहुत खराब (301-400)

गंभीर (401 से ऊपर)

12 फरवरी 2026 की सुबह 9:00 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:

अच्छी श्रेणी में – 0 शहर

संतोषजनक श्रेणी – 10

मध्यम श्रेणी – 70

खराब श्रेणी – 4

बहुत खराब – 0

गंभीर – 0

यह साफ संकेत देता है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में हवा पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

स्वास्थ्य पर क्या असर?

मध्यम श्रेणी का AQI सामान्य लोगों के लिए बहुत गंभीर नहीं होता, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह समस्या पैदा कर सकता है। “खराब” श्रेणी में आने पर सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि:

सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें

मास्क का उपयोग करें

घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें

ज्यादा पानी पिएं और फेफड़ों को मजबूत रखने वाली एक्सरसाइज करें

प्रदूषण बढ़ने की वजहें

शहरों में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं:

वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी

औद्योगिक उत्सर्जन

निर्माण कार्यों की धूल

ठंड के मौसम में स्मॉग का जमाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

क्या कहता है यह डेटा?

12 फरवरी 2026 की सुबह 9:00 बजे तक के आंकड़े यह दिखाते हैं कि देश के अधिकतर शहरों में हवा “माध्यम” श्रेणी में है। राहत की बात यह है कि कोई भी शहर “बहुत खराब” या “गंभीर” श्रेणी में नहीं पहुंचा। लेकिन यह भी सच है कि साफ हवा की श्रेणी में एक भी बड़ा शहर शामिल नहीं है।

यह स्थिति हमें सोचने पर मजबूर करती है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है।

हवा में घुलता प्रदूषण अब केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। 12 फरवरी 2026 की AQI रिपोर्ट बताती है कि देश के बड़े शहरों में हवा पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। हमें व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर कदम उठाने होंगे—चाहे वह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग हो, पेड़ लगाना हो या प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को सीमित करना।

साफ हवा केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।

The India Air Quality Index (AQI) report dated 12 February 2026 highlights pollution levels in major cities including Delhi, Noida, Gurugram, Lucknow, Mumbai, Hyderabad, Chennai and Kolkata. Most cities fall under the moderate AQI category, while some like Shillong are in the poor range. Rising air pollution due to vehicular emissions, industrial activity and construction dust continues to impact public health. Monitoring AQI levels regularly is crucial for residents, especially children, elderly people and those with respiratory conditions, to take necessary precautions and reduce health risks.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
36.1 ° C
36.1 °
36.1 °
26 %
2.6kmh
40 %
Sun
41 °
Mon
41 °
Tue
41 °
Wed
42 °
Thu
42 °
Video thumbnail
Amravati Sex Scandal : Amravati Video Scandal, Ayan Ahmed ने 180 लड़कियों को लाकर बनाए 350 वीडियो
07:44
Video thumbnail
PM Modi on Women Quota Bill : "मैं सभी माताओं–बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं"
00:40
Video thumbnail
जादूगर की कहानी सुना कर Rahul Gandhi ने PM मोदी पर किया तंज | Parliament Season
11:36
Video thumbnail
लोकसभा में Chandrashekhar Azad की फायर स्पीच, सीधे Akhilesh Yadav से सदन में कह दी ये बड़ी बात
07:37
Video thumbnail
Pinky Chaudhary Hindu Raksha Dal Exclusive : पाकिस्तानी आतंकी उड़ाने वाले थे हिंदू रक्षा दल
09:01
Video thumbnail
Meerut Central Market News : Bull Dozer Action से परेशान हुए लोग, योगी से लगाई मदद की गुहार !
16:51
Video thumbnail
UP Police ने रेप पीड़िता के साथ किया ऐसा कि Viral हो गया कांड, रोते हुए पीड़िता ने सुनाई भयावह कहानी
09:34
Video thumbnail
Rahul Gandhi Viral Video | PM Modi पर राहुल का तंज! #viralvideo #breakingnews #shorts #trending
00:03
Video thumbnail
Yogi Adityanath in West Bengal: गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे...
00:42
Video thumbnail
Amit Shah : धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण देना ग़ैर संवैधानिक है
00:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related