पाकबड़ा में सरकारी तालाब की जमीन से हटाया गया अवैध निर्माण, बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने नगर पंचायत को सौंपी जमीन
AIN NEWS1 (मुरादाबाद)। मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा क्षेत्र में सरकारी तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। मंगलवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच दिल्ली हाईवे के किनारे स्थित एक अवैध मजार और उससे जुड़े निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों की जांच, सीमांकन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई।
इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, नगर पंचायत और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और कब्जामुक्त कराई गई सरकारी भूमि नगर पंचायत को सौंप दी गई।

सरकारी तालाब की भूमि पर था अवैध कब्जा
प्रशासन के अनुसार दिल्ली हाईवे के पास स्थित गाटा संख्या 1180 की लगभग 1620 वर्गमीटर सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से मजार और उससे संबंधित अन्य निर्माण कर लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने अभिलेखों की जांच की और जमीन का सीमांकन कराया। जांच में भूमि सरकारी तालाब की पाई गई, जिसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
संबंधित पक्षों को नियमों के तहत नोटिस जारी किए गए और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। मंगलवार सुबह प्रशासनिक टीम बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची और कुछ ही समय में अवैध निर्माण को हटाकर भूमि को कब्जामुक्त करा लिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। चूंकि यह कार्रवाई दिल्ली हाईवे के समीप की गई थी, इसलिए यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी पहले से तैयार की गई थी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित की, जिससे कार्रवाई बिना किसी विरोध या विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराना है। किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह राजस्व रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।
नगर पंचायत को सौंपी गई कब्जामुक्त जमीन
अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित सरकारी भूमि को नगर पंचायत के सुपुर्द कर दिया गया। अब नगर पंचायत इस भूमि का उपयोग सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करेगी और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा एवं निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी तालाबों और सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। यदि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिलती हैं, तो नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने उठाई अन्य अतिक्रमण हटाने की मांग
बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया। उनका कहना है कि पाकबड़ा और आसपास के क्षेत्रों में कई सरकारी तालाबों, श्मशान घाटों तथा अन्य सार्वजनिक भूमि पर भी लंबे समय से अवैध कब्जे बने हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण के कारण सरकारी भूमि का दायरा कम होता जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि जिस प्रकार सरकारी तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है, उसी प्रकार अन्य सरकारी जमीनों पर भी निष्पक्ष और समान कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का किया पालन
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी विशेष व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक राजस्व अभिलेखों की जांच, सीमांकन और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बुलडोजर कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने यह भी कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यदि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित विभाग जांच कर नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाएंगे।
सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा पर बढ़ा जोर
हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सरकारी भूमि, तालाबों, चारागाहों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए विभिन्न जिलों में अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को संरक्षित करना और उनका उपयोग जनहित के लिए सुनिश्चित करना है।
पाकबड़ा की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य सरकारी तालाबों, श्मशान घाटों और सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ भी इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी।
पाकबड़ा में सरकारी तालाब की भूमि पर बने अवैध निर्माण को हटाकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने के लिए पूरे क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए, ताकि तालाब, श्मशान और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां भविष्य के लिए संरक्षित रह सकें।
The Pakbada illegal mazar demolition has become a significant anti-encroachment drive in Moradabad, where the district administration removed an illegal structure built on government pond land after completing the required legal procedures. The operation was conducted with heavy police deployment, and officials handed over the encroachment-free land to the local civic body. The action has also intensified public demand for similar measures against illegal encroachments on other government properties across Uttar Pradesh.


















