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समंदर चाचा उर्फ ‘ह्यूमन GPS’ मुठभेड़ में ढेर: गुरेज सेक्टर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता

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AIN NEWS 1 | जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर में सुरक्षाबलों ने गुरुवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। लंबे समय से मोस्ट वांटेड आतंकी बागू खान, जिसे आतंकी दुनिया में समंदर चाचा और ह्यूमन GPS के नाम से जाना जाता था, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया।

बागू खान का आतंकियों के बीच इतना नाम था कि उसे “ह्यूमन GPS” कहा जाता था। वजह साफ थी—गुरेज सेक्टर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के आसपास के गुप्त रास्तों, पहाड़ी इलाकों और प्राकृतिक बाधाओं की उसे ऐसी जानकारी थी जैसे किसी नक्शे पर बनी हुई लाइनों की। इसी कारण उसने अकेले ही पिछले तीन सालों में 100 से अधिक बार आतंकियों की घुसपैठ कराने में मदद की।

बचपन से ही आतंकी गतिविधियों से जुड़ा

बागू खान का जीवन आम नहीं था। बताया जाता है कि 1955 से ही वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहा था। वहीं से उसने आतंकी संगठनों के लिए काम करना शुरू किया। हिजबुल मुजाहिदीन का हिस्सा रहते हुए उसने एलओसी के पार से घुसपैठ कराने और आतंकियों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाने की कई योजनाएं बनाई और उन्हें सफल भी किया।

सालों तक वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से बचता रहा। कभी गुरेज की घाटियों में तो कभी पड़ोसी इलाकों की बर्फीली पहाड़ियों में छिपकर वह आतंकियों को भारत में भेजता रहा। उसके कारण गुरेज सेक्टर लगातार आतंकियों की नजर में रहा और यहां से कई बार घुसपैठ की कोशिशें होती रहीं।

100 से अधिक बार कराई घुसपैठ

बागू खान की असली ताकत उसकी गहरी जानकारी थी। वह इलाके के हर गुप्त रास्ते, हर जंगल और हर दर्रे को जानता था। यही वजह थी कि अलग-अलग आतंकी संगठनों को उसकी जरूरत पड़ती थी। चाहे हिजबुल हो या कोई और आतंकी गिरोह—सबके लिए बागू खान एक ‘संपत्ति’ था।

जानकारों के अनुसार, सिर्फ पिछले तीन सालों में उसने 100 से अधिक बार आतंकियों की घुसपैठ करवाई। घुसपैठ के दौरान वह उन्हें सही समय, सही जगह और सही रास्ता बताता था। इसके चलते कई बार सुरक्षा बलों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

ऑपरेशन की शुरुआत

28 अगस्त 2025 की रात को सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली कि बागू खान अपने साथियों के साथ एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। तुरंत ही सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। गुरेज सेक्टर की बर्फीली घाटियों और घने जंगलों में घंटों तक तलाशी अभियान चलता रहा।

जैसे ही सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी, आतंकियों को चेतावनी दी गई। इस पर आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए दो आतंकियों को मार गिराया, जिनमें से एक बागू खान था।

इलाके में आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका

बागू खान की मौत को सुरक्षा एजेंसियां एक बड़ी सफलता मान रही हैं। दरअसल, उसके मारे जाने से गुरेज सेक्टर और आसपास के इलाकों में आतंकियों का लॉजिस्टिक नेटवर्क कमजोर हो गया है। बागू ही वह शख्स था जो आतंकियों को छिपने की जगह, रास्ते और सुरक्षा का भरोसा देता था।

अब जबकि वह मारा गया है, माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें काफी कम होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों में भी राहत की भावना है कि एक लंबे समय से क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बने इस शख्स का अंत हो गया।

सुरक्षाबलों का बयान

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया—
“हमारे सतर्क जवानों ने गुरेज सेक्टर में संदिग्ध गतिविधि देखी। घुसपैठियों को चुनौती दी गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। हमारे जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दो आतंकियों को मार गिराया। ऑपरेशन के बाद भी इलाके में तलाशी अभियान जारी रहा ताकि कोई और आतंकी छिपा न हो।”

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गुरेज और आसपास के गांवों के लोग इस मुठभेड़ के बाद राहत महसूस कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा—“समंदर चाचा का नाम सुनते ही डर लगने लगता था। हमें लगता था कि यह आदमी कभी पकड़ा नहीं जाएगा। लेकिन अब जब वह मारा गया है, तो हमें उम्मीद है कि इलाके में शांति लौटेगी।”

पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका

बागू खान लंबे समय से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहा था। उसके जरिए ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से आतंकियों को भारत में भेजा जाता था। अब उसके मारे जाने से पाकिस्तान की उन योजनाओं को भी झटका लगा है, जिनमें गुरेज सेक्टर को घुसपैठ का आसान रास्ता बनाया गया था।

बागू खान उर्फ समंदर चाचा का अंत केवल एक आतंकी की मौत नहीं है, बल्कि यह उस नेटवर्क का टूटना है जिसने सालों से जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा दिया। सुरक्षा बलों की यह सफलता दिखाती है कि लगातार चौकसी और खुफिया जानकारी के आधार पर कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

अब गुरेज सेक्टर में लोग और सुरक्षाबल दोनों एक नई उम्मीद के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं—एक ऐसा भविष्य जहां शांति और सुरक्षा हो।

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